अन्तरराज्यीय सीमाएं सील तो चोर रास्तों से आ रहे लोग

धौलपुर. मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने जिले से लगती दोनों प्रदेशों की अन्तराज्यीय सीमाएं सील कर दी हैं, लेकिन चोरी छुपे चोर रास्तों तथा बीहड़ों के रास्ते जिले में प्रवेश कर रहे लोग कहीं गांव वालों के लिए खुद मुसीबत नहीं बन जाएं। क्योंकि अभी तक जिले में मिले कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति जिले के बाहर के ही हैं।

By: Naresh

Published: 10 May 2020, 04:15 PM IST



अन्तरराज्यीय सीमाएं सील तो चोर रास्तों से आ रहे लोग
अब तक बाहरी लोग ही बने हैं कोरोना कॅरियर

धौलपुर. मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने जिले से लगती दोनों प्रदेशों की अन्तराज्यीय सीमाएं सील कर दी हैं, लेकिन चोरी छुपे चोर रास्तों तथा बीहड़ों के रास्ते जिले में प्रवेश कर रहे लोग कहीं गांव वालों के लिए खुद मुसीबत नहीं बन जाएं। क्योंकि अभी तक जिले में मिले कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति जिले के बाहर के ही हैं। इससे अब जिलेवासियों को और अधिक जिम्मेदारी बन जाती है कि वे ऐसे चोरी-छुपे गांवों में घुस रहे लोगों की सूचना प्रशासन को दें, जिससे उनको समय रहते क्वारंटीन किया जा सके और फिर उनकी जांच कर सकें। हालांकि कई मामलों में ऐसा हुआ भी है, जिससे कोरोना की चेन नहीं बन पाई।

क्यों बन रही ऐसी स्थिति

जिले में एक माह से सख्ती के कारण बाहर से आए लोग कम संख्या में प्रवेश कर रहे थे, लेकिन जैसे ही राज्य सरकारों ने अपने यहां मौजूद प्रवासी श्रमिकों को एक से दूसरे राज्यों में भेजने की कवायद शुरू की तो श्रमिकों में भी अपने घरों को लौटने की लालसा और बढ़ गई। वे इसी ताक में बैठे हुए थे। इसके लिए हजारों की संख्या में पंजीयन भी करा लिया गया। जिले में आने वालों की संख्या करीब १८ हजार बताई जा रही थी। हालांकि प्रवासियों के बड़ी संख्या में आवागमन के चलते बढ़ते कोरोना पॉजिटिव केसों को देखते हुए इनके प्रवास पर रोक लगा दी। लेकिन वे अपने मूल स्थान से सरकारी वाहनों के अलावा अपने निजी वाहनों, ट्रक या पैदल ही अपने गंतव्य के लिए फिर से रवाना हो गए। लेकिन इस बीच राज्य सरकार ने फिर से अन्तरराज्यीय सीमाओं को सील करने के आदेश जारी कर दिए। इस कारण जिला प्रशासन तथा पुलिस ने भी अन्तराज्यीय सीमाओं पर फिर से सख्ती कर दी और पुलिस का कड़ा पहरा लगा दिया। हर व्यक्ति की जांच पड़ताल और वाहनों में केवल आवश्यक सामान को ही जाने दिया गया। वहीं जिन व्यक्तियों के पास थे, उनको ही आने दिया गया। ऐसे में कई राज्यों की सीमाओं पर अटके अनाधिकृत रूप से आए श्रमिक चोर रास्तों के जरिए जिले में प्रवेश कर रहे हैं।
जिले से सटती दो राज्यों की सीमाएं
जिला मुख्यालय धौलपुर से दो प्रदेशों की सीमाएं सट रही हंै। इनमें एक तरफ मध्यप्रदेश तो दूसरी तरफ उत्तरप्रदेश हैं। दोनों ही तरफ आगरा और मुरैना से तो लोगों को नियमित आवागमन बना ही रहता है, वहीं प्रवासी श्रमिक व लोग भी अब बाइक, साइकिल, ट्रकों और लोडर वाहनों से हाइवे तक पहुंच रहे हैं और बीहड़ों तथा राजाखेड़ा, बसेड़ी, बसई नवाब क्षेत्र में खेतों की पगडण्डियों के रास्ते घुसा रहे हैं। ऐसे में यह प्रशासन के लिए तो चिंता का विषय बन गया है, वहीं ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन रहे हैं।

अब लोगों की जागरूकता ही आएगी काम

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पुलिस तथा प्रशाासन ने सीमाओं पर सख्ती कर दी, लेकिन अब लोगों की जागरूकता ही काम आएगी। खुद कॉलोनीवासियों, मोहल्लेवासी, ग्रामीणों को सजग रहना होगा कि, कहीं बाहर से आए व्यक्ति की तुरंत प्रशासन को सूचना दें, जिससे उसे तुरंत चिकित्सालय भिजवाया जा सके। जिले में इसके लिए प्रशासन की ओर से करीब ७० गाडिय़ों से आईईसी गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में प्रचार-प्रसार किया गया है, जिससे लोगों में भी जागरूकता आई है। इसका ही नतीजा है कि लोग अब बाहर से आने वाले लोगों की जानकारी देने लगे है। वहीं परिजन भी अब पहले चिकित्सालय में जाने कराने के बाद ही घर में प्रवेश दे रहे हैं।

इनका कहना है

जिले की सीमाओं को सख्ती से सील किया गया है। फिर भी अगर कोई प्रवासी आ रहा है तो वह प्रशासन को खुद आगे चल कर सूचना दें, जिससे उसकी समय पर जांच हो सके। बाद में अगर लोगों या प्रशासनिक तंत्र की ओर से पता चला तो सम्बंधित के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। बाहर से श्रमिकों के लिए गांवों में ही संस्थागत तथा होम क्वारंटीन रखने की व्यवस्था की गई है। वहीं जिले में बड़ी संख्या में वॉलिंटियर्स लगाए हुए हैं, जो व्यवस्थाओं को देखेंगे।

राकेश कुमार जायसवाल, जिला कलक्टर, धौलपुर।

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