18 साल से चोरी की बिजली से रोशन हो रहा है बसेड़ी का एसडीएम कार्यालय

बसेड़ी. जिले का विद्युत विभाग के नियम भी अजीब है, बिजली चोरी रोकने का डंडा केवल जनता ही चलाया जाता है। जिले के बसेड़ी कस्बे में उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में वर्षों से खुलेआम बिजली की चोरी हो रही है,

By: Naresh

Published: 24 Jul 2020, 04:30 PM IST


18 साल से चोरी की बिजली से रोशन हो रहा है बसेड़ी का एसडीएम कार्यालय
-सरकारें आई और गई, लेकिन नहीं हुआ बिजली कनेक्शन
- १८ साल हुए उपखण्ड बने, 23 एसडीएम भी बदले, फिर भी नहीं हुआ बिजली का कनेक्शन
बसेड़ी. जिले का विद्युत विभाग के नियम भी अजीब है, बिजली चोरी रोकने का डंडा केवल जनता ही चलाया जाता है। जिले के बसेड़ी कस्बे में उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में वर्षों से खुलेआम बिजली की चोरी हो रही है, लेकिन यहां निगम अधिकारियों ने चोरी रोकने को कार्रवाई करना तो दूर अभी तक एक बार भी उच्चाधिकारियों से शिकायत तक नहीं की है। गंभीर बात यह है कि १८ साल पहले बने बसेड़ी के उपखण्ड कार्यालय पर २३ उपखण्ड अधिकारी भी नौकरी कर चुके है, लेकिन किसी ने भी कार्यालय पर बिजली का कनेक्शन कराने की जहमत तक नहीं उठाई है। ऐसे में प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा हो गया है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2002 में बसेड़ी में उपखंड कार्यालय शुरू हुआ। उस दौरान तत्कालीन उपखंड अधिकारी मुकुट बिहारी जांगिड़ को कार्यवाहक उपखंड अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया गया था। उसके बाद उपखंड कार्यालय में अब तक करीब 23 उपखंड अधिकारियों के आने-जाने का सिलसिला चलता रहा। लेकिन अभी तक यहां बिजली का कनेक्शन नहीं हो सका है। कस्बे में संचालित एडीएम कार्यालय में वर्तमान में नौ कमरों में कार्यालय का कार्य होता है। यहां कार्यालय के मुख्य दरवाजे पर तीन बड़ी एलईडी लाइटें लगी हुई है, जबकि कमरों में 3 बड़े कूलर, 20 ट्यूब लाइट, 15 पंखे लगे हुए हैं। इसी क्रम में कार्यालय पर करीब आधा दर्जन कम्प्यूटर भी लगे हुए है। यह सभी उपकरण बिजली से संचालित है। कार्यालय में हाल में करीब दो दर्जन स्थाई व गैर स्थाई कार्मिक व अधिकारियों का स्टाफ है।
हर माह हो रही १५ हजार रूपए की बिजली चोरी
बिजली एक्सपर्ट के अनुसार अगर एक कूलर प्रतिदिन १० से १२ घंटे तक चलता है तो वह पूरे दिन में करीब छह से सात यूनिट बनता है, जबकि एक पंखा इसी समय में डेढ़ यूनिट, ट्यूब लाइट एक यूनिट व एलईडी बल्व बड़ा वाला एक यूनिट का बिजली खर्च आता है। इसी हिसाब से एडीएम कार्यालय पर लगे बिजली उपकरण पर करीब दो से ढाई हजार यूनिट का खर्च होती है। इस हिसाब से प्रतिमाह करीब पन्द्रह हजार
तक का बिजली बिल बनता है। जबकि वर्ष का करीब दो से पौने दो लाख रूपए की बिजली कार्यालय में खर्च हो जाती है।
कार्यालय में बिजली चोरी की कस्बे में चर्चा
बसेड़ी एडीएम कार्यालय की ओर से बिजली चोरी किया जाना कस्बे में किसी से भी नहीं छुपा है। यहां एडीएम कार्यालय में न्यायायल भी संचालित है, प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोगों का आना-जाना भी लगा रहता है। ऐसे में यहां खुलेआम हो रही बिजली की चोरी को देखकर आमजन के भी हौंसले बुलंदियों पर है। विभाग के ताजा आंकडों पर नजर डाले तो धौलपुर जिले मेे ५२.२९ प्रतिशत बिजली की चोरी हो रही है। इसमें सबसे अधिक बिजली चोरी कस्बा बसेड़ी क्षेत्र में ७६.७३ प्रतिशत है। इस बीच मजे की बात यह है कि जिले के अधिकारी लोगों को बिजली चोरी रोकने के लिए पाठ पढ़ाते रहे, लेकिन कभी अपने गिरेबान में झांक कर नहीं देखा कि हम जिस कार्यालय में बैठे हैं उसमें खुलेआम चोरी कर रहे हैं।
3 विधानसभा चुनाव होने बाद भी नहीं सुधरे हालात
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2008 में बसेड़ी को विधानसभा का दर्जा प्राप्त होने के बाद वर्ष 2008 में तत्कालीन उपखंड अधिकारी सुरेंद्र कुमार जाट द्वारा संपन्न कराया गया, उसके बाद वर्ष 2013 तथा 2019 के विधानसभा चुनाव भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा संपन्न कराए गए। लेकिन इस दौरान भी किसी को बिजली के कनेक्शन का ध्यान नहीं आया।

देखकर मूक रहे विद्युत अधिकारी
अगर देखा जाए तो विद्युत निगम के अधिकारियों की ओर से भी बड़ी संख्या में बीते 18 सालों में कई कनिष्ठ अभियंता सहायक अभियंता आते जाते रहे। लेकिन किसी को भी प्रशासन के डर के सामने इतनी हिम्मत नहीं दिखाई कि उपखंड अधिकारी से कहते के साहब आप के कार्यालय में भी बिजली का कनेक्शन नहीं है, आपको बिजली का कनेक्शन करा लेना चाहिए। जब इस मामले की जानकारी कुछ गणमान्य नागरिकों पिछले दिनों तत्कालीन उपखंड अधिकारी प्यारेलाल को दी, तो उन्होंने औपचारिकता करते हुए फाइल पिछले महीने विद्युत निगम में भेज दी है।


इनका कहना है

विद्युत वितरण निगम सहायक अभियंता अकरम खान ने बताया कि
अब तक बिजली का कनेक्शन एसडीएम कार्यालय में क्यों नहीं हुआ मेरी जानकारी में नहीं है। फिलहाल एसडीएम कार्यालय से फाइल भिजवाई गई है, जिसका निर्माण नोटिस जारी कर दिया गया है। डिमांड नोटिस की राशि जमा होते ही कनेक्शन हो जाएगा।
अकरम खान, सहायक अभियंता, विद्युत निगम बसेड़ी

पूर्व में किसी भी अधिकारी ने बिजली के कनेक्शन को लेकर रुचि नहीं ली, जिसकी वजह से कनेक्शन नहीं हुआ। 1 महीने पहले विद्युत निगम में हमने फाइल लगा दी है, जिसकी डिमांड नोटिस अभी तक नहीं मिला है।
सुवालाल, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी, एडीएम कार्यालय, बसेड़ी
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