गड़बड़ी का आरोप: राशन कार्ड में दर्ज, लेकिन हितग्राहियों को नहीं मिल रहा खाद्यान्न

तौल में हो रही गड़बड़ी, खाद्यान्न वितरण की हितग्राहियों ने की शिकायत

By: ayazuddin siddiqui

Published: 23 Aug 2020, 06:41 PM IST

करंजिया. इस आपदा के दौर पर सभी वर्ग के लोग आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं ।वही गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के लिए जीवन यापन करना भी मुश्किल हो रहा है। गरीबी एवं अति गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार को मदद करने के लिए सरकार के द्वारा योजनाएं संचालित की जा रही है , जिसमें सबसे महत्वपूर्ण योजना है सोसाइटी के माध्यम से एक रुपए किलो की दर से राशन उपलब्ध कराना , जिससे गरीब परिवारो की रसोई में अनाज पहुंच सके।
इसके विपरीत मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बरबसपुर में संचालित सोसाइटी से राशन वितरण प्रणाली को लेकर ग्रामीण हितग्राहियों के द्वारा शिकायत दर्ज की गई है। जिसमें दर्शाया गया है कि खाद्यान्न वितरण के दौरान चावल एवं गेहूं के नाप तोल में भारी गड़बड़ी की जा रही है । हितग्राहियों को कागज एवं रजिस्टर पर पूरा राशन दिया जा रहा है, परंतु तौल में गड़बड़ी कर के गरीबों के हक में डाका डाला जा रहा है । मौके पर पहुंचने पर रमेश सिंह मरावी निवासी बरबसपुर ने जानकारी देते हुए बताया कि अगस्त के माह में तीन माह का राशन वितरित किया जाना था। जिसमें उसे पात्रता अनुसार एक माह में 35 किलो चावल या गेंहू एवं 1 किलो दाल दिया जाना था । उसके परिवार में कुल 6 सदस्य हैं जिस हिसाब से दो माह का अनुदान प्रति व्यक्ति 5 किलो के हिसाब से 30- 30 किलो राशन वितरण होना था। कुल 95 किलो अनाज उसे कार्ड पर चढ़ा कर दिया। जिसे बाहर की दुकान पर तौलने पर 85 किलो राशन निकला। जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान उसने वहां के स्थानीय शिक्षक, कोटवार एवं स्थानीय नागरिकों के साक्ष्य के तौर पर रखे हुए थे। क्योंकि इससे पहले भी राशन के तौल में गड़बड़ी की गयी थी। जिसके बाद सेल्समेन से कहा गया तो उसने कार्ड रखकर कल आने को कहा। इसी तरह की शिकायत ग्रामीण राजेंद्र सिंह ने भी बताई।
कार्ड में चढ़ाकर नहीं दे रहे दाल एवं नमक
सोसाइटी में राशन दुकान की एक और खामी बताते हुए इंद्रपाल सिंह मरावी ने बताया कि चावल, गेहूं के साथ-साथ प्रतिमाह दाल देने का भी प्रावधान है , परंतु सेल्समैन के द्वारा उस पर भी गड़बड़ी की जा रही है। जानकारी देते हुए बताया कि राशन कार्ड पर 2 किलो दाल चढ़ाकर सेल्समैन द्वारा एक किलो दाल दी जा रही है। राशन कार्ड दिखाते हुए ग्रामीणों ने बताया कि जुलाई में भी राशन कार्ड पर 2 किलो दाल लिखी गई थी परंतु एक किलो दाल दी गई । वहीं अगस्त में तीन माह के खाद्यान्न में 3 किलो दाल वितरण किया जाना था परंतु सेल्समेन के द्वारा राशन कार्ड में 2 किलो दाल चढ़ाकर दाल की जगह पर एक किलो चना वितरण किया गया । खाद्यान्न रजिस्टर में 1 किलो नमक ही चढाया जा रहा है। जिसे हितग्राहियों को वितरण नहीं किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि जुलाई में उन्हें बिल्कुल भी नमक का वितरण नहीं किया गया। चम्पी बाई निवासी बरबसपुर ने बताया कि सेल्समैन के द्वारा उनसे एक पैकेट नमक के 5 रुपए अलग से लिए गए हैं। इस दौरान राशन दुकान पर सेल्समैन नहीं मिले परंतु गांव के ही एक व्यक्ति जिसके द्वारा कार्ड में एंट्री की जाती है उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जैसा सेल्समैनन बोलते हैं मैं वैसी ही एंट्री कार्ड पर कर देता हूं । मौजूद कर्मचारी मुझे 10 अगस्त को राशन बॉटने को कहा था जिस कारण मैंने कार्ड जमा कर एंट्री पात्रता पर्ची अनुसार किया परंतु वो नहीं आए। जिसके बाद सभी हितग्राहियों को 17 अगस्त को बुलाया । तब मुझे भी पता चला की दाल नहीं आई है इसलिए चना का वितरण कर रहे हैं। राशन कार्ड में 2 किलो दाल दर्ज थी परंतु एक किलो चना दिया गया है। उसमें जैसे कार्ड मेरे पास आएंगे मैं सुधार कर दूंगा जो कार्ड मेरे पास बचे हैं उस पर सुधार कर दिया गया है।
ज्यादा पैसे लेने की भी आई शिकायत
जहां एक ओर गरीबी रेखा व अति गरीबी रेखा के हितग्राही कम राशन की शिकायत कर रहे हैं। वहीं जिन हितग्राही के पास कार्ड नहीं है और जो सोसाइटी के राशन के ऊपर निर्भर रहते हैं। उन्होंने भी आर्थिक संकट के दौरान ज्यादा पैसा लिए जाने की शिकायत की है। मनोज कुमार एवं समरो बाई ने बताया कि उनके पास गरीबी रेखा का कार्ड नहीं है परंतु परिवार के राशन की आपूर्ति करने के लिए सोसाइटी से ही चावल एवं दाल के ऊपर निर्भर रहते हैं। परंतु सोसाइटी में उन्हें रेट से अधिक 16 रुपए किलो के भाव से चावल दिया जाता है जबकि उसका रेट 10 से 12 रुपए किलो है। दुकानों का चावल लेकर हम जीवन यापन नहीं कर सकते। जिस कारण हम ग्रामीण सोसाइटी से राशन लेते हैं । ताकि हमारे परिवार का पेट भर सकें, परंतु यहां पर भी हमें अधिक राशि चुकानी पड़ रही है।
इनका कहना है
मेरे पास शिकायत आई है। मैंने से जांच के लिए जिला खाद्यान्न अधिकारी को जांच के लिए फॉरवर्ड कर दिया गया है।
-चन्द्रशेखर मिश्रा, नायब तहसीलदार करंजिया।

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