बाजारों में छाने लगा सूनापन, व्यापार में तीस प्रतिशत

विश्वव्यापी महामारी घोषित हो चुके कोरोना वायरस (कोविड-19) के चलते जिले में लगाई गई धारा 144 तथा भीड़-भाड़ पर रोक के कारण अब जिला मुख्यालय के बाजारों में सूनापन छाने लगा है। दुकानदान सुस्ती की अवस्था में हैं।

By: Mahesh Gupta

Published: 19 Mar 2020, 08:20 PM IST

बाजारों में छाने लगा सूनापन, व्यापार में तीस प्रतिशत
धौलपुर. विश्वव्यापी महामारी घोषित हो चुके कोरोना वायरस (कोविड-19) के चलते जिले में लगाई गई धारा 144 तथा भीड़-भाड़ पर रोक के कारण अब जिला मुख्यालय के बाजारों में सूनापन छाने लगा है। दुकानदान सुस्ती की अवस्था में हैं। एकाएक ग्राहकी तीस प्रतिशत तक गिर गई है। ग्रामीण लोग भी कम संख्या में मुख्यालय आ रहे हैं। इसके चलते प्रमुख तौर पर कपड़ा, मिठाई, मोबाइल की बिक्री में भी खासी गिरावट दर्ज की गई है।
दूसरी ओर सरकारी कार्यालयों में फरियादियों की संख्या में भी कमी आई है। पहले जहां एक दर्जन अधिक संख्या में लोग एकत्रित होकर कलक्ट्रेट सहित अन्य सरकारी कार्यालय में पहुंच रहे थे, वहीं एक एक-दो प्रतिनिधिमण्डल ही पहुंच रहे हैं। जिनके साथ भी समझाइश की जा रही है।
रोडवेज में भी घटा यात्री भार
दूसरी ओर रोडवेज बसों में भी यात्री भार घट गया है। जहां पहले बसें ठसाठस जा रही थी, वहीं अब यात्रियों की संख्या आधी रह गई है। यात्री खुद ही अनावश्यक यात्राओं को टाल रहे हैं। इसके चलते हालांकि रोडवेज के राजस्व में कमी आ रही है।
बाजारों में मास्क व सेनेटाइजर का अभाव
जिला मुख्यालय के बाजार में मेडिकल दुकानों से मास्क तथा सेनेटाइजर खत्म हो गया है। इसके चलते लोग परेशान होते दिखाई दे रहे हैं। वहीं जिला चिकित्सालय में भी मात्र मास्कों की संख्या कम ही है। इसके चलते लोग रुमाल या कपड़ा लगाकर ही अपना बचाव कर रहे हैं।
मंदिरों में हो रही भीड़
इधर, धारा 144 लागू होने के बाद भी मुख्यालय के कई मंदिरों में सौ से डेढ़ सौ लोग एक साथ आरती करने के साथ भजनादि कर रहे हैं। जबकि इस सम्बंध में राज्य सरकार की ओर से एडवाइजरी भी जारी की जा चुकी है।
निवर्तमान जिला प्रमुख ने लिखा सीएम को पत्र
निवर्तमान जिला प्रमुख डॉ. धर्मपाल सिंह जादौन ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सरकारी कार्यालयों को भी साफ एवं स्वच्छ कराने की मांग की है। उन्होंने पत्र में कहा है कि धारा 144 लागू करने, बैठकों को स्थगित करने, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों पर समारोहों को रोकने जैसे संभावित उपाय किए गए हैं। लेकिन सरकारी एवं निजी कार्यालयों में हजारों लोग कार्य कर रहे हैं। इस कारण कार्यालयों में स्वच्छता और सफाई होना जरूरी है। अगर संभव हो तो एक सप्ताह के लिए सरकारी व निजी कार्यालय बंद किए जा सकते हैं। इधर, सामाजिक विकास समिति अध्यक्ष राकेश कुमार परमार ने जिला कलक्टर को पत्र भेजकर रोडवेज बसों को वाया आगरा से भेजने के बजाय रूपवास-भरतपुर होकर जयपुर भेजने का आग्रह किया है। पत्र में बताया कि आगरा में कोरोना वाइरस के पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद यह किया जाना चाहिए, जिससे संक्रमण का खतरा कम से कम हो।

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