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धौलपुर

नियम ताक पर: बगैर पार्किंग ऐरिया में खोल दिए सरकारी व निजी बैंक

– पार्किंग की नहीं व्यवस्था, रोड पर खड़े हो रहे उपभोक्ताओं के वाहन

धौलपुरJun 25, 2024 / 06:03 pm

Naresh

Rules flouted: Government and private banks opened without parking area नियम ताक पर: बगैर पार्किंग ऐरिया में खोल दिए सरकारी व निजी बैंक
– पार्किंग की नहीं व्यवस्था, रोड पर खड़े हो रहे उपभोक्ताओं के वाहन

धौलपुर. शहर में बदहाल यातायात व्यवस्था के लिए बैंक भी कहीं न कहीं जिम्मेदार हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि बैंकों के पास पार्किंग के लिए जगह नहीं है। बैंक में आने वाले लोग अपने-अपने वाहन सडक़ पर खड़े कर रहे हैं। इससे आए दिन जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। वहीं, सडक़ पर राहगीरों के लिए चलने भी जगह नहीं रहती है। कुल मिलाकर देखें तो बैंकों ने भी सडक़ पर अतिक्रमण कर रखा है।
नगर में छोटे बड़े दो दर्जन बैंक शाखाएं हैं। लेकिन किसी भी बैंक में पार्किंग सुविधा नहीं है। इससे खातेदार वाहन सडक़ पर पार्किंग करते हैं। जो यातायात समस्या का कारण बनता है। सडक़ पर जाम के हालात बनते हैं। पत्रिका ने शहर के मुख्य बैंक शाखाओं बैंकों की पड़ताल की जहां पर पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं थी। सैकड़ों की संख्या में वाहन सडक़ पर खड़े हुए नजर आए। इनमें एसबीआई शाखा का भी यही हाल देखने को मिला। जहां वाहनों के लिए कोई पार्किंग की व्यवस्था नहीं थी और वाहन सडक़ पर ही पार्क किए जा रहे थे। जिस कारण आवागमन में लोगों को परेशानी आ रही थी। इसके अलावा अधिकांश निजी बैंकों में पार्किंग की व्यवस्था नहीं मिली। ज्यादातर बैंकों के बाहर ही सडक़ पर वाहन पार्क किए जा रहे थे।
यह है पार्किंग को लेकर नियम

बैंक से जुड़े जानकार बताते हैं कि बैंक खोले जाने के दौरान निविदा बुलाई जाती है। इसमें पार्किंग एरिया भी शामिल रहता है। लेकिन विकल्प न होने के कारण बैंकों द्वारा पार्किंग को छोड़ दिया जाता है और बगैर पार्किंग वाले स्थल का चुनाव करा बैंक चालू करा दिए जाते हैं। यही स्थिति शहर के अधिकांश बैंकों के संचालन में देखने को मिली है। हाल ये है कि बैंक के जनरेटर भी बाहर अनाधिकृत रूप से रखे रहते हैं।
शहर में कहीं भी पार्किंग स्थल नहीं

नगर में दो पहिया से लेकर चार पहिया वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। लेकिन पार्किंग स्थल के लिए जगह चिह्नित नहीं की जा रही है। इससे पूरे नगर में सडक़ें ही पार्किंग स्थल बनी हुई हैं। क्या संतर बाजर, क्या लाल बाजार हर दुकान के बाहर वाहनों की कतार देखी जा सकती है। इससे नगर की यातायात व्यवस्था लगातार गिरती जा रही है।
बगैर पार्किंग वाले बैंकों की स्थिति पर- हाइवे सर्विस लाइन स्थित बंैक ऑफ बड़ौदा में पार्किंग के लिए कोई जगह नहीं। यहां पर प्रतिदिन 250 से 300 लोग आते हैं। जो सडक़ पर वाहन खड़े करते हैं। जिस कारण जाम की स्थिति बनी रहती है।
डाकखाना स्थित एसबीआई

– डाकखाना चौराहा पर एसबीआई और एचडीएफसी बैंक की शाखाएं हैं, लेकिन पार्किंग के लिए कोई जगह आवंटित नहीं है। जिस कारण सडक़ पर ही वाहन खड़े हो रहे हैं। यहां पर करीब 500 लोग प्रतिदिन पहुंचते हैं।
– एसबीआई की एक शाखा कचहरी में स्थित है। यहां भी पार्किंग नहीं है। बैंक आने वाले लोगों की संख्या 250 से ज्यादा है। यहां पर भी वाहनों को सडक़ पर ही खड़ा कर दिया जाता है। जिससे भीड़ भाड़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
– कचहरी मोड़ पर स्थित केनरा और बैंक ऑफ बडौदा का भी यही हाल है। यहां पर भी एक नहीं बल्कि तीन बैंक शाखा संचालित हो रही हैं। सडक़ पर ही पार्किंग बनी है। यहां भी प्रतिदिन सैकड़ों लोग पहुंचते हैं।
यातायात विभाग की ओर से समय-समय पर वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। बैंकों के पास पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण यह हालात हैं।

– टीनू, सोगरवाल, यातायात प्रभारी, धौलपुर

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