अन्नदाता की बैरी बनी ठंड, दलहन की फसल को हुआ नुकसान

पाला से अरहर मसूर, मटर बटरी की फसल तबाह

By: ayazuddin siddiqui

Published: 30 Dec 2018, 05:11 PM IST

गोरखपुर। करंजिया विकासखंड के अंतर्गत कस्बा गोरखपुर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के लिए शनिवार की सुबह पाला के रूप में आफत लेकर आई। पाला के चलते अरहर, चना, मसूर, मटर, बटरी की फसल के साथ साथ सब्जियों के फसल को भारी नुकसान हुआ है। किसान अपनी फसल को देखकर आंसू बहाने मजबूर है।
जमीन पर बिछी बर्फ की चादर
करंजिया विकासखंड के कस्बा सहित अंचल के शनिवार को फसलों के ऊपर तथा खाली पडे जमीन पर बर्फ की चादर बिछ गई। ताजा बर्फ व हिमपात जैसे गिरने से कड़ाके की ठंड और बढ़ गई है। तापमान भी गिरकर 4 डिसे तक पहुंच गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक अंचल में भीषण ठंड पड़ रही है। कस्बा के क्षेत्र में सुबह पाला की वजह से यह आलम था कि जहां देखों वहीं बर्फ की पतली चादर नजर आ रही थी, घर के बाहर खड़े वाहनों की छतों में भी बर्फ की पतली परत जम गई। ग्रामीण क्षेत्रों में तो बाहर रखे बर्तन का पानी जमकर बर्फ बन जाने की खबर है।
दलहनी फसले सबसे अधिक प्रभावित
शनिवार की तुशारापात से अंचल में सबसे अधिक दलहनी की शुरूआती बोई गई फसलों को नुकसान हुआ है। छुरिया मट्टा के कृषक राजा बली धुर्वे ने अपनी बर्बाद हुई फसल के विषय में बताया कि आज सुबह जो पाला गिरा है उससे उसकी दस एकड़ के खेत में बोई गई राहर और बटरी की फसल पूरी तरह खराब हो गई है। गोरखपुर के कृषक सुरेश मसराम ने भी एक एकड़ मे राहर की खेती की थी, इसने बताया कि राहर के पेड़ के फल्लियों पर दाने आ गए थे लगभग बीस दिनों में फसल पूरी तरह पककर तैयार हो जाती लेकिन पाला पडऩे से फसल चौपट हो गई। अब बीज की वापसी भी नही हो सकती। कस्बा के कृषक राजेन्द्र सिंह अयाम ने बताया कि पंाच एकड़ की जमीन में बटरी की फसल के लिए बीज बोया था फली दानों के साथ विकसित होन लगी थी परंतु पाला से फसल की कॉफी नुकसान हो गई। बटरी की फसल आज ही मुरझा गई है। इसी तरह भलखोही निवासी कृषक देवल सिंह धुर्वे ने बताया कि उसने 14 एकड़ में बटरी, मसूर और राहर की फसल लगाई थी परंतु पाला से कुछ नही बचा बीज भी नही आयेगी।
सब्जी व फलदार पेड़ों पर भी असर
जानकारी के मुताबिक अंचल में पाला पडऩे से पाले की मार से आलू, टमाटर, गोभी, मूली, धनिया, बैगन आदि सब्जियों के फसल के साथ फलदार पेड़ पपीता, अमरूद, केला के पेड़ व पत्ते अधिक प्रभावित है। इसके सहित फूूलदार गुलाब, गेंदा, मोंगरा के छोटे पेड़ भी झुलस गए है। कई स्थानों पर पाले के असर से छोटी जाति के पौधे वनस्पति पूरी तरह नष्ट हो गए है। पड़ौसी जिला अनूपपुर के ग्रामीण क्षेत्र के कृषक भागवत बनवासी ने बताया कि उनके क्षेत्र में भी पाला गिरने की यही स्थिति है। दलहनी फसलें काफी प्रभावित है नर्मदा नदी के तट के खेतों की फसलों की स्थिति तो और भी बुरी है। सैलवार के मदन