रोडवेज की लापरवाही आम जन पर भारी,आगरा मार्ग पर प्रतिदिन 6 फेरे हुए कम

राजाखेड़ा. रोडवेज की लापरवाही के चलते लॉकडाउन के बाद राजाखेड़ा आगरा मार्ग पर 2 बसों का संचालन अब तक आरम्भ नहीं किया जा सका है। जिसके चलते आगरा जैसे महत्वपूर्ण एवं अधिक राजस्व वाले मार्ग पर 6 चक्कर कम हो पा रहे हैं। जिसके चलते इस मार्ग पर सफर करने वाले सैकड़ों लोग प्रतिदिन तो परेशान हो ही रहे है,

By: Naresh

Published: 24 Oct 2020, 05:57 PM IST

रोडवेज की लापरवाही आम जन पर भारी,आगरा मार्ग पर प्रतिदिन 6 फेरे हुए कम
आमजन को परेशानी के साथ रोडवेज की आय भी हो रही प्रभावित
राजाखेड़ा. रोडवेज की लापरवाही के चलते लॉकडाउन के बाद राजाखेड़ा आगरा मार्ग पर 2 बसों का संचालन अब तक आरम्भ नहीं किया जा सका है। जिसके चलते आगरा जैसे महत्वपूर्ण एवं अधिक राजस्व वाले मार्ग पर 6 चक्कर कम हो पा रहे हैं। जिसके चलते इस मार्ग पर सफर करने वाले सैकड़ों लोग प्रतिदिन तो परेशान हो ही रहे है, रोडवेज की आय भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि यह मार्ग काफी अच्छे यात्री भार वाला मार्ग है। लेकिन अब तक अधिकारियों की निगाह इस ओर नहीं जा पाई है, जबकि इस सम्बंध में लोगों की मांग पर स्थानीय विधायक भी रोडवेज प्रबंधन को कई बार निर्देशित कर चुके हैं।
क्या है प्रकरण
राजाखेड़ा आगरा मार्ग पर धौलपुर डिपो द्वारा बसें संचालित की जाती है, लेकिन कुछ माह पूर्व प्रबंधन ने बसों की संख्या में कटौती कर दी। जिसे पुन: बहाल करने की लंबी मांग के बाद भी आज तक पूरा नहीं किया गया है। जिसके चलते इस मार्ग पर अब डग्गेमार वाहन संचालित होकर रोडवेज के राजस्व को जमकर चूना लगा रहे हैं। वहीं यात्रियों को भी खतरनाक हालात में ऊंची कीमत चुकाकर यात्रा के लिए मजबूर हो रहे है ।।

क्या हैं कारण
राजाखेड़ा क्षेत्र तीन ओर से आगरा जिले से घिरा हुआ है। यहां के लोगों के अधिकांश सामाजिक संबंध भी आगरा जिले में ही है। ऐसे में आगरा जाने आने वालों की संख्या काफी बड़ी है। यहां का व्यापार भी 80 फीसदी तक आगरा मंडी से ही होता है। अधिकांश व्यापारी भी आगरा प्रतिदिन सफर करते है। ऐसे में यह निरंतर सबसे व्यस्त मार्ग बना हुआ है।
कोरोना के खतरे के बीच भी भारी यात्रा भार
बसों की कमी के चलते उपलब्ध बसों में यात्रियों की औसत संख्या 50 से ऊपर ही बनी हुई है। एक परिचालक ने बताया कि बड़े यात्री भार के चलते बसों में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना भी नहीं हो पा रही। वहीं आगरा की ओर से शाम 6.20 के बाद कोई बस राजाखेड़ा के लिए उप्लब्ध नहीं होने से वहां खरीददारी करने जाने वाले व्यापारियों को भी खासी परेशानी होती है। दवा व्यापारी मोनू जैन ने बताया कि मंडी करके लौटकर आते समय बस उपलब्ध न होने से या तो उन्हें डग्गेमार वाहनों में जान हथेली पर लेकर आना पड़ता है और वो भी दोगुनी कीमत पर या फिर महंगी टैक्सी किराए पर लेकर आना पड़ता है। जिससे व्यापार लॉगत में भी भारी इजाफा हो जाता है। ऐसे में उनके साथ अन्य व्यापारियों ने भी बसों का पुन: संचालन आरम्भ करने की मांग की है।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned