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धौलपुर

भीषण गर्मी में 22 गेट वाला पार्वती डेम भी हांफा, नजरें मानसूनी बरसात पर

– बांध में पानी 9 मीटर गिरकर 214 पर आया

– सिंचाई विभाग ने बांध के मेंटेंनेंस के दौरान कराई साफ-सफाई

धौलपुरJun 12, 2024 / 06:13 pm

Naresh

भीषण गर्मी में 22 गेट वाला पार्वती डेम भी हांफा, नजरें मानसूनी बरसात पर Parvati Dam with 22 gates also panted in the scorching heat, eyes on monsoon rains

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– बांध में पानी 9 मीटर गिरकर 214 पर आया

– सिंचाई विभाग ने बांध के मेंटेंनेंस के दौरान कराई साफ-सफाई

धौलपुर. भीषण गर्मी से शहर का जलस्तर गिरने के साथ डेम और तालाब भी सूखने के कगार पर पहुंच चुके हैं और पानी धरातल पर पहुंच गया है। जिले के सबसे बड़े बांध पार्वती बांध का जल स्तर 9 मीटर गिरकर 214 मीटर पर आ गया है। जिससे डेम पर आश्रित गांवों को पेयजल सप्लाई में बांधी आ रही है। हालांकि मानसून का सीजन सिर पर है। जिसको लेकर सिंचाई विभाग ने भी अपनी तैयारियां प्रारंभ कर दी है। विभाग ने जिले के सबसे बड़े पार्वती बांध का मेंटनेंस कार्य करा दिया है। जिसके तहत डेम की मरमत से लेकर साफ-सफाई सहित अन्य कार्य कराए गए। विभाग ने मेंटेनेंस कार्य के लिए 2.50 लाख रुपए का इंस्टीमेंट तैयार किया था। जिसके तहत बांध की साफ-सफाई कराई गई।
गर्मी के चलते लगातार गिर रहा जलस्तर

इस सीजन रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने सभी को हलाकान कर दिया। सूर्य की प्रचंड किरणों से धरती के कोख का जल भी सूखने लगा है। और शहर का वाटर लेवल कई जगह 250 से 300 फीट नीचे पहुंच गया। वहीं सरमथुरा सहित आसपास के 100 अन्य गांवों के लोगों और खेतों की प्यास बुझाने वाले जिले के सबसे बड़े डेम पार्वती डेम का भी जल स्तर 9 मीटर गिरकर 214 मीटर पर रह गया। पार्वती डेम के जलस्तर की कुल क्षमता 223 मीटर है। क्षेत्र के गिरते जल स्तर को लेकर सिंचाई विभाग ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। जिसको लेकर मानसून सीजन आने से पहले जिले के सबसे बड़े डेम पार्वती डेम का मेंटेंनेस करा दिया है। जिसके तहत डेम के क्षतिग्रस्त क्षेत्रों को दुरस्त कराने के साथ उसकी साफ-सफाई भी करा दी गई है। जिससे मानसून सीजन के दौरान डेम में जल भराव के दौरान कोई परेशानी ना हो।
सरमथुरा के 100 गांवों की बुझाता है प्यास

पार्वती नदी पर बना यह बांध जिले का सबसे बड़ा बांध है। जिसमें 22 गेट लगे हैं। जिन्हें मानसून के दौरान डेम फुल होने पर खोला जाता है। वहीं इस डेम के पानी से आसपास के क्षेत्र के खेतों की सिंचाई भी की जाती है। तो सरमथुरा तहसील के लगभग 100 से ज्यादा गांवों के लोगों की भी यह डेम प्यास बुझाता है। डेम से इन गांवों के लिए प्रतिदिन 200 एमसीएफटी पानी छोड़ा जाता है।
जिला का सबसे बड़ा बांध आंगई में पार्वती बांध है। इसकी भराव क्षमता 223 मीटर तक है। वर्तमान में इसमें 214 मीटर पानी है। हालांकि, अभी तक पानी ठीक है लेकिन अगर मानसून कमजोर रहा तो मुश्किल खड़ी हो सकती है। इसके अलावा राम सागर, उर्मिला सागर, हुसैनपुर, उमरेह, आरटी व तालाबशाही शमिल है। हालांकि, मानसून सत्र की शुरुआत सरकारी की तरफ से 15 जून से मानी जाती है जो 30 सितम्बर तक चलता है। इस दौरान प्रतिदिन बांधों की भराव क्षमता रेकॉर्ड की जाती है।
भीषण गर्मी के कारण डेम का जलस्तर काफी गिरा है। लेकिन मानसून के दौरान स्थिति ठीक हो जाएगी। जिसको देखते हुए पार्वती बांध की साफ-सफाई के साथ उसका मेंटेंनेस कार्य करा दिया गया है। इसके लिए 2.50 लाख रुपए का इंस्टीमेंट तैयार किया गया था।
– राजकुमार सिंघल, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई विभाग धौलपुर

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