88 पटवार मंडलों का 5 महीनों से जारी है कार्य बहिष्कार, कास्तकार हो रहे परेशान

धौलपुर. राजस्थान पटवार संघ की ओर से पिछले छह माह से अतिरिक्त पटवार मण्डलों के बहिष्कार के चलते लोग परेशान हैं। प्रदेश भर में 15 जनवरी 2021 से अतिरिक्त पटवार मंडलों का संपूर्ण कार्य बहिष्कार कर रखा है। 5 माह से अधिक समय गुजर जाने पर भी सरकार द्वारा पटवारियों के साथ वार्ता कर हड़ताल खत्म

By: Naresh

Published: 27 Jun 2021, 10:40 AM IST

88 पटवार मंडलों का 5 महीनों से जारी है कार्य बहिष्कार, कास्तकार हो रहे परेशान
धौलपुर. राजस्थान पटवार संघ की ओर से पिछले छह माह से अतिरिक्त पटवार मण्डलों के बहिष्कार के चलते लोग परेशान हैं। प्रदेश भर में 15 जनवरी 2021 से अतिरिक्त पटवार मंडलों का संपूर्ण कार्य बहिष्कार कर रखा है। 5 माह से अधिक समय गुजर जाने पर भी सरकार द्वारा पटवारियों के साथ वार्ता कर हड़ताल खत्म कराने की कोशिश नहीं की गई है। इसके चलते आमजन अपने कार्यों को लेकर पटवारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पटवारी कार्य नहीं कर रहे हैं। विद्यार्थियों से लेकर आम किसान तक सभी परेशान हैं। पटवारियों की हड़ताल के चलते किसानों के केसीसी कार्ड, पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सत्यापन, विद्यार्थियों की जाति, मूल निवास व ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, राजस्व रिकॉर्ड की नकल, नामांतरण, खसरा गिरदावरी नहीं होने से उनकी फसलों का लेवी में विक्रय, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आदि बहुत से कार्य नहीं हो रहे है।

यह है पटवारियों की प्रमुख मांगे

- पटवारी की वेतन विसंगति सुधार के लिए पूर्व में हुए समझौतों एवं पटवारी के कार्य की बहुआयामी प्रकृति के मद्देनजर ग्रेड पे 3600 या पे लेवल 10 किया जाए
- एसीपी योजना के अंतर्गत 9, 18, 27 वर्ष की सेवा अवधि के स्थान पर 7, 14, 21, 28, 32 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने पर चयनित वेतनमान का लाभ देते हुए पदोन्नति पद का वेतनमान दिया जाए
- संगठन के साथ पूर्व में हुए सभी समझौतों एवं संगठन द्वारा समय समय पर प्रेषित ज्ञापनों का निस्तारण किया जाए

राजस्व तंत्र की रीढ़ कहलाते हैं पटवारी
राजस्व महकमे की रीढ़ कहलाने वाले पटवारियों का कामकाज काश्तकार और आमजन के महत्वपूर्ण हितों से जुड़ा हुआ है। खेती बाड़ी की जमीन सहित सभी तरह की जमीनों के नाप जोख और राजस्व रिकॉर्ड को अपडेट करने जैसा महत्वपूर्ण काम इनके जिम्मे है। काम कठोर एवं फील्ड वर्क का है, पटवारियों के लिए दूरदराज के गांवों में पटवार घर ही नहीं है, जो पटवार घर हैं, उनकी हालत खराब है। पटवारी यहां बैठ ही नहीं सकते। मौजूदा स्थिति में जिले के 88 पटवार मंडलों पर ताला लटका होने का सीधा खामियाजा आमजन और काश्तकारों को उठाना पड़ रहा है।

इनका कहना है

सरकार पटवारी के कार्य की बहुआयामी प्रकृति को देखते हुए उनके वेतनमान संबंधी मांगों को माने। प्रदेश का कोई भी पटवारी यह नहीं चाहता आमजन उनकी वजह से परेशान हो, लेकिन मजबूरी में राजस्थान पटवार संघ को अपने आंदोलन को उग्र करना पड़ेगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की होगी
रामनिवास, जिला अध्यक्ष, पटवार संघ, धौलपुर

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