एक हीं दिन में वापस लिया पटाखों के भण्डारण, विक्रय पर रोक का आदेश

धौलपुर. कोरोना संक्रमण के चलते जिला प्रशासन की ओर से मंगलवार शाम को पटाखों के भण्डारण, विक्रय व निर्माण पर लगाई गई रोक को जिला प्रशासन ने बुधवार को वापस ले लिया। अब जिले में कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। जिला कलक्टर राकेश कुमार जायसवाल ने बताया कि मंगलवार को जारी किए आदेश वापस ले लिए गए हैं।

By: Naresh

Published: 08 Oct 2020, 10:46 AM IST

एक हीं दिन में वापस लिया पटाखों के भण्डारण, विक्रय पर रोक का आदेश

मंगलवार शाम किया था जारी

धौलपुर. कोरोना संक्रमण के चलते जिला प्रशासन की ओर से मंगलवार शाम को पटाखों के भण्डारण, विक्रय व निर्माण पर लगाई गई रोक को जिला प्रशासन ने बुधवार को वापस ले लिया। अब जिले में कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। जिला कलक्टर राकेश कुमार जायसवाल ने बताया कि मंगलवार को जारी किए आदेश वापस ले लिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को जिले में पटाखा विक्रय तथा प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसे लेकर शहरके सामाजिक व धार्मिक संगठनों की बैठक भी ली गई थी। इसके पीछे बताया था कि कोरोना संक्रमण में वृद्धि को रोकने के लिए यक कदम उठाया गया है। जिससे वायु प्रदूषण रोका जा सके, सर्दियों में अस्थमा के मरीजों को इससे अधिक समस्या हो सकती है।

बैठक के दौरान कलक्टर ने कहा की कोरोना संक्रमण का प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है। जिसके कारण पूरे देश भर में एक लाख से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, कोरोना संक्रमण के 75 हजार से अधिक मामले प्रति दिन सामने आ रहे हैं। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में ग्रीष्म ऋतु समाप्ति की ओर है तथा सर्दी के मौसम का आगमन हो रहा है। ऐसे में और अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कहा कि पटाखों के कारण उत्पन्न होने वाले प्रदूषण से अस्थमा, श्वास रोगियों इस स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। साथ ही ऐसे रोगियों की संख्या में विस्तार संभावित है। कोरोना मरीजों के परिपेक्ष में देखा जाए तो उनके स्वास्थ्य पर भी पटाखों से निकलने वाले धुंआ का विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे मरीज जो पॉजिटिव पाए जाने के उपरांत रिकवर हो चुके हैं, उनके स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। कोरोना संक्रमण से मनुष्य का स्वशन तंत्र सबसे अधिक प्रभावित होता है। इससे उनके जान को भी खतरा हो सकता है। ऐसे में पटाखों से होने वाले प्रदूषण पर रोक जरूरी है। आगामी दीपावली पर्व पर किसी भी प्रकार के पटाखों का प्रयोग नहीं करके अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन किया जाए। केवल दीप प्रज्ज्वलित करके दीपावली पर्व मनाएं। इस दौरान दीपावली के पर्व को पटाखा रहित दिपावली के रूप में मनाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि एपिडेमिक एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के तहत जिले में पटाखों का प्रयोग पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। इसका भंडारण, विक्रय तथा प्रयोग पूर्ण रूप से दंडनीय अपराध होगा। उपखंड अधिकारी तथा तहसीलदार को इस सम्बंध में निर्देश दिए, ताकि कहीं भी इस प्रकार पटाखों का विक्रय, भंडारण न हो सके। उन्होंने लाइसेंस धारी पटाखा व्यापारियों को नोटिस तामिल करवाकर पटाखों के विक्रय भंडारण नहीं करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इस बार किसी भी व्यापारी को पटाखे विक्रय के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छावनी, पचगांव सहित अन्य जगहों पर अवैध रूप से पटाखा निर्माण की जानकारी संज्ञान में आई है, इन जगहों पर अगर कोई व्यक्ति पटाखे बनाते या विक्रय करते हुए पाया जाता है तो उसे एपिडेमिक एक्ट के अंतर्गत गिरफ्तार किया जाएगा। बैठक के दौरान उपखंड अधिकारी धीरेंद्र सिंह, तहसीलदार भगवतशरण त्यागी, आयुक्त नगरपरिषद सौरभ जिंदल, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, स्वयंसेवी सगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned