पुलिस के सामने से गुजर रहे है प्रतिबंधित बजरी के वाहन, टॉस्क फोर्स भी देखकर बनी मूक

धौलपुर. कहने को प्रतिबंधित चंबल बजरी परिवहन रोकने को रास्तों का चिन्हित करण, रास्ते रोकने-खुदवाना, अस्थाई चौकियां स्थापित करना, जगह-जगह नाकेबंदियों लगाना, शहर के रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे

By: Naresh

Published: 16 Jan 2021, 12:22 PM IST

पुलिस के सामने से गुजर रहे है प्रतिबंधित बजरी के वाहन, टॉस्क फोर्स भी देखकर बनी मूक

फिर से वहीं हालात, दौड़ प्रतिबंधित बजरी के वाहन
-सागरपाड़ा पर बैठी संयुक्त टॉस्क फोर्स भी देखकर बनी मूक
पुलिस के सामने से गुजर रहे है प्रतिबंधित बजरी के वाहन, टॉस्क फोर्स भी देखकर बनी मूक
धौलपुर. कहने को प्रतिबंधित चंबल बजरी परिवहन रोकने को रास्तों का चिन्हित करण, रास्ते रोकने-खुदवाना, अस्थाई चौकियां स्थापित करना, जगह-जगह नाकेबंदियों लगाना, शहर के रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने की व्यवस्था की गई है, लेकिन यह सभी व्यवस्थाएं अवैध बजरी परिवहन के आगे दम तोड़ती नजर आ रही है। पुलिस व प्रशासन की तमाम दावों के बीच जिला मुख्यालय पर चंबल बजरी के वाहनों का आवागमन खुलेआम हो रहा है। गंभीर बात यह है कि बजरी के वाहनों को रोकने के लिए बनाई गई संयुक्त विभागीय टॉस्क फोर्स हमला होने के भय के कारण बजरी माफियाओं के आगे जाने से कतरा रही है। जहां एक ओर पांच विभागों की टॉस्क फोर्स बजरी परिवहन को रोकने के लिए एक-दूसरे की जिम्मेदारी बताने में जुटी हुई, तो वहीं माफिया बेरोकटोक बजरी के परिवहन को करने में जुटे हुए है। गंभीर बात यह है कि कुछ दिन पहले जहां हाउसिंग बोर्ड चौकी के सामने बजरी के ट्रेक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने पर दो जनों की मौत के बाद कुछ समय की सख्ती के बाद हालात पहले जैसे ही हो गए है।
उल्लेखनीय है कि जिले में प्रतिबंधित चंबल बजरी के परिवहन को रोकने के लिए सरकार के निर्देश पर करीब दो साल पहले जिला प्रशासन ने संयुक्त विभागीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस फोर्स में जिले के वन विभाग, राजस्व विभाग, परिवहन विभाग, खनन विभाग व पुलिस के अधिकारियों व कार्मिकों का संयुक्त दल का गठन किया गया है। बजरी परिवहन को रोकने के लिए जिले की संयुक्त टास्क फोर्स जिले में हवा में तीन चला रही है। अभी तक बजरी परिवहन रोकने कोई रणनीति नहीं होने के कारण मनमानी तरीके से कार्रवाईयां की जा रही है।
आगे आने से कतरा रही संयुक्त विभागीय टॉस्क फोर्स
राजस्थान-मध्य प्रदेश की सीमा पर कोतवाली थाने की सागरपाड़ा पुलिस चौकी पर जिला प्रशासन की ओर से संयुक्त विभागीय टॉस्क फोर्स टीम को बैठाया गया है। यहां शुक्रवार को दिनभर प्रतिबंधित चंबल बजरी से भरे ट्रेक्टर-ट्रॉलियों के निकलने का सिलसिला बना रहा। ऐसे में टास्क फोर्स केवल मूक दर्शक बनी सब कुछ देखती नजर आई, किसी भी बजरी के वाहन को रोकने की जिले के पांच विभागों की टीम में किसी ने भी हिम्मत नहीं जुटाई। ऐसे में प्रशासन की व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े हो गए है।
पुलिस चौकी के सामने बेरोकटोक निकल रहे बजरी वाहन
गत 3 जनवरी को कोतवाली थाने की हाउसिंग बोर्ड अवैध चंबल बजरी से भरे ट्रेक्टर-ट्रॉली ने बाइक सवार एक युवक व महिला को टक्कर मार दी थी। घटना में बाइक सवार दोनों जनों की मौत हो गई। हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद यहां पुलिस ने बजरी के वाहनों को रोकने के लिए कड़े बंदोबस्त भी किए। लेकिन कुछ दिनों ही पुलिस के बंदोबस्तों के बीच फिर से प्रतिबंधित बजरी के वाहनों का परिवहन शुरू हो गया है। यहां शुक्रवार सुबह बजरी से भरे दर्जनों ट्रेक्टर-ट्रॉलियां निकलती नजर आई।
ओडेला चौकी के सामने बजरी वाहनों का तांता
शहर के निहालगंज थाने की ओडेला पुलिस चौकी पर बजरी से भरे ट्रेक्टर-ट्रॉलियों का शुक्रवार को दिनभर तांता लगा रहा। यहां चौकी पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी भी रही, लेकिन इन वाहनों को रोकने के लिए कोई भी प्रयास होते नजर नहीं आए।
डर के माहौल में शहर
बेरोकटोक चल रहे बजरी के वाहनों को लेकर शहरवासियों में डर का माहौल बना हुआ है। बजरी के वाहनों के अनियंत्रित रफ्तार पहले भी कई लोगों जान ले चुका है, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन इन वाहनों की रफ्तार पर लगाम को कोई सख्त प्रयास करता हुआ नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में शहर के आमरास्तों हर समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

इनका कहना...
अवैध बजरी परिवहन को रोकने संयुक्त टास्क फोर्स की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे है।
राकेश कुमार जायसवाल, जिला कलक्टर, धौलपुर

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