मौजूदा अधिकारी तो गए, लेकिन आए नहीं, जनता हो रही हलकान

मौजूदा अधिकारी तो गए, लेकिन आए नहीं, जनता हो रही हलकान
मौजूदा अधिकारी तो गए, लेकिन आए नहीं, जनता हो रही हलकान

mahesh gupta | Updated: 12 Oct 2019, 11:06:47 AM (IST) Dholpur, Dholpur, Rajasthan, India

सरकार की मंशा रहती है कि फरियादी को हर हाल में राहत मिले, इसके लिए खुद मुख्यमंत्री तक जनसुनवाई करते हैं। लेकिन धौलपुर जिला मुख्यालय पर अधिकारियों का टोटा पड़ा हुआ है।

दो अधिकारियों पर दारोमदार
धौलपुर. सरकार की मंशा रहती है कि फरियादी को हर हाल में राहत मिले, इसके लिए खुद मुख्यमंत्री तक जनसुनवाई करते हैं। लेकिन धौलपुर जिला मुख्यालय पर अधिकारियों का टोटा पड़ा हुआ है।
आम जनता की फरियाद सुनने के लिए अधिकारी ही नहीं हैं। इसके चलते अब जिले की जनता अधिकारियों की राह तक रही है। जिला मुख्यालय पर कलक्टर और सीईओ जिला परिषद ही रह गए हैं, लेकिन उनके पास पूरे जिले का दारोमदार है। वहीं आए दिन होने वाली बैठकों में व्यस्तता के चलते आमजन को सुनवाई में ही दो से तीन दिन लग जाते हैं।
फरियादी कलक्ट्रेट तक आते हैं और लौट जाते हैं
अपनी समस्याओं का निदान कराने के लिए जिले भर से फरियादी कलक्ट्रेट तो पहुंचते हैं, लेकिन अधिकारियों के नहीं मिलने पर निराश होकर लौट जाते हैं। हालांकि परिवाद लेने के लिए कलक्ट्रेट में एक काउण्टर बना हुआ है, जिस पर समस्या लिखकर दी जा सकती है, लेकिन लोगों को यह भ्रम बना रहता है कि उनका परिवाद सम्बंधित अधिकारी तक पहुंचेगा भी या नहीं। इसके लिए वे अधिकारियों का घंटों तक इंतजार करते हैं, लेकिन अब अधिकारी ही नहीं है तो वे निराश होकर लौट जाते हैं। यह स्थिति पिछले करीब एक माह से बनी हुई है।
बढ़ रहे राजस्व मुकदमे
एडीएम, एसडीएम व एसीएम का पद खाली होने के कारण राजस्व मुकदमों में भी बढ़ोतरी हो रही है। परिवादियों को राहत के बदले तारीख पर तारीख मिल रही हैं।
क्या आ रही दिक्कत
रिक्त पदों का कार्यभार ऐसे अधिकारियों के पास हैं, जिनके पास पहले से ही काम का अधिक बोझ है। यथा पंचायत राज की कमान संभालने वाले सीईओ जिला परिषद शिवचरण मीणा एसीईओ के काम के साथ एडीएम का कार्य भी देख रहे हैं। चृकि: पंचायत राज में ही इतना काम होता है कि प्रशासनिक एवं कानून व्यवस्था देख पाना मुश्किल होता है। वहीं एसडीएम का कार्यभार राजाखेड़ा एसडीएम के पास है, जिनको यहां आने में ही करीब दो घंटे लग जाते हैं। इसी प्रकार तहसीलदार भू-अभिलेख के पास तहसीलदार के अलावा, चुनाव तहसीलदार, उप पंजीयक का कार्य भी है।
इन अधिकारियों के पद खाली
जिला मुख्यालय पर अतिरिक्त जिला कलक्टर का पद करीब दो माह से रिक्त चल रहा है। वहीं पिछले माह आई सूची में उपखण्ड अधिकारी कैलाश चंद मीणा का भी तबादला कर दिया गया। एडीएम पद पर नरेन्द्र वर्मा तथा एसडीएम पद पर आशीष कुमार को लगाया गया था। लेकिन दोनों अधिकारियों ने अभी तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। वहीं तहसीलदार चिंरजीलाल शर्मा के स्थान पर संदीप कुमार को लगाया गया। इस पर चिंरजीलाल शर्मा तो रिलीव होकर चले गए, लेकिन संदीप कुमार ने तहसीलदार के पद पर अभी तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। वहीं जिला रसद अधिकारी का पद तो करीब दस माह से ही रिक्त चल रहा है। इसके अलावा एसीएम, उपपंजीयक, तहसीलदार चुनाव तथा एसीईओ जिला परिषद का पद रिक्त चल रहा है। यह सभी पद सीधे जनता से जुड़े हुए हंै।
अधिकारियों के पद खाली हैं, इनके बारे में राज्य सरकार को लिखा हुआ है। वैसे जो भी अधिकारी है, वे जनता को राहत दे रहे हैं।
राकेश कुमार जायसवाल, जिला कलक्टर, धौलपुर।

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