स्टेट हाईवे की रोनक बने ३३ साल पहले लगे पेड़

बसेड़ी. यहां बाड़ी बसेड़ी सड़क मार्ग पर 33 साल पहले लगाए गए पार्वती नदी से बसेड़ी की ओर लगे स्टेट हाईवे पर सड़क के दोनों ओर पेड़ ना केवल हरियाली दे रहे है, बल्कि स्टेट हाईवे को चार चांद लगा रहे हैं। यहां से गुजर रहे राहगीरों के अलावा पशु पक्षियों को भी इस भीषण गर्मी के माहौल में हरियाली बरसा रहे पेड़ राहत प्रदान कर रहे है।

By: Naresh

Published: 01 Jun 2020, 07:53 PM IST


स्टेट हाईवे की रोनक बने ३३ साल पहले लगे पेड़
बसेड़ी. यहां बाड़ी बसेड़ी सड़क मार्ग पर 33 साल पहले लगाए गए पार्वती नदी से बसेड़ी की ओर लगे स्टेट हाईवे पर सड़क के दोनों ओर पेड़ ना केवल हरियाली दे रहे है, बल्कि स्टेट हाईवे को चार चांद लगा रहे हैं। यहां से गुजर रहे राहगीरों के अलावा पशु पक्षियों को भी इस भीषण गर्मी के माहौल में हरियाली बरसा रहे पेड़ राहत प्रदान कर रहे है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1986-87 में वन विभाग की ओर से बाड़ी -बसेड़ी सड़क मार्ग के अलावा नादनपुर सड़क मार्ग पार्वती मुख्य नहर तथा रेलवे लाइन के सहारे बड़ी संख्या में पौधारोपण किया गया था। आमजन के सहयोग के साथ वन विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारियों की बेहतरीन देखरेख में सैकड़ों पेड़ फले- फूले जो आज भी बसेड़ी क्षेत्र के बाड़ी बसेड़ी सड़क मार्ग स्टेट हाईवे तथा पार्वती नहर के किनारे अपनी हरियाली बरसा रहे हैं।
गर्मी में राहत
खास बात तो यह कि बाड़ी-बसेड़ी मार्ग पर लगे पेड़ भीषण गर्मी के माहौल में आवारा जानवर पशु पक्षी राह निकलने वाले राहगीरों को भी शीतलता प्रदान कर रहे हैं। मार्ग से गुजरने वाले व्यक्तियों का एक बार तो मार्ग पर इन पेड़ की छांव में बैठने का मन आ जाता है। इसके अलावा सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए भी कस्बे से सैकड़ों की तादाद में लोग बाड़ी बसेड़ी सड़क मार्ग पर जाते हैं। जिससे उन्हें स्वास्थ्य का भी लाभ मिलता है।
बसेड़ी शोभा बढ़ रहे पेड़
सबसे बड़ी बात तो यह है कि बसेड़ी में प्रवेश करने से पहले सड़क के दोनों ओर रोनक बढ़ा रहे सैकड़ों की तादात में यह पेड़ कस्बे को भी चार चांद लगाते ह
ैं। पहली बार आने वाला हर व्यक्ति सड़क के दोनों ओर लगे पेड़ों को देखकर खुश हो जाते है, ऐसा लगता है कि न जाने कितनी स्मार्ट सिटी में हम प्रवेश करने को जा रहे हैं।
सार-संभाल की जरूरत
करीब 30 साल से अधिक समय इन पेड़ों को गुजरने को आ गया समय के साथ बड़ी तादात में पेड़ों की संख्या भी घटती चली जा रही है। कई बार आंधी तूफान का भी शिकार होते रहते हैं , सड़क पर व्यवसाय गतिविधियों की वजह से भी पेड़ों की संख्या में लगातार गिरावट आती चली आ रही है। ऐसे में वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को फिर से इस रौनक को कायम रखने की जरूरत है कि आने वाली बरसात के दिनों में सड़क के दोनों ओर जैसे-जैसे पेड़ों की संख्या घट रही है, उस पर नई योजना बनाते हुए फिर से नया वृक्षारोपण कर इस हरियाली को फिर से तैयार किया जा सके।
फोटो कैप्शन- बाड़ी-बसेड़ी स्टेट हाईवे तथा पार्वती मुख्य नहर के दोनों और लगे पेड़।

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