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नेताजी की राह में समस्याएं बनी बाधा, वोटर पूछ रहा कब होगा निपटारा

locationधौलपुरPublished: Nov 24, 2023 07:36:30 pm

Submitted by:

Naresh Lawaniyan

- जनसंपर्क के दौरान कई स्थानों पर ग्रामीणों ने सवालों ने छुटाएं पसीने

- मतदाता ने मांगा ठोस भरोसा, कई स्थानों पर वोटर बोला-तिथि बताओ

Problems became an obstacle in Netaji's path, voters are asking when will it be resolved
धौलपुर. विधानसभा चुनाव के मतदान शनिवार को होना है। ऐसे में हर प्रत्याशी अपने-अपने समीकरण लगाने में जुटा है। हालांकि, कुछ सीटों पर आमने-सामने तो कुछ पर त्रिकोणीय मुकाबले नेताजी को संकट में डाल रखा है। कड़ा संघर्ष होने से उनका जयपुर जाने का रास्ता मुश्किल हो रहा है। क्षेत्र की जनता गांव में समस्याएं दूर व विकास नहीं होने से इस बार जनता नाराज है। ये स्थिति किसी एक सीट पर नहीं बल्कि अमूमन सभी पर है।
वोटर प्रत्याशियों से तीखे सवाल कर रहे हैं जिससे कई दफा जवाब देना भी मुश्किल बन पड़ रहा है। पत्रिका टीम जिला मुख्यालय से 9 बजे क्षेत्र के गांव के लिए रवाना हुई। गांव में चौपाल लगाए ग्रामीणों से उनके मन की बात टटोली तो इस बार मतदाता जनप्रतिनिधि से समस्याएं दूर न होने को लेकर समीकरण को बदलते दिखाई दे रहे थे। वह जात-पात से दूर होकर समस्या को दूर करने वाले को पसंद करने को लेकर कयास लगा रहे थे।
धौलपुर विधानसभा के गांव तगावली में पत्रिका टीम 9.30 बजे पहुंची तो यहां पर खेतों में सीवरेज के पानी से फसल खराब होने को लेकर अन्नदाता परेशान थे। इसके बाद गांव खरगपुरा में सुबह 10.30 बजे पहुंची तो यहां ग्रामीण एक जगह एकत्रित थे। सभी 25 नवंबर को मतदान को लेकर प्रत्याशियों की ओर से किए गए वादों को भी देख रहे थे। इस गांव के किनारे एक चबूतरा पर करीब 8 मतदाता थे। जो गांव में पिछले दस सालों से समस्याएं दूर नहीं होने को लेकर इस बार वह जात-पात से दूर होकर इस बार विकास करने वाले को पसंद करेंगे। बुजुर्ग कल्याण सिंह का कहना था कि सीवरेज के पानी से सभी खेत डूब गए हैं। जिनमें अब फसल नहीं होती है। एक दर्जन से अधिक प्रार्थना पत्र सभी को दे चुके हैं। लेकिन कोई नहीं आया।
गांव के विकास के साथ चुनावी चर्चा

क्षेत्र के गांव में सुबह होते ही चुनाव को लेकर चाय के साथ चर्चाओं की चौपाल लग जाती हैं। जो इस बार प्रत्याशियों के विकास के वादे को परख रहे है। पांच साल पहले किए वादे पूरे नहीं होने को भी इस बार विकास करने वाले की ओर इशारा कर रहे है। वहीं ग्रामीण इस बार किसी प्रत्याशी के सामने खुलकर अपने पत्ते नहीं खोल रहे है। सभी सुबह-शाम चर्चाओं के साथ दिन गुजार रहे हैं।
नेताजी खूब आए लेकिन समस्या बरकरार

गांव खरगपुरा में अभी तक विकास नहीं पहुंच सका है। यहां रहने वाले लोगों का कहना था कि पांच साल बाद वोट मांगने के समय ही प्रत्याशी दिखाई देते हैं। उसके बाद विलुप्त हो जाते हंै। जो पांच साल तक गांव आने का रास्ता भूल जाते हंै। इस बार में दस सालों से 150 मकानों तक जाने वाले रास्ते में जलभराव बना हुआ है। इस कारण यहां से निकलने वाले लोग इस दलदल सडक़ से ही निकलते है। जिससे उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार मांग की लेकिन समस्या देखने कोई नहीं आया। इस कारण इस बार सोच समझकर मतदान करेंगे।
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गांव में सबसे बड़ी समस्या ये है कि यहां कोई 10 साल से अधिक समय से कोई विकास नहीं हुआ है। कच्ची सडक़ों में जलभराव, खेतों में सीवरेज का पानी सहित अन्य समस्याएं बनी हुई है। सरकारी स्कूल में शिक्षक समय से नहीं आते हंै।
- सुमित कुमार, खरगपुरा

किसी भी जनप्रतिनिधि ने कोई विकास नहीं किया है। हर बार झूठे वादे कर जाते है। लेकिन इस बार किसी के बहकावे में नहीं आएंगे। विकास करने वाले को ही पसंद करेंगे। गांव में मजदूरी के अलावा कोई रोजगार नहीं है।
- सौदान सिंह, खरगपुरा

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