पोहे का ठेला लगाने वाले की शानो शौकत देख किया बेटे का अपहरण, 55 लाख की मांगी फिरौती

धौलपुर. सरमथुरा क्षेत्र से 11 वर्षीय बालक अपहरण के मामले में गंभीरता दिखाते हुए पुलिस 24 घंटे में अपह्रत बालक को मध्य प्रदेश के नूराबाद इलाके से मुक्त करा लिया। इस दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है।

By: Naresh

Published: 20 Nov 2020, 12:48 PM IST

पोहे का ठेला लगाने वाले की शानो शौकत देख किया बेटे का अपहरण, 55 लाख की मांगी फिरौती

55 लाख फिरौती को सरमथुरा से बालक का अपहरण, पुलिस ने मध्य प्रदेश से बालक को मुक्त कराया
-धौलपुर पुलिस ने दिखाई मामले में तत्परता
-24 घंटे में पुलिस ने अपह्रत बालक को मध्य प्रदेश के नूराबाद इलाके से मुक्त कराया
-दो संदिग्ध हिरासत में
-पुलिस के चक्रव्यूह में फंसे अपहरणकर्ता
धौलपुर. सरमथुरा क्षेत्र से 11 वर्षीय बालक अपहरण के मामले में गंभीरता दिखाते हुए पुलिस 24 घंटे में अपह्रत बालक को मध्य प्रदेश के नूराबाद इलाके से मुक्त करा लिया। इस दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है। अपहरणकर्ताओं की ओर से बालक को छोडऩे के एवज में 55 लाख रूपए की मांग की जा रही थी। पुलिस ने मामले में गहनता से अनुसंधान शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार कस्बा सरमथुरा क्षेत्र पुराना धोबीपाड़ा के रहने वाले जगदीश बंसल का 11 वर्षीय पुत्र सुखदेव बंसल के गुरूवार दोपहर अपने घर के कार्य से बाजार का आया था। यहां काफी समय बाद सुखदेव के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने आसपास उसकी तलाश की, लेकिन जानकारी नहीं हो सकी। इसके बाद गुरूवार शाम को बालक सुखदेव के परिजन थाने पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद बालक के पिता जगदीश बंसल के मोबाइल पर एक फोन आया और बालक के अपहरण हो जाने की बात कहते हुए 55 लाख रूपए की फिरौती की मांग की गई। इस बात की जानकारी जब स्थानीय थाना पुलिस ने उच्चाधिकारियों को दी, तो जिला पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत स्वयं जिले के प्रमुख पुलिस अधिकारियों के साथ सरमथुरा पहुंच गए और मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुसंधान शुरू कर दिया।
एसपी ने तैयार किया चक्रव्यूह
मामले की कमान स्वयं जिला पुलिस अधीक्षक केसर सिंह ने संभाली। इस दौरान पुलिस अधिकारियों की टीम को कार्य का विभाजन करते हुए मामले में अलग-अलग जिम्मेदारी तय की। मोबाइल की लोकेशन के आधार पर पुलिस के एक टीम को मध्य प्रदेश के लिए रवाना कर दिया गया। इसके बाद सरमथुरा सीओ प्रवेन्द्र कुमार महला को अपह्रत बालक के पिता के साथ रहने और आने वाले उसके कॉल पर विशेष निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी गई, साथ ही मोबाइल पर अपहरणकर्ताओं से क्या-क्या बातें करनी है, इस बारे में बताया। जबकि एसपी ने मध्य प्रदेश साईबर टीम, चंबल रेंज आईजी से संपर्क स्थापित करते हुए मामले हर छोटी-छोटी अपडेड शेयर कर रणनीति तैयार की।
पुलिस के जाल में फंसे अपहरणकर्ता
एसपी शेखावत ने बताया कि अपह्रत बालक के पिता के मोबाइल पर जो फोन आया था, उसकी जानकारी जुटाई गई तो सिम मध्य प्रदेश के जोरा निवासी महेंदी हसन के नाम से होना सामने आया। जानकारी जुटाई गई तो महेंदी हसन का हाल में मुरैना जिले में निवास करना सामने आया।

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