कच्ची हल्दी की सब्जी खाने के ये फायदे जानकर चौंक जाएंगे आप

Turmeric Benefits: एंटीबैक्टीरियल व एंटीसेप्टिक गुणों से भरपूर कच्ची हल्दी औषधीय गुणों से भरपूर होती है। गरम तासीर होने से रोग प्रतिरोधकता बढ़ती है...

By: युवराज सिंह

Published: 13 Dec 2019, 07:34 PM IST

Turmeric Benefits: एंटीबैक्टीरियल व एंटीसेप्टिक गुणों से भरपूर कच्ची हल्दी औषधीय गुणों से भरपूर होती है। गरम तासीर होने से रोग प्रतिरोधकता बढ़ती है। सर्दियों में मौसमी बीमारियों से बचाव करती है। संक्रमण, त्वचा, मधुमेह, कैंसर, चोट, जोड़ों के दर्द में फायदेमंद है।

कच्ची हल्दी के फायदे:
- हल्दी में सूजन को रोकने का खास गुण होता है। इसका उपयोग गठिया रोगियों को अत्यधिक लाभ पहुंचाता है। यह शरीर के प्राकृतिक सेल्स को खत्म करने वाले फ्री रेडिकल्स को खत्म करती है और गठिया रोग में होने वाले जोडों के दर्द में लाभ पहुंचाती है।

- कच्ची हल्दी में इंसुलिन के स्तर को संतुलित करने का गुण होता है। इस प्रकार यह मधुमेह रोगियों के लिए बहुत लाभदायक होती है। इंसुलिन के अलावा यह ग्लूकोज को नियंत्रित करती है जिससे मधुमेह के दौरान दी जाने वाली उपचार का असर बढ़ जाता है। परंतु अगर आप जो दवाइयां ले रहे हैं बहुत बढ़े हुए स्तर (हाई डोज) की हैं तो हल्दी के उपयोग से पहले चिकित्सकीय सलाह अत्यंत आवश्यक है।

- शोध से साबित हो चका है कि हल्दी में लिपोपॉलीसेच्चाराइड नाम का तत्व होता है इससे शरीर में इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। हल्दी इस तरह से शरीर में बैक्टेरिया की समस्या से बचाव करती है। यह बुखार होने से रोकती है। इसमें शरीर को फंगल इंफेक्शन से बचाने के गुण होते है।

- कच्ची हल्दी को कद्दूकस कर दूध में उबालकर पीएं। जोड़ों के दर्द, पुरानी चोट, अनिद्रा, सर्दी में फायदेमंद है। कच्ची हल्दी, हरी मिर्च, हल्दी पाउडर, नमक, राई, नींबू का रस, काला नमक, जीरा पाउडर कांच की बरनी में 12 घंटे तक धूप में रख दें। दूसरे दिन तेल में हींग, मेंथी दाना, कलौंजी का तड़का लगाकर अचार में मिला दें।

ऐसे बनाएं सब्जी
कच्ची हल्दी व प्याज घी में हल्का भूरा होने तक भूनें। दही में लाल मिर्च, नमक, धनिया मिला लें। फिर तड़के के लिए घी, सौंफ, अदरक व लहसुन पेस्ट, जीरा, हरी मिर्च व गरम मसाले का तड़का लगाएं। मसाला भूनकर उसमें दही का मिश्रण पकाकर, भुने प्याज मिलाएं। बारीक कटे टमाटर, हल्दी पाउडर डालकर पकाएं। इसके बाद भुनी हल्दी मिलाकर घी छोड़ने तक पकाएं। कच्ची हल्दी की सब्जी बनाने से पहले कड़वाहट कम करने के लिए हल्दी छीलकर तीन घंटे दूध में भिगोकर छोड़ दें।

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युवराज सिंह
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