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धौलपुर

बारिश से अन्नदाता के चेहरे पर दिखी मुस्कान, इस बार ज्यादा फसल की आस

खाद-बीज के साथ खेतों को बोनी के लिए तैयार करने में जुटे किसान

– जिले में 1 लाख दो हजार चार सौ चौरानवे हेक्टेयर खरीफ फसल का लक्ष्य

– 87 हजार पांच सौ पंैतालीस हेक्टेयर रकवा बाजरा के लिए आवंटित

धौलपुरJun 28, 2024 / 07:07 pm

Naresh

बारिश से अन्नदाता के चेहरे पर दिखी मुस्कान, इस बार ज्यादा फसल की आस Smile seen on the face of food giver due to rain, hope of more crop this time
खाद-बीज के साथ खेतों को बोनी के लिए तैयार करने में जुटे किसान

– जिले में 1 लाख दो हजार चार सौ चौरानवे हेक्टेयर खरीफ फसल का लक्ष्य

– 87 हजार पांच सौ पंैतालीस हेक्टेयर रकवा बाजरा के लिए आवंटित
धौलपुर. बारिश का दौर प्रारंभ होते ही किसानों के साथ कृषि विभाग के अधिकारियों के चेहरों पर रोनक आ गई है। किसानों ने खरीफ बोनी को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। खेतों को तैयार करने के साथ ही खाद की बीज की व्यवस्था करने में जुट गए हैं। हालांकि अभी बुवाई के लिए उन्हें इंतजार करना पड़ सकता है क्योंकि जब तक खेतों से पानी सूखेगा नहीं तब तक बुवाई नहीं हो पाएगी। वहीं कृषि विभाग ने इस वर्ष खरीफ फसल का रकवा एक लाख दो हजार चार सो चौरानवी हेक्टेयर रखा है। जो कि पिक्षले वर्ष की अपक्षा 14 हेक्टेयर ज्यादा है। वहीं विभाग बाजरा की पैदावर बढ़ाने के लिए इस बार किसानों को फ्री किट उपलब्ध करा रहा है। जिससे किसान तकनीक और अच्छे बीज का इस्तेमाल कर पैदावार को बढ़ा सकें।
शहर में हुई पहली बार झमाझम बारिश के साथ किसान और कृषि विभाग मुस्तैद हो गए हैं। किसान जहां बोवनी की तैयारियों में लग गया है तो वहीं कृषि विभाग भी खरीफ बोनी को लेकर अपने स्तर पर व्यवस्था बनाने में जुट गया है। कृषि विभाग ने इस वर्ष लगभग एक लाख दो हजार चार सो चौरानवे हेक्टेयर रखा है। हेक्टेयर में खरीफ फसल बुवाई का लक्ष्य रखा है। जिसमें से अकेले 87 हजार पांच सौ पंैतालीस हेक्टेयर रकवा बाजरा के लिए आवंटित है। तो वहीं तिल के लिए 1998 हेक्टर का लक्ष्य है। जो पिछले साल 1139 हेक्टेयर था। साथ ही अनाज के साथ दलहन व तिलहन फसलों की बोनी का भी लक्ष्य है। बोनी के समय खाद बीज की उपलब्धता बनी रहे इसके लिए कृषि विभाग ने पहले से ही व्यवस्था कर रखी है।
किसानों को ढैंचा और बाजरा के किट फ्रीराजस्थान सरकार ने बाजरा उत्पादन को बढ़ावा और अच्छी पैदावार होने के लिए योजनाएं चलाई हैं। जिसके तहत किसानों को बाजरा और ढैंचा की किट फ्री दी जाने थी। इस योजना के तहत अभी तक जिले में बाजरा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 6000 किसानों को फ्री किट उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। वहीं फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए 20000 किट किसानों को ढैंचे की दी चुकी हैं। इसमें से 5000 किट अलट योजना के तहत किसानों को दी गई हैं। कृषि विभाग के अनुसार एक किट 10 किलो की होती है।
6-7 दिन से हो रहा बीजों का वितरण

