कॉलेज में अव्यवस्थाओं को लेकर भडक़े विद्यार्थी, स्टाफ को बंद कर जड़ा ताला, किया प्रदर्शन

सैपऊ. उपखंड मुख्यालय स्थित राजकीय महाविद्यालय के छात्र छात्राओं में भवन अभाव एवं शैक्षणिक अव्यवस्थाओं को लेकर आक्रोश भडक़ गया। महाविद्यालय के मुख्य गेट का दरवाजा बंद कर प्राचार्य एवं अन्य स्टाफ को बंद कर छात्र छात्राएं धरने पर बैठ गए। प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।

By: Naresh

Updated: 04 Mar 2021, 12:12 PM IST

कॉलेज में अव्यवस्थाओं को लेकर भडक़े विद्यार्थी, स्टाफ को बंद कर जड़ा ताला, किया प्रदर्शन
- तीन दिवस में व्यवस्थाएं नहीं सुधरी तो होगा उग्र आंदोलन
सैपऊ. उपखंड मुख्यालय स्थित राजकीय महाविद्यालय के छात्र छात्राओं में भवन अभाव एवं शैक्षणिक अव्यवस्थाओं को लेकर आक्रोश भडक़ गया। महाविद्यालय के मुख्य गेट का दरवाजा बंद कर प्राचार्य एवं अन्य स्टाफ को बंद कर छात्र छात्राएं धरने पर बैठ गए। प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विद्यार्थियों से समझाइश करने का भी प्रयास किया। लेकिन विद्यार्थी जिम्मेदार अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए धरने पर बैठे रहे। प्रदर्शन करने के बाद छात्र छात्राएं कस्बे के बाजार से रैली निकालते हुए उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचे। एसडीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर विद्यार्थियों ने आक्रोश व्यक्त किया। एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर छात्र-छात्राओं में राजकीय महाविद्यालय में व्यवस्थाओं में सुधार करने के साथ व्याख्याता लगाने की मांग की है।
राजकीय महाविद्यालय सैपऊ के विद्यार्थियों में भवन अभाव एवं शैक्षणिक अव्यवस्थाओं को लेकर आक्रोश भडक़ गया। सैकड़ों की तादाद में ग्रेजुएशन कर रहे विद्यार्थियों ने लामबंद होकर महाविद्यालय के मुख्य गेट का ताला जडकऱ सामने धरने पर बैठ गए। इस दौरान विद्यार्थियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर हंगामा किया। विद्यार्थियों ने बताया कि पिछले लंबे समय से राजकीय महाविद्यालय जर्जर एवं दयनीय हालत से जूझ है। राज्य सरकार ने महाविद्यालय की स्थापना कर दी। लेकिन पुराने प्राथमिक विद्यालय में महाविद्यालय को शिफ्ट किया है। महाविद्यालय के कक्ष एवं बरामदे अधिकांश जर्जर एवं जीर्ण चुके हैं। 400 से अधिक छात्र छात्राएं महाविद्यालय में अध्ययन करने आते हैं। लेकिन भवन अभाव होने के कारण बीए प्रथम वर्ष व द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को सप्ताह में तीन तीन शिफ्ट में पढ़ाया जाता है। उन्होंने बताया वर्तमान में महज दो ही व्याख्याता है। महाविद्यालय के एक व्याख्याता राजेश शर्मा को सरमथुरा उपखंड मुख्यालय स्थित महाविद्यालय पर प्रतिनियुक्ति पर लगाया था। लेकिन उनकी वापसी नहीं हो सकी है। ऐसे में महाविद्यालय की पढ़ाई पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। राज्य सरकार छात्र छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। विद्यार्थियों ने बताया वर्तमान में राजनीतिक शास्त्र, इतिहास, अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषय के व्याख्याता नहीं है। जिससे विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। छात्र छात्राओं ने बताया पूर्व में भी ज्ञापन एवं शिकायत पत्र देकर प्रशासन के माध्यम से सरकार को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन राज्य सरकार छात्रों के प्रति गंभीर नहीं है। राजकीय महाविद्यालय प्राचार्य समेत अन्य स्टाफ को बंद कर ताला जड़ दिया। मामले की खबर सुनकर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। लेकिन पुलिस को भी छात्र छात्राओं के विरोध का सामना करना पड़ा। बाद में विद्यार्थियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौप महाविद्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं से निजात दिलाने के साथ महत्वपूर्ण विषय के व्याख्याता लगाने की मांग की है। एसडीएम की समझाइश के बाद छात्र छात्राओं ने महाविद्यालय के गेट का ताला खोल दिया। वहीं राजकीय महाविद्यालय के छात्र छात्राओं ने चेतावनी देते हुए कहा तीन दिवस के अंदर अगर सरकार ने विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इनका कहना है

महाविद्यालय के छात्र छात्राओं ने व्याख्याता लगवाने और भवन निर्माण की मांग के लिए ज्ञापन सौंपा है। इसलिए जानकारी लेने के लिए महाविद्यालय प्राचार्य को बुलाकर महाविद्यालय की समस्याओं के समाधान के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया, जिससे समाधान हो सके।
रामकिशोर मीणा, उपखंड अधिकारी, सैपऊ।

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