हाइवे पर वसूली का खेल पुराना

कहने को हाइवे पर पुलिस की अवैध वसूली रोकने के तमाम प्रयास किए जा रहे हों, लेकिन असल हकीकत में हाइवे पर वसूली का खेल वर्षों से चला आ रहा है। पुलिस अधिकारियों ने कई बार हाइवे पर अवैध वसूली पर कार्रवाईयां भी की, लेकिन इसका प्रभाव कुछ ही दिन ही नजर आता है, थोड़े दिनों बाद स्थिति पहले जैसे ही हो जाती है। आंकड़ों पर नजर डाले तो अभी तक पुलिस कार्रवाईयों में अवैध वसूली प्राइवेट व्यक्तियों की ओर से किया जाना सामने आया है।

By: Mahesh gupta

Published: 01 Jul 2019, 11:40 AM IST

हाइवे पर वसूली का खेल पुराना
-कई बार कार्रवाईयां भी नहीं रोक पा रही अवैध वसूली
धौलपुर. कहने को हाइवे पर पुलिस की अवैध वसूली रोकने के तमाम प्रयास किए जा रहे हों, लेकिन असल हकीकत में हाइवे पर वसूली का खेल वर्षों से चला आ रहा है। पुलिस अधिकारियों ने कई बार हाइवे पर अवैध वसूली पर कार्रवाईयां भी की, लेकिन इसका प्रभाव कुछ ही दिन ही नजर आता है, थोड़े दिनों बाद स्थिति पहले जैसे ही हो जाती है। आंकड़ों पर नजर डाले तो अभी तक पुलिस कार्रवाईयों में अवैध वसूली प्राइवेट व्यक्तियों की ओर से किया जाना सामने आया है।
उल्लेखनीय है कि जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय सिंह ने फरवरी माह में सागरपाड़ा परिवहन चैक पोस्ट पर ट्रकों से अवैध वसूली करते हुए पांच निजी व्यक्तियों को पकड़ा था, यह निजी व्यक्ति चैक पोस्ट के गार्ड के निर्देशन में अवैध वसूली कर रहे थी। इस दौरान पकड़े व्यक्तियों से अवैध वसूली की राशि भी वसूल की गई। इसी क्रम में गत मार्च माह को रेता माफियाओं को पुलिस की सूचनाएं लीक करने के मामले में गोपनीय टीम से पड़ताल कराए जाने पर तीन पुलिसकर्मियों को निलम्बित किया है। इसी क्रम में एसीबी के एएसपी अशोक चौहान ने हाइवे पर ट्रेफिक पुलिसकर्मियों को ट्रक चालकों को अवैध वसूली करते हुए देखा और रिपोर्ट तैयार कर जिला पुलिस अधीक्षक को सौंपी, जिस पर आरोपित ट्रेफिक कर्मियों को लाइन हाजिर करने के आदेश दिए गए। इसी क्रम में तत्कालीन जिला पुलिस अधीक्षक डीडी सिंह ने सदर क्षेत्र में अवैध वसूली में लिप्त कुछ युवकों को रंगे हाथों पकड़ कर सदर थाना पुलिस के हवाले किया। इन युवकों से पूछताछ में पुलिस के लिए वसूली किया जाना सामने आया। इसी क्रम मे भरतपुर के आईजी कार्यालय से आए एएसपी ने बैरठा पुलिस चौकी पर अवैध वसूली के खेल को रंगे हाथों पकड़ा और एक जने को गिरफ्तार भी किया। इस संबंध में रिपोर्ट आईजी के समक्ष में पेश भी की गई। लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति पहले जैसी ही हो गई।
अवैध वसूली में निजी व्यक्तियों का सहारा
प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि हाइवे पर अवैध वसूली में लिप्त पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से निजी व्यक्तियों का इस्तेमाल किया जाता है। ये व्यक्ति वसूली पाइंट के आसपास के गांव के रहने वाले होते है। ताकि किसी भी प्रकार की गतिविधि के दौरान भाग कर अपने घरों में छुप जाएं। हाल में अवैध वसूली मामले में शहर उपाधीक्षक की ओर से सदर क्षेत्र में पकड़े गए युवक ने पूछताछ में उसका सदर थाना क्षेत्र का निवासी होना सामने आया है।
कई गिरोह भी सक्रिय
अवैध वसूली के खेल में कई गिरोह भी सक्रिय है। इन गिरोह की ओर से शहर से गुजरने वाले ट्रकों को एकत्र कराया जाता है और एक मुश्त राशि वसूलने के बाद एक साथ हाइवे की पुलिस चौकियों से सीमा पार कराई जाती है। पुलिस अधिकारियों की टीम ने इस प्रकार के गिरोहों को चिन्हित करने का कार्य भी शुरू कर दिया है, जिन्हें जल्द ही चिन्हित कर लिया जाएंगा और इन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएंगी।

कार्रवाईयां जारी रहेगी
हाइवे पर हो रही अवैध वसूली को रोकने के लिए पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। अवैध वसूली में लिप्त लोगों को चिन्हित कर लिया जाएंगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएंगी।
डॉ. अजय सिंह, जिला पुलिस अधीक्षक धौलपुर

Mahesh gupta Reporting
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