चंबल के रास्तों का सर्वे शुरू, जल्द होंगी पुलिस-आरएसी की तैनातगी

धौलपुर. राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा का विभाजन करती चंबल बदमाशों के वरदान साबित हो रही है। ऐसे में बदमाशों को चंबल के रास्तों से रोकने के लिए जिला पुलिस ने चक्रव्यूह बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। जिले के चंबल नदी से होकर राजस्थान से मध्य प्रदेश में प्रवेश करने के रास्तों को चिन्हित करने का कार्य शुरू दिया गया है। चंबल क्षेत्र का सर्वे कार्य जल्द पूरा होने के बाद यहां पुलिस व आरएसी जवानों की तैनातगी के लिए अस्थाई चौकियों की व्यवस्था की जाएंगी।

By: Naresh

Published: 30 Oct 2020, 06:33 PM IST

चंबल के रास्तों का सर्वे शुरू, जल्द होंगी पुलिस-आरएसी की तैनातगी
-वारदात के बाद चंबल के रास्तों से मध्य प्रदेश सीमा में प्रवेश कर जाते है बदमाश
-चंबल क्षेत्र से जुड़े थाना प्रभारियों को दिए एसपी ने निर्देश
धौलपुर. राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा का विभाजन करती चंबल बदमाशों के वरदान साबित हो रही है। ऐसे में बदमाशों को चंबल के रास्तों से रोकने के लिए जिला पुलिस ने चक्रव्यूह बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। जिले के चंबल नदी से होकर राजस्थान से मध्य प्रदेश में प्रवेश करने के रास्तों को चिन्हित करने का कार्य शुरू दिया गया है। चंबल क्षेत्र का सर्वे कार्य जल्द पूरा होने के बाद यहां पुलिस व आरएसी जवानों की तैनातगी के लिए अस्थाई चौकियों की व्यवस्था की जाएंगी।
उल्लेखनीय है कि चंबल नदी जिले में करीब 145 किलोमीटर क्षेत्र बह रही चम्बल नदी के नजदीक करीब 69 गांव बसे हुए है। चंबल नदी का बहाव क्षेत्र पठारीय है। पठारीय क्षेत्र होने के कारण चंबल नदी में कई जगह ऊबड खाबड़ हो जाने के कारण कहीं-कहीं पानी का बहाव कम है। यह कम बहाव वाले स्थानों की जानकारी बदमाशों को है, जिसके कारण क्षेत्र में वारदात करने के बाद बदमाश चंबल के कम बहाव वाले रास्तों के जरिए आसानी से चंबल पार कर मध्य प्रदेश की सीमा में पहुंच कर सुरक्षित पहुंच जाते है। ऐसे में पुलिस बहती चंबल नदी के पार करने रास्तों की जानकारी नहीं होने के कारण अपने स्थान पर ही खड़ी रह जाती है। डांग क्षेत्र में डकैतों और बदमाशों को पकडऩे के लिए पुलिस ने कई बार दबिशें भी दी, लेकिन अक्सर बदमाशों और डकैतों का चंबल पार कर पड़ोसी राज्य के पहुंच जाना सामने आया है।
एसपी के निर्देश पर रास्तों के चिन्हितकरण
जिला पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत ने चंबल के थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सर्वे करते हुए ऐसे रास्तों को चिन्हित करने के निर्देश दिए है, जिन स्थानों से बदमाशों के चंबल पार कर जाते है। इन रास्तों के सर्वे के दौरान चंबल की तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों से मदद ली जा रही है, ताकि ऐसे चंबल के पानी के कम बहाव वाले रास्ते आसानी से चिन्हित हो सकें। एसपी ने बताया कि सरमथुरा, बाड़ी सदर, बसई डांग, कोतवाली, दिहौली, राजाखेड़ा आदि क्षेत्र में यह सर्वे का कार्य किया जाएंगा। इस सर्वे में सभी थाना प्रभारियों को प्रमुखता दिखाने के लिए निर्देश दिए गए है।
सर्वे के बाद तैनात होंगे जवान
चंबल नदी के आवागमन के रास्तों को चिन्हित करने के अलावा सर्वे में ऐसे स्थानों का भी चिन्हित किया जा रहा है, जहां पर पुलिस व आरएसी जवानों की तैनातगी की जा सके। जिस स्थान पर पुलिस व आरएसी के जवानों की तैनातगी की जाएंगी, यहां पहुंचने के आवागमन के रास्ते, भोजन-पानी की उपलब्धता आदि के विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए गए है।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में चम्बल नदी के बहाव से हुए मिट्टी के कटाव से करौली, धौलपुर सीमा क्षेत्र के डांग इलाके में गड्डों का निर्माण हो गया। इन गड्डों को बीहड़, डांग और खादर के नाम से पुकारा जाता है। क्षेत्र डाकुओं की शरणस्थली के नाम से जाना जाता है। बीहड़ों के टेड़-मेड़े रास्तों के डकैत जानकार और इन रास्तों के आवागमन के लिए स्वयं के स्तर पर चिन्ह भी लगाएं गए है। ऐसे में डांग क्षेत्र में अगर पुलिस दबिश देती है, वे बीहड़ के जानकार रास्तों से आसानी से सुरक्षित स्थान तक पहुंच जाते है। जिसके बाद पुलिस का सर्च अभियान भी डकैतों तक नहीं पहुंच पाता है।
चंबल से होकर एमपी में प्रवेश का रास्ता
चंबल नदी का बहाव क्षेत्र पठारीय है। पठारीय क्षेत्र होने के कारण चंबल नदी में कई जगह ऊबड खाबड़ हो जाने के कारण पानी का बहाव कम है। चंबल की भौगोलिक स्थिति के जानकार डकैतों ने बहाव क्षेत्र में उन रास्तों को चिन्हित कर रखा है, जहां पानी कम है। वे पुलिस के मुठभेड़ के दौरान आसानी से इन रास्तों से पड़ोसी राज्य की सीमा में प्रवेश कर जाते है और अपने आप को सुरक्षित कर लेते है। पुलिस बहती चंबल नदी के पार करने रास्तों की जानकारी नहीं होने के कारण अपने स्थान पर ही खड़ी रह जाती है। डांग क्षेत्र में डकैतों और बदमाशों को पकडऩे के लिए पुलिस ने कई बार दबिशें भी दी, लेकिन अक्सर बदमाशों और डकैतों का चंबल पार कर पड़ोसी राज्य के पहुंच जाना सामने आया है।
घना जंगल भी वरदार
बसई डांग क्षेत्र के घने जंगल भी डकैतों के लिए वरदान बने हुए है। इन जंगल क्षेत्र में डकैत गिरोह ऐसे स्थान पर अपना डेरा जमाते है, यहां से उन्हें कई किलोमीटर तक की गतिविधियों की जानकारी आसानी से होती रहे। सोमवार को हुई मुठभेड़ में डकैत केशव गिरोह ने जिस स्थान पर डेरा जमा रखा था, वह एक कंटीली झांडियों के बीच एक टापू नुमा एरिया था, यहां से गिरोह को हर गतिविधि की जानकारी आसानी से हो रही थी। जब यहां पुलिस ने दबिश दी, इस दौरान डकैतों को ऊंचाई से फायरिंग करते हुए पुलिस को यहां तक पहुंच पाने में सफलता प्राप्त कर ली और फायदा उठाकर गिरोह मौके से फरार हो गए।

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