अब और शुद्ध होगा एसटीपी का पानी, खेतीबाड़ी में आएगा काम, परिषद कमाएगी दाम

धौलपुर. नगरपरिषद की ओर से तगावली में स्थापित एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) को अब और अपग्रेड कर आधुनिक प्लांट लगाया जाएगा। इससे एसटीपी में साफ हो रहा सीवर का पानी अब और शुद्ध हो सकेगा। इसके बाद साफ होकर निकलने वाले पानी का उपयोग खेती बाड़ी, कृषि भूमि, औद्योगिक कारखानों में उपयोग हो सकेगा

By: Naresh

Published: 20 Feb 2021, 11:10 AM IST

अब और शुद्ध होगा एसटीपी का पानी, खेतीबाड़ी में आएगा काम, परिषद कमाएगी दाम
-आठ करोड़ रुपए की आएगी लागत, स्थानीय निकाय निदेशालय को भेजे प्रस्ताव
-एनजीटी के नियमों की भी होगी पालना
महेश गुप्ता
धौलपुर. नगरपरिषद की ओर से तगावली में स्थापित एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) को अब और अपग्रेड कर आधुनिक प्लांट लगाया जाएगा। इससे एसटीपी में साफ हो रहा सीवर का पानी अब और शुद्ध हो सकेगा। इसके बाद साफ होकर निकलने वाले पानी का उपयोग खेती बाड़ी, कृषि भूमि, औद्योगिक कारखानों में उपयोग हो सकेगा। इस पानी को बेच कर नगरपरिषद राजस्व में भी बढ़ोतरी करेगी। फिलहाल पानी शुद्ध नहीं होने के कारण बीहड़ों में फालतू फेंका जा रहा है। इसमें परिषद के काफी संसाधन भी उपयोग में आ रहे हैं।
भेजे आठ करोड़ रुपए के प्रस्ताव

नगरपरिषद की ओर से तगावली में एसटीपी का निर्माण किया हुआ है। जहां पर वर्तमान में शहर के सीवरेज का पानी जाकर ट्रीट होता है। साफ होकर निकलने वाले पानी की मात्रा में बीओडी (बायोलॉजिक ऑक्सीजन डिमाण्ड) निर्धारित मात्रा से अधिक होने के कारण इस पानी का कोई उपयोग नहीं हो रहा है। जबकि नेशनल ग्रीन ट्रब्यूनल की ओर से बीओडी की मात्रा केवल दस निर्धारित की गई है। इसके चलते करीब ढाई वर्ष पूर्व नगरपरिषद ने आधुनिक प्लांट बनाने के लिए एक कम्पनी को चार करोड़ रुपए में ठेका भी दे दिया। लेकिन कम्पनी प्लांट को अपग्रेडेशन नहीं कर पाई। कम्पनी का कहना था कि नए प्लांट के लिए जो जगह चिह्नित की हुई है, वह दलदल है। ऐसे में उस पर प्लांट नहीं बनाया जा सकता है। ऐसे में परिषद ने उसका ठेका निरस्त कर दिया। लेकिन इस वित्तीय वर्ष में चार करोड़ रुपए की राशि लेप्स होने के कगार पर पहुंच गई। इस पर नगरपरिषद आयुक्त, सभापति सहित राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा ने इस सम्बंध में डीएलबी निदेशक से बैठक कर पूरे मामले से अवगत कराया। साथ ही बताया कि तगावली एसटीपी परिसर में ही आधुनिक तकनीक एसबीआर (सीक्वेंसिंग बैच रिएक्टर) से दूसरे स्थान पर प्लांट लगाया जा सकता है, लेकिन उसके लिए चार करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि की आवश्यकत पड़ेगी। इस पर निदेशक से मौखिक स्वीकृति देते हुए मामले में सहमति जताई है। इसके बाद परिषद ने इसके प्रस्ताव भी निदेशालय को भेज दिए हैं। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा।

अभी यह स्थिति

शहर से निकलने वाले सीवर के पानी में 300 से ऊपर बीओडी मौजूद है। इसे एसटीपी में ट्रीट करने के बाद भी इसकी मात्रा 50 तक ही पहुंच रही है। लेकिन एनजीटी के मापदण्डों के अनुसार इसे दस तक लाना है। ऐसे में प्लांट के अपग्रेड करने की आवश्यकता थी। अब बीओडी की मात्र दस आने के बाद पानी शुद्ध हो जाएगा। इसे बोतल में भरने के बाद भी इसमें अनावश्यक पाट्र्स नहीं दिखाई देंगे। ऐसे में इसे खेती बाड़ी, उद्योग आदि में उपयोग किया जा सकेगा।

हो चुका है सर्वे

तगावली में नए अपग्रेड प्लांट लगाने के लिए एमएनआईटी जयपुर की टीम प्रोफेसर वाईपी यादव के नेतृत्व में एसटीपी का दौरा भी कर चुकी है। साथ ही इसके लिए उपयुक्त स्थान का चयन भी कर लिया है। वहीं परिषद के पास पहले से ही चार करोड़ रुपए उपलब्ध हैं। अतिरिक्त चार करोड़ रुपए की राशि की स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा।


इनका कहना है

एसटीपी अपग्रेड होने के बाद बीओडी की मात्रा 50 से दस आ जाएगी। इसके लिए निदेशालाय को प्रस्ताव भेज दिए गए हैं। इसके बाद पानी का उपयोग खेती बाड़ी व उद्योग में किया जा सकेगा। पानी को बेचने से परिषद की अतिरिक्त आय में वृद्धि हो सकेगी।
सौरभ जिंदल, आयुक्त, नगरपरिषद, धौलपुर।

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