मानसून सीजन आते ही खरीफ फसल की तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। जिसके लिए कृषि विभाग द्वारा किसानों को बीज का वितरण किया जा रहा है। बीजों का वितरण कृषि पर्यवेक्षक मुख्यालयों से पिछले 6-7 दिनों से हो रहा है। जिसमें बाजरा, मक्का, ढैंचा, तिल, मूंग, उड़द, सोयाबीन, धान सहित अन्य बीज भी शामिल हैं। पैदावार बढ़ाने के लिए इनमें से बाजरा और ढैंचा की किट किसानों को फ्री दी जा रही है।
उन्नत तकनीक की खेती के लिए किसानों को मदद

गौरतलब है कि खरीफ सीजन में खेती करने के लिए उचित किस्म के बीजों का चयन करना किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। चुनौती उन किसानों के लिए अधिक बढ़ जाती है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, इसलिए राजस्थान सरकार का लक्ष्य है कि यह बीज उन किसानों को पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। सरकार यह सुनिश्चित करती है कि इस योजना का लाभ सबसे कमज़ोर आबादी तक पहुंचे इस योजना के तहत सरकार किसानों को बीज वितरण के अलावा खाद और उन्नत कृषि उपकरण भी उपलब्ध करा रही है। ताकि किसानों के पास खेती के लिए बेहतर बीज खाद और उन्नत तकनीक उपलब्ध हो सके।
हाइब्रिड खेती की ओर बढ़ा किसानों का रुझान

एक ओर जहां राज्य सरकार बाजरा की फसल को बढ़ावा देने के लिए फ्री बीज तक किसानों को उपलब्ध करा रही है। मगर किसान रुझान अब हाइब्रिड खेती की ओर बढ़ रहा है। बीज व्यापारी नवीन अरोड़ा बताते हैं कि किसानों का बाजरा की खेती से मोहभंग होता जा रहा है। अभी तक ज्यादातर किसानों ने बीज खरीदने में रुचि नहीं दिखाई है। किसानों का रुझान तिल, मूंग, अरहर, ग्वार, सोयाबीन और सब्जी की खेती में बढ़ रहा है।
उन्नत तकनीक की खेती के लिए किसानों को मदद

गौरतलब है कि खरीफ सीजन में खेती करने के लिए उचित किस्म के बीजों का चयन करना किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। चुनौती उन किसानों के लिए अधिक बढ़ जाती है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, इसलिए राजस्थान सरकार का लक्ष्य है कि यह बीज उन किसानों को पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। सरकार यह सुनिश्चित करती है कि इस योजना का लाभ सबसे कमज़ोर आबादी तक पहुंचे इस योजना के तहत सरकार किसानों को बीज वितरण के अलावा खाद और उन्नत कृषि उपकरण भी उपलब्ध करा रही है। ताकि किसानों के पास खेती के लिए बेहतर बीज खाद और उन्नत तकनीक उपलब्ध हो सके।
हाइब्रिड खेती की ओर बढ़ा किसानों का रुझान

एक ओर जहां राज्य सरकार बाजरा की फसल को बढ़ावा देने के लिए फ्री बीज तक किसानों को उपलब्ध करा रही है। मगर किसान रुझान अब हाइब्रिड खेती की ओर बढ़ रहा है। बीज व्यापारी नवीन अरोड़ा बताते हैं कि किसानों का बाजरा की खेती से मोहभंग होता जा रहा है। अभी तक ज्यादातर किसानों ने बीज खरीदने में रुचि नहीं दिखाई है। किसानों का रुझान तिल, मूंग, अरहर, ग्वार, सोयाबीन और सब्जी की खेती में बढ़ रहा है।
उन्नत फसल के पैदावर होने के आसारराज्य सरकार खरीफ फसल की अच्छी पैदावार बढ़ाने के लिए किसानों को फ्री किट उपलब्ध करा रही है। वहीं इस बार पिछले साल से ज्यादा रकवा खरीफ बोवनी का लक्ष्य रखा गया है। जिसे विभाग द्वारा पूरा किया जा रहा है। इस बार उम्मीद के अनुसार उन्न्तत खरीफ फसल की पैदावार होगी। किसान अच्छी पैदावर के लिए जांच- परख कर अच्छी गुणवत्ता और अच्छे किस्म का बीज खरीदें। जिससे फसल की पैदावर ठीक से हो।
– बबलू कुमार त्यागी, सहायक निदेशक, कृषि विस्तार धौलपुर

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