scriptPrisoners started getting quality food, high quality material coming t | कैदियों को मिलने लगा क्वालिटी का खाना, जेल में आ रही उच्च गुणवत्ता की सामग्री | Patrika News

कैदियों को मिलने लगा क्वालिटी का खाना, जेल में आ रही उच्च गुणवत्ता की सामग्री

- ठेका प्रथा बंद: सहकारी उपभोक्ता भंडार को बढ़ावा देने की पहल

- जेल प्रशासन का बढ़ा डेढ़ सेे दो गुणा तक खर्च

- धौलपुर कारागृह ने जून माह से ही शुरू की कवायद

धौलपुर. जेल में बंद कैदियों और विचाराधीन बंदियों को और अच्छी क्वालिटी का खाना मिलना शुरू हो गया है। जेल मुख्यालय ने ठेका व्यवसाय प्रथा बंद करते हुए सहकारी उपभोक्ता भंडार से ही खाद्य सामग्री खरीदने के निर्देश दिए हैं

धौलपुर

Updated: July 02, 2022 07:05:17 pm

कैदियों को मिलने लगा क्वालिटी का खाना, जेल में आ रही उच्च गुणवत्ता की सामग्री

- ठेका प्रथा बंद: सहकारी उपभोक्ता भंडार को बढ़ावा देने की पहल

- जेल प्रशासन का बढ़ा डेढ़ सेे दो गुणा तक खर्च
Prisoners started getting quality food, high quality material coming to jail
कैदियों को मिलने लगा क्वालिटी का खाना, जेल में आ रही उच्च गुणवत्ता की सामग्री
- धौलपुर कारागृह ने जून माह से ही शुरू की कवायद

धौलपुर. जेल में बंद कैदियों और विचाराधीन बंदियों को और अच्छी क्वालिटी का खाना मिलना शुरू हो गया है। जेल मुख्यालय ने ठेका व्यवसाय प्रथा बंद करते हुए सहकारी उपभोक्ता भंडार से ही खाद्य सामग्री खरीदने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर धौलपुर जेल प्रशासन ने जून माह से ही कार्य प्रारंभ कर दिया है। धौलपुर जिला कारागृह में वर्तमान में 261 बंदी हैं। हालांकि, उपभोक्ता भंडार से सामग्री लेने में जेल प्रशासन का खर्च पहले से डेढ़ से दो गुणा खर्च बढ़ गया है। जेल प्रशासन राशन, सभी प्रकार की दालें, खाद्य सामग्री सिर्फ सहकारी उपभोक्ता भंडार से ही खरीद रहा है। इसमें मसाले भी एगमार्क क्वालिटी के हैं। दरअसल, पुलिस महानिदेशक जेल भूपेंद्र दक के आदेशानुसार राज्य की सभी जेल में सभी प्रकार की खाद्य सामग्री राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ कॉनफैड से ही क्रय की जानी हैं। सामग्री की खरीद जेल मुख्यालय की ओर से अनुमोदित दरों के अनुसार हो रही है।पहले होता था ठेकापहले जेल मुख्यालय ठेका करता था। इसमें निजी ठेकेदार हिस्सेदारी लेते थे, लेकिन अब सरकार ने सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए सहकारी उपभोक्ता भंडार से खाद्य सामग्री खरीदने के निर्देश दिए हैं। जेल प्रशासन बकायदा बंदियों के अनुसार डिमांड भेज रहे हैं, फिर सहकारी उपभोक्ता एक महीने का राशन उपलब्ध करा रहा है। खाद्य सामग्री को सही ढंग से पैकिंग कर उन्हें सुरक्षित जेल तक पहुंचाने का लिए लिए सहकारी उपभोक्ता भंडार को भी पाबंद किया गया है।हर चीज का समय तय जेल में बंद बंदियों का सुबह से लेकर शाम तक का चाय से लेकर नाश्ता ओर भोजन का समय निर्धारित है। सुबह 7 बजे चाय और नाश्ता दिया जाता है। नाश्ते में सात दिनों में अलग-अलग तरह का नाश्ता जैसे पोहा, उपमा, चने आदि दिए जाते हैं। इसके बाद खाना दिया जाता है। खाने में गेहूं की रोटी, दाल एवं सब्जी दी जाती है, जो की सातों दिन अलग-अलग होती है। इसके बाद दोपहर 3 बजे सभी बंदियों को उबले हुए चने तथा शाम को फिर से खाना दिया जाता है।भोजन की गुणवत्ता में हुआ सुधारसहकारी उपभोक्ता से मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता अधिक होती है। पहले ठेकेदार डाइट के हिसाब से राशन लाकर देते थे। ऐसे में बंदियों की डाइट भी फिक्स हो जाती थी। मुनाफा कमाने के फेर में ठेकेदार क्वालिटी से भी समझौता कर लेते थे।डेढ़ से दो गुणा बढ़ी दरसहकारी उपभोक्ता भंडार से खाद्य सामग्री लेने में जेल का खर्च पहले से डेढ़ से दो गुणा बढ़ गया है। पहले टेंडर प्रक्रिया में प्रतिद्वंद्विता के चलते ठेकेदार दर तय करते थे। पहले 29 से 30 रुपए की डाइट पड़ती थी। जिसमें दो समय का भोजन, चाय, नाश्ता और हर रविवार को खीर या हलवा। उपभोक्ता भंडार बाजार दर से जेल प्रशासन को सामग्री देता है। ऐसे में अब सहकारी भंडार से लेने में यह खर्च लगभग डेढ़ से दो गुणा बढ़ गया है।जांच करके ही लेनी होगी खाद्य सामग्रीजेल मुख्यालय के आदेशों के अनुसार जेल में आने वाले तेल, घी, दाल, मसाले सहित अन्य खाद्य सामग्री उच्च गुणवत्ता वाले, एफएसएसआई मानकों के अनुसार और एगमार्क के ही भेजे जाएंगे। सभी जेलर और उप कारापाल को आदेश हैं कि जेल में खाद्य सामग्री आने से पूर्व वे सभी इनकी जांच करेंगे और उसके बाद ही खाने के लिए इनका प्रयोग किया जाएगा।सहकारी उपभोक्ता को बढ़ावा देनाजेलों में बंद कैदियों और विचाराधीन बंदियों के भोजन के लिए सहकारी उपभोक्ता भंडार से ही खाद्य सामग्री खरीदने के निर्देश दिए हैं। धौलपुर कारागृह में जून माह से ही सहकारी उपभोक्ता भंडार से सामग्री लेना शुरू कर दिया है। धौलपुर जिला कारागृह में वर्तमान में 261 बंदी हैं।- रामावतार शर्मा, जेल अधीक्षक, जिला कारागृह, धौलपुर

