यूं कोरोना हॉटस्पॉट बनने से से बचा धौलपुर

धौलपुर. निजामद्दीन तब्लीगी जमात से लौटे युवक के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद धौलपुर के नॉर्मल स्पॉट से हॉटस्पॉट बनने की आशंकाएं प्रबल हो गई थीं। इसक प्रमुख कारण था कि युवक कई दिनों तक धौलपुर शहर के बाजारों में घूमा था और कई रिश्तेदारों, दोस्तों के यहां भी रुका था। लेकिन लोगों की जागरूकता तथा पुलिस-प्रशासन की रणनीति के कारण धौलपुर हॉट स्पॉट बनने से बच गया।

By: Naresh

Published: 18 Apr 2020, 03:37 PM IST

यूं कोरोना हॉटस्पॉट बनने से से बचा धौलपुर
धौलपुर. निजामद्दीन तब्लीगी जमात से लौटे युवक के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद धौलपुर के नॉर्मल स्पॉट से हॉटस्पॉट बनने की आशंकाएं प्रबल हो गई थीं। इसक प्रमुख कारण था कि युवक कई दिनों तक धौलपुर शहर के बाजारों में घूमा था और कई रिश्तेदारों, दोस्तों के यहां भी रुका था। लेकिन लोगों की जागरूकता तथा पुलिस-प्रशासन की रणनीति के कारण धौलपुर हॉट स्पॉट बनने से बच गया।
यह अपनाई रणनीति
सबसे पहले पुलिस ने युवक के मोबाइल से सीडीआर निकालकर उसके आवागमन के स्थान चिह्नित किए। इस दौरान परिवार के बारह लोगों के अलावा सम्पर्क में 15 जनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनको परिजनों को आइसोलेट किया और सभी के नमूने लिए। वहीं जहां-जहां घूमा, वहां पर सेनिटाइजेशन किया। साथ ही उसके निवास स्थान से एक किलोमीटर क्षेत्र में कफ्र्यू लगा दिया। साथ ही दो बार स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान करीब साढ़े हजार जुकाम, खांसी व बुखार के मरीजों का इलाज कराया गया। वहीं रेण्डली नमूने लिए और जांच के लिए जयपुर भिजवाएं। इसके अलावा कफ्र्यू ग्रस्त क्षेत्र में लगे पुलिसकर्मियों, चिकित्सकों तथा पैरामेडिकल स्टाफ व सर्वे टीम के नमूने लिए गए।
यह आई चुनौती
कोरोना पॉजिटिव युवक के क्षेत्र में प्रशासन ने कफ्र्यू तो लगा दिया, लेकिन दो दिन तक लोगों को राशन व सब्जी, दूध की किल्लत आने लगी तो लोगों ने प्रशासन को फोन करना शुरू कर दिया। वहीं क्षेत्र में 500 ऐसे परिवार थे, जो केवल समाजसेवियों के भरोसे ही खाना खा रहे थे। प्रमुख बात यह थी कि इस इलाके में कोई भी दूधिया, सब्जी वाला जाने को तैयार नहीं था। वहीं कोई भी राशन की दुकान नहीं खोल रहा था। ऐसे में प्रशासन को खाद्य सामग्री की उपलब्धता कराना बड़ी चुनौती लगी। इससे निपटने के लिए पुलिसकर्मियो के जाप्ता के साथ सब्जी तथा दूध वालों को खड़ा किया गया। वहीं प्रशासन ने पुलिस के माध्यम से चक्कियां खुलवाई। इसके अलावा उपभोक्ता भण्डार तथा केवीएसएस की दस बैनों के माध्यम से राशन पहूुंचवाया। इसके बाद अन्य लोगों को भोजन के पैकेट पहुंचवाए।
ये भी किए जा रहे प्रयास
1. राजकीय चिकित्सालयों से भीड़ कम करने के लिए धौलपुर में दस, बाडी में पांच जगह ओपीडी की व्यवस्था
2. सब्जी मण्डी बंद कर खुले मैदान में स्थापित कराना।
3. पीडीएस गेहूं को पर्ची के माध्यम से डीलर से बंटवाना।
4. बैंकों में भीड़ कम करने के लिए डाकघर, आईपीपीबी, बीसी, सीएससी के माध्यम से घर बैठे ही राशि का भुगतान।
5. दो बार स्क्रीनिंग कराना

इनका कहना है
जिले में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए कई रणनीति बनाई गई हैं। साथ ही संदिग्धों के टेस्टिंग तथा रेण्डमली टेस्टिंग से धौलपुर हॉटस्पॉट बनने से बच गया। लेकिन अभी आगरा, मुरैना तथा बयाना के हॉटस्पॉट बने होने से जिले के बचाना भी चुनौती है।
आरके जायसवाल, जिला कलक्टर, धौलपुर।

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