मचकुण्ड ने सूनापन झेला, छतरिया ताल पर लग गया मेला

धौलपुर. देवछठ पर रविवार को मचकुण्ड सरोवर पर स्नान करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को रोकने में पुलिस-प्रशासन कामयाब रहा। मचकुण्ड परिसर में रविवार को कफ्र्यू जैसे हालात रहे लेकिन, पास ही बने छतरिया ताल पर मेला जुट गया। इसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने

By: Naresh

Published: 13 Sep 2021, 06:26 AM IST

मचकुण्ड ने सूनापन झेला, छतरिया ताल पर लग गया मेला

- देवछठ पर मचकुण्ड सरोवर में रही पुलिस-प्रशासन की सख्ती

- पास के छतरिया ताल पर जुट गए हजारों श्रद्धालु

- दुकानें भी सज गईं, पर पुलिस-प्रशासन को नहीं दिखीं

धौलपुर. देवछठ पर रविवार को मचकुण्ड सरोवर पर स्नान करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को रोकने में पुलिस-प्रशासन कामयाब रहा। मचकुण्ड परिसर में रविवार को कफ्र्यू जैसे हालात रहे लेकिन, पास ही बने छतरिया ताल पर मेला जुट गया। इसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। इतना ही नहीं, यहां पर दुकानें भी सज गईं और लोगों ने खूब खरीदारी भी की। यहां न तो पुलिस-प्रशासन की कोई सख्ती दिखाई दी और न ही लोगों में जागरुकता दिखी। रविवार को ऐसा लगा कि सभी यह मान कर चल रहे हैं कि कोरोना संक्रमण का फैलाव सिर्फ मचकुण्ड सरोवर में नहाने से ही होगा, जबकि छतरिया ताल कोरोना मुक्त है। बता दें, कोविड 19 को देखते जिला प्रशासन ने दो दिन पहले ही सभी मेलों को स्थगित कर दिया था। इसके बाद भी दो दिवसीय मचकुण्ड के मेले में पहले दिन ऋषि पंचमी पर शनिवार को सभी इंतजामात को धता बताते हुए हजारों श्रद्धालु मचकुण्ड सरोवर पहुंच गए। वहीं, दूसरे दिन छतरिया ताल पर मेला लगा दिया।देवछठ पर भरता है प्रमुख मेलाउल्लेेखनीय है कि मचकुण्ड पर प्रमुख मेला देवछठ को ही लगता है। इसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटते थे। कोरोना काल के चलते गत वर्ष भी मेला नहीं लग पाया था। वहीं, इस बार भी कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर इस पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि, श्रद्धालुओं ने प्रशासन के निर्देशों को दरकिनार कर दिया। इसी प्रकार बाबू महाराज के मेले में भी प्रशासन के आदेशों की धज्जियां उड़ती दिखाई दी थीं।मचकुण्ड मार्ग पर भी निकला श्रद्धालुओं का रेलारविवार को मचकुण्ड परिसर में किसी भी श्रद्धालु को प्रवेश नहीं देने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया लेकिन, मचकुण्ड मार्ग से श्रद्धालुओं को रेला लगातार निकलता रहा। इस दौरान उनको रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया। कुछ जगह बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस ने वाहनों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे खेतों में होकर निकल गए। प्रशासन ने मचकुण्ड परिसर स्थित मंदिरों के पट भी बंद करा दिए। वहीं कुछ श्रद्धालुओं के जबरन घुसने पर पुलिस ने हल्का बल भी प्रयोग कर दिया। इस पर श्रद्धालुओं ने छतरिया ताल से ही मंदिरों का ध्यान कर मनौती मांगी। वहीं, नवविवाहित जोड़ों ने मोहरी-किलंगी का विसर्जन भी छतरिया ताल में ही कर दिया।महिला डूबी, तुरंत निकाला बाहरछतरिया ताल पर हजारों की संख्या में पहुंची श्रद्धालुओं की भीड़ के दौरान एक महिला पैर फिसलने के चलते ताल में डूब गई। लोगों के देखने पर चीख-पुकार मच गई। इस दौरान वहां पहुंचे तहसीलदार भागवतशरण त्यागी ने लोगों तथा अपनी टीम की मदद से महिला को तुरंत बाहर निकाला। साथ ही प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद महिला सामान्य हो गई। मौके पर भीड़ लग गई।दो बजे छतरिया ताल पर प्रशासन की कार्रवाईछतरिया ताल पर दिन भर मेला भरने के बाद दोपहर दो बजे प्रशासन की आंख खुली। इस दौरान तहसीलदार मय पुलिस बल ताल पर पहुंचे और श्रद्धालुओं को ताल से निकालकर घरों की ओर रवाना किया। इस दौरान पुलिस ने लोगों को कोरोना का हवाला देते हुए सार्वजनिक स्थान पर भीड़ नहीं करने की हिदायत दी। इसके बाद वहां पर भी सन्नाटा पसर गया। धौलपुर. छतरिया ताल पर श्रद्धालुओं को हटाने के लिए पहुंचा पुलिस बल।

Show More

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned