औचक निरीक्षण ने खोली व्यवस्थाओं की पोल, केंद्रों पर लटके मिले ताले

राजाखेड़ा. कहने को देश में नौनिहालों, किशोरियों व गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से बचाकर स्वस्थ्य रखने के उद्देश्य से आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थापना की गई है। लेकिन राजाखेड़ा के शहरी क्षेत्र में यह आंगनबाड़ी केन्द्र केवल कागजों में संचालित होते नजर आ रहे है। इस बात की पोल बुधवार को स्वयं विभाग के उच्चाधिकारियों की ओर से कराए गए औचक निरीक्षण में खुल गई।

By: Naresh

Updated: 14 Jan 2021, 02:59 PM IST

औचक निरीक्षण ने खोली व्यवस्थाओं की पोल, केंद्रों पर लटके मिले ताले
राजाखेड़ा. कहने को देश में नौनिहालों, किशोरियों व गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से बचाकर स्वस्थ्य रखने के उद्देश्य से आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थापना की गई है। लेकिन राजाखेड़ा के शहरी क्षेत्र में यह आंगनबाड़ी केन्द्र केवल कागजों में संचालित होते नजर आ रहे है। इस बात की पोल बुधवार को स्वयं विभाग के उच्चाधिकारियों की ओर से कराए गए औचक निरीक्षण में खुल गई। यहां सुबह साढ़े बजे शहरी क्षेत्र के 25 केन्द्रों में मात्र दो केन्द्र ही खुले मिले, शेष पर ताले लटके मिले।
उल्लेखनीय है कि शहरी क्षेत्र में स्थित लगभग सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का बुधवार को उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग धौलपुर के निर्देश पर जिला समन्वयक राष्ट्रीय पोषण अभियान विमल मुदगल से औचक निरीक्षण कराया गया। जिसमें शहर के 25 केन्द्रों में से दो केन्द को खुला हुआ पाया, जबकि शेष सभी केन्द्रों पर अधिकांश केंद्रों पर ताले लटके मिले। इस दौरान गंभीर बात यह रही कि जो केन्द्र खुले मिले वहां ना तो कोई कार्यक्रम का संचालन हो रहा था, ना तो कोई बच्चों का अध्यापन कार्य और ना ही सुचारू ढंग से राशन वितरण होना पाया गया।
ये मिले हालात
जिला समन्वयक राष्ट्रीय पोषण अभियान विमल मुदगल ने बताया कि निरीक्षण में ब्लॉक के शहरी क्षेत्र के वार्ड संख्या अनुसार वार्ड क्रमांक 3,4 के अलावा आरएसी, गोपीनाथ स्कूल, वार्ड 7,8,18 राठौर बस्ती, मनिहार गली, वार्ड 15, 16 व 17 ,21,22 के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ताला बंद मिला, जबकि वार्ड 24, व बेसिक स्कूल केंद्रों पर केंद्र तो बंद मिले, लेकिन इनकी आशा सहयोगिनी उषा देवी व मंजू इनके खुलने का इंतजार करती मिली। निरीक्षण में सिर्फ 2 केंद्र वार्ड 1 व 25 के केंद्र ही खुले मिले, जबकि इनका निरीक्षण सुबह 10.21 से 12.03बजे तक किया गया था । ऐसे में केंद्रों के संचालन के वास्तविक हालात की कलई खुल के आ गई और कैसा पोषण ये केंद्र दे रहे हैं यह भी स्पष्ट हो गया ।
इनका कहना
उपनिदेशक के निर्देशों पर निरीक्षण किया गया । हालात विकट पाए गए । सिर्फ 2 केंद्र खुले थे। गहन जांच रिपोर्ट केंद्रों पर कार्यरत मानदेय कार्मिकों को मानदेय सेवा से हटाने के लिए प्रथम नोटिस जारी करने की संस्तुति सहित उच्चाधिकारियों को प्रेषित की गई है ।"
विमल मुदगल, जांच अधिकारी
मेरे निर्देशो पर ही निरीक्षण किया गया हैं। जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके । लापरवाह कार्मिकों पर कड़ी कार्यवाही की जा रही है ।महत्वपूर्ण लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में हम सख्त कदम उठा रहे है ।
भूपेश कुमार गर्ग, उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग

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