12 दिन में बढ़ गए छह गुना मरीज, जिले में बन रही संक्रमण की चेन रोकना बना चुनौती

धौलपुर. जिले में पिछले बारह दिन में कोरोना छह गुना बढ़ गया है। यानी हर दो दिन में दुगनी रफ्तार से कोरोना संक्रमण फैला है। जिले में जहां दस जून तक कोरोना मरीजों की संख्या मात्र 75 पर टिकी हुई थी, वहीं रिकवरी भी 60 हो गई थी।

By: Naresh

Updated: 24 Jun 2020, 04:21 PM IST

12 दिन में बढ़ गए छह गुना मरीज, जिले में बन रही संक्रमण की चेन, रोकना बना चुनौती

धौलपुर. जिले में पिछले बारह दिन में कोरोना छह गुना बढ़ गया है। यानी हर दो दिन में दुगनी रफ्तार से कोरोना संक्रमण फैला है। जिले में जहां दस जून तक कोरोना मरीजों की संख्या मात्र 75 पर टिकी हुई थी, वहीं रिकवरी भी 60 हो गई थी। ऐसे में माना जा रहा था कि अनलॉक एक होने तथा चारों तरफ से हॉट स्पॉट इलाकों से घिरा होने के बावजूद कोरोना जिले में नियंत्रण में हैं। लेकिन जैसे ही अनलॉक फेज प्रथम के दस दिनों में अंदर ही अंदर ही फैला संक्रमण 11 जून के बाद कोरोना बम के रूप में निकलकर सामने लगे। तीन दिन तक तो कोरोना पन्द्रह तक संख्या में बढ़ रहा था। लेकिन बाद में संक्रमण की चेन बनने लगी तो जिले में कोरोना विस्फोट होने लगे। ऐसे में चिकित्सा विभाग सकते में आ गया। धीरे-धीरे कोरोना ने पूरे जिले को अपने आगोश में समेटना शुरू कर दिया। स्थिति यह बनी कि रोज अद्र्धशतक और आसपास केस निकलकर सामने लगे। ऐसे में मात्र 22 जून तक मात्र 12 दिन में ही कोरोना संक्रमितों की संख्या 459 तक पहुंच गई। वहीं 23 जून की दोपहर तक 15 और संक्रमित मिले हैं। इनमें से 89 मरीज डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। वहीं तीन जनों की मौत हो चुकी है। जिले में अभी तक 12515 नमूनों की जांच हो चुकी है, जबकि 10521 की जांच रिपोर्ट आ चुकी है। इनमें से 1994 की रिपोर्ट आना शेष है।

संक्रमण की चेन बनी तो अब तक अनवरत

अनलॉक फेज प्रथम में जिले में सबसे पहले जिला मुख्यालय पर संक्रमण की चेन बनना शुरू हुआ। इसमें सब्जी मण्डी स्थित दुकानदार से चेन बनी। इसमें उसके परिवार व उनके सम्पर्क वाले करीब दो दर्जन से अधिक संक्रमित मिले। ऐसे में जिला मुख्यालय पर भय का माहौल पैदा हो गया। इसी प्रकार राजाखेड़ा में एक व्यवसायी की आगरा में हुई मौत के बाद उसके परिवार के करीब एक दर्जन लोग संक्रमित मिले हैं। इतना ही नहीं बाड़ी में तो करीब एक दर्जन परिवारों में संक्रमण फैल गया। इसमें सबसे बड़ा मामला स्थानीय विधायक के परिवार का सामने आया है। जिसमें करीब एक ही परिवार में करीब दो दर्जन से अधिक संक्रमित मिले हैं। वहीं नेत्र सहायक हो या पंचायत समिति के प्रचार अधिकारी या फिर आगरा से लौटी दुल्हन का परिवार। मलक पाड़ा में तो अभी संक्रमण नहीं रुक रहा है। वहीं धौलपुर में भी हाऊसिंग बोर्ड हो या फिर पुराना शहर स्थित परिवार, एक-एक घर में से आधा दर्जन लोग संक्रमण का शिकार हो चुके हैं। जिले में निकले कुल संक्रमितों में आधे से अधिक तो सम्पर्क में आने के कारण कोरोना का शिकार हुए हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण की चेन तोडऩा चिकित्सा विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।

अनलॉक फेज प्रथम बना घातक

जिला चार तरफ से कोरोना हॉट स्पॉट इलाकों से घिरा होने के बाद भी लॉकडाउन समाप्ति तक नियंत्रण में था। लेकिन जैसे ही अनलॉक प्रथम फेज शुरू हुआ और बेरोकाटोकी आगरा, मुरैना, ग्वालियर, बयाना व भरतपुर का आवागमन बढ़ा तो धीरे-धीरे संक्रमण लेकर लोग लौटे। शुरू में जांचों का प्रतिशत कम होने के कारण संक्रमण का पता नहीं चला। लेकिन जैसे ही जांचों में इजाफा किया गया तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आने लगे। फिर कोरोना बेकाबू होता गया। लोग अपनी रिश्तेदारी, काम-धंधे के चलते निरंतर एक से दूसरे शहर में आवागमन करते रहे और अपने परिवार व सम्पर्क वालों को भी संक्रमित करते रहे। प्रमुख बात यह निकल कर सामने आई है कि जिले में कुछ गिनती के मरीजों में ही कोरोना के लक्षण है, अन्य में लक्षण नहीं होने के कारण खुद उनको भी नहीं पता लगा कि वे संक्रमित हो चुके हैं, ऐसे में उन्होंने दूसरों को भी कोरोना की चपेट में ले लिया।
यूं बढ़ा कोरोना का ग्राफ

10जून तक- 75
11- 12
12- 09
13- 13
14- 44
15- 32
16- 03
17- 52
18- 00
19- 11
20- 58
21- 96
22- 47
23- 15


एक प्रतिशत से साढ़े चार प्रतिशत पर पहुंचा संक्रमण

जिले में दस जून तक जहां जांचों के मुकाबले संक्रमण की स्थिति मात्र एक प्रतिशत थी, वहीं अब 12 दिन में बाजी पलट गई है। अब कुल आए जांच परिणामों में संक्रमित व्यक्तियों का प्रतिशत 4.50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। ऐसे में जिले में चिंताजनक हालात बनते जा रहे हैं।

स्वास्थ्य निदेशक ने डाला डेरा
जिले में एकाएक बढ़ते कोरोना केस प्रदेश भर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। मंगलवार सुबह तक की राज्य स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार जयपुर के बाद सबसे अधिक एक्टिव संक्रमित व्यक्ति धौलपुर में दिखाए जा रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के निदेशक ने सोमवार को जिले में पहुंचकर पहले बाड़ी का दौरा किया। इसके बाद मंगलवार सुबह जिला कलक्टर सहित चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से वार्ता की है। वहीं बसेड़ी क्षेत्र का भी दौरा किया। निदेशक ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में संक्रमण रोकने के लिए समिति का गठन किया जाएगा, जिससे होम आइसोलेट व्यक्तियों की निगरानी की जा सके। वहीं अधिक से अधिक जांचों पर जोर दिया जा रहा है, जिससे संक्रमण की चेन टूट सके।

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