इतने सालों में पहली बार खतरे के निशान से ऊपर बह रही चम्बल नदी, इलाके में अलर्ट

इतने सालों में पहली बार खतरे के निशान से ऊपर बह रही चम्बल नदी, इलाके में अलर्ट

Nidhi Mishra | Publish: Sep, 09 2018 06:33:29 PM (IST) Dholpur, Rajasthan, India

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धौलपुर। कोटा बैराज के गेट खोलने के बाद पिछले दो वर्ष में पहली बार चम्बल खतरे के निशान से चार मीटर ऊपर चल रही है। हालांकि पुराने चम्बल पुल से अभी करीब 6 मीटर दूर है। लेकिन अगर पानी इसी गति से आता रहा तो सोमवार सुबह तक पानी पुल के करीब पहुंच सकता है। लेकिन मार्ग बाधित नहीं होगा, क्योंकि चम्बल पर नया पुल बन गया है। नियंत्रण कक्ष के मुताबिक शनिवार को चम्बल का गजे 124.50 मीटर पर था। वहीं एक दिन में ही चम्बल का गेज खतरे के निशान से ऊपर पहुुंच गया है। वहीं अगर दो मीटर पानी और चढ़ता है तो राजाखेड़ा क्षेत्र के चार गांव खाली कराए जा सकते हैं। इनमें डगरा, बरसला, संकरपुरा व बूढा गांव शामिल है। इसके लिए तहसीलदार को अलर्ट कर दिया गया है।

 

 

वहीं धौलपुर ही नहीं वरन भरतपुर तक के लोगों की प्यास बुझा रही जीवनदायिनी चम्बल में गिर रहा शहर के गंदे नालों का पानी नदी के जल को दूषित कर रहा है। स्वच्छ नदियों में गिनी जाने वाली चम्बल नदी में नगर परिषद की अनदेखी के कारण शहर के गंदे नालों का पानी धड़ल्ले से जा रहा है। इससे नदी में रहने वाले जलीय जीवों का जीवन भी खतरे में पड़ सकता है।

 

 

चंबल और उसके बीहड़ों के कारण देशभर में अपनी पहचान रखने वाले धौलपुर का गंदा पानी ही उसकी निर्मलता को दूषित करने में लगा है। पुराने शहर का गंदा पानी काफी समय से नाले-नालियों के माध्यम से नदी में जा रहा है, जो नदी के स्वच्छ जल को गंदला रहा है।इस बारे में जिम्मेदारों को पूरी जानकारी है, लेकिन सब मूकदर्शक बने बैठे हैं।

 

 

ना तो नगरपरिषद को इसकी चिंता है और ना ही चंबल का जिम्मा संभालने वाला वन विभाग इसके प्रति गंभीर नजर आता। शहर के समीप से गुजर रही चंबल नदी की मौका स्थिति देखी जाए तो एक बड़ा नाला इसमें पुराने शहर के सैकड़ों लीटर गंदे पानी को उड़ेल रहा है।

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