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Monsoon Alert : राजस्थान के आधे जिलों में कमजोर पड़ेगा मानसून, दो संभागों में ही भारी बारिश का अलर्टमुस्कुराए बांध: प्रदेश के बांधों में पानी की आवक जारी, बीसलपुर बांध के जलस्तर में छह सेंटीमीटर की हुई बढ़ोतरीराजस्थान में राशन की दुकानों पर अब गार्ड सिस्टम, मिलेगी ये सुविधाधन दायक मानी जाती हैं ये 5 अंगूठियां, लेकिन इस तरह से पहनने पर हो सकता है नुकसानस्वप्न शास्त्र: सपने में खुद को बार-बार ऊंचाई से गिरते देखना नहीं है बेवजह, जानें क्या है इसका मतलबराखी पर बेटियों को तोहफे में देना चाहता था भाई, बेटे की लालसा में दूसरे का बच्चा चुरा एक पिता बना किडनैपरबंटी-बबली ने मकान मालिक को लगाई 8 लाख रुपए की चपत, बलात्कार के केस में फंसाने की दी थी धमकीराजस्थान में ईडी की एन्ट्री, शेयर ब्रोकर को किया गिरफ्तार, पैसे लगाए बिना करोड़ों की दौलत

बड़ी खबरें

शिमला में सेवाओं की पहली 'गारंटी' देने पहुंचेगी AAP, भगवंत मान और मनीष सिसोदिया कल हिमाचल प्रदेश के दौरे परममता बनर्जी के ट्विटर प्रोफाइल में गायब जवाहर लाल नेहरू की तस्वीर, बरसी कांग्रेसमुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात के भरूच में पकड़ी ‘नशे’ की फैक्ट्री, 1026 करोड़ के ड्रग्स के साथ 7 गिरफ्तारभूस्खलन से हिमाचल में 100 से अधिक सड़कें ठप, चार दिन भारी बारिश का अलर्टबिहारः मंत्रियों में विभागों का बंटवारा, गृह मंत्रालय नीतीश के पास, तेजस्वी के पास 4 विभाग, तेज प्रताप का घटा कद, देखें ListVideo मध्यप्रदेश में बाढ़ के हालात, सात जिलों में राहत-बचाव का काम शुरू, लोगों को घरों से निकालाMaharashtra: खाने को लेकर कैटरिंग मैनेजर पर भड़के शिवसेना MLA संतोष बांगर, कर्मचारी को जड़ दिए थप्पड़कश्मीरी पंडित की हत्या मामले में सामने आई मनोज सिन्हा, महबूबा मुफ्ती व उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.