घर-घर बच्चों में वायरल का कहर, यूपी में फैले वायरस का संदेह

धौलपुर. उत्तरप्रदेश में फैले अज्ञात वायरस से बच्चों की मौत की खबरों ने लोगों की नींद उड़ा रखी है। वहीं, यूपी से सटे धौलपुर जिले में भी अजीब वायरस ने दस्तक दे रखी है। इससे चिकित्सकों को संदेह है कि कहीं यहां फैल रहा वायरल उसका ही नतीजा तो नहीं। हालांकि इसी पुष्टि तो वायरोलॉजी लैब में टेस्ट होने पर ही होगी, लेकिन जिले में फिलहाल फैल वायरल संक्रमण से चिकित्सक चिंतित हैं।

By: Naresh

Published: 07 Sep 2021, 09:14 AM IST

घर-घर बच्चों में वायरल का कहर, यूपी में फैले वायरस का संदेह

- अजीब वायरस, लक्षण डेंगू के, लेकिन जांच में नहीं हो रही पुष्टि
- सरकारी व निजी अस्पतालों में रोज आ रहे 300 तक बीमार बच्चे
- चिकित्सक दे रहे सावधनी बरतने की सलाह

धौलपुर. उत्तरप्रदेश में फैले अज्ञात वायरस से बच्चों की मौत की खबरों ने लोगों की नींद उड़ा रखी है। वहीं, यूपी से सटे धौलपुर जिले में भी अजीब वायरस ने दस्तक दे रखी है। इससे चिकित्सकों को संदेह है कि कहीं यहां फैल रहा वायरल उसका ही नतीजा तो नहीं। हालांकि इसी पुष्टि तो वायरोलॉजी लैब में टेस्ट होने पर ही होगी, लेकिन जिले में फिलहाल फैल वायरल संक्रमण से चिकित्सक चिंतित हैं। इससे सैकड़ों की संख्या में बच्चे वायरल का शिकार हो रहे हैं। गंभीर बात तो यह है कि बच्चों में वायरल के साथ निमोनिया आ रहा है। वहीं, डेंगू जैसे लक्षण आने के बाद भी जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं हो रही है। बदलते मौसम से स्क्रब टायफस का खतरा भी बढ़ गया है। चिकित्सकों की मानें तो विगत पन्द्रह दिवस में ही अनियमित मौसम के चलते वायरल का प्रकोप बढ़ गया है। पीडि़त बच्चों की जांच में कुछ सामने नहीं आ रहा है। ऐसे में चिकित्सकों में भी चिंता घर कर गई है। स्थिति यह है कि गत एक पखवाड़े में बच्चों के बीमार होने की रफ्तार चार गुना बढ़ गई है। वर्तमान में जिला चिकित्सालय में जहां रोज 150 से 200 बच्चे पहुंच रहे हैं। वहीं, निजी चिकित्सकों के पास भी रोज 80 से 100 बच्चे आ रहे हैं।

यूपी से रोटी-बेटी का नाता

उत्तरप्रदेश से सटे धौलपुर जिले का यूपी में रोटी-बेटी का नाता है। यहां का अधिकांश व्यापार उत्तरप्रदेश के आगरा, इटावा, फिरोजाबाद से ही होता है, वहीं जिले की कई सीमाएं यूपी से लगती हुई हैं। वहीं अधिकांश रिश्तेदारियां भी उत्तरप्रदेश के विभिन्न जिलों में है। वहीं सैकड़ों की संख्या में वहां पर लोग नौकरी कर रहे हैं और वहां के लोग धौलपुर जिले में पदस्थापित हैं। ऐसे में वायरस के फैलने के अंदेशे से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।


यह आ रहे लक्षण

बच्चों में खांसी, जुकाम, बुखार के अलावा लिवर में सूजन, प्लेटलेट्स में कमी, निमोनिया, फेफड़ों में पेचेच आ रहे हैं। फेफड़ों में संक्रमण को देखते कोविड जांच की सलाह भी दी जा रही है। वहीं, डेंगू लक्षण आने के बाद भी जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं हो रही है। ऐसे में चिकित्सक भी इस प्रकार के वायरस को लेकर चिंता में हैं। वर्तमान में प्रमुख तौर पर वायरल, निमोनिया, डेंगू तथा स्क्रब टायफस के लक्षण सामने आ रहे हैं।

फिलहाल बचाव जरूरी

बदलते मौसम तथा कोविड की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए फिलहाल बचाव जरूरी है। बच्चों को मच्छरों तथा कीड़ों से बचाना है। इसके लिए घरों में कहीं भी पानी एकत्रित नहीं होने दें। खिड़की-दरवाजों पर जाली लगवाएं। मच्छरदानी का उपयोग भी किया जा सकता है। नियमित साफ-सफाई जरूरी है।


इनका कहना है

जिला चिकित्सालय में रोज 150 से 200 बच्चों का ओपीडी आ रहा है। इनमें सर्वाधिक वायरल संक्रमण के मामले हैं। वहीं बच्चों को एंटीबायोटिक देनी पड़ रही है और ऑक्सीजन की जरूरत भी पड़ रही है। ऐसे में यूपी में फैल रहे वायरस पर संदेह किया जा सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि लैब टेस्ट होने पर होगी।

- डॉ. हरिओम गर्ग, शिशु रोग विशेषज्ञ, राजकीय सामान्य चिकित्सालय, धौलपुर


इनका कहना है

एक पखवाड़े में बच्चों में वायरल संक्रमण की रफ्तार चार गुनी हो गई है। सबसे गंभीर बात तो यह है कि डेंगू के लक्षण होने पर भी जांच में पुष्टि नहीं हो रही है। ज्यादातर मामले वायरल व निमोनिया के हैं। स्क्रब टाइफस ने भी दस्तक देना शुरू कर दिया है।
- डॉ. निखिल अग्रवाल, शिशु रोग विशेषज्ञ, धौलपुर।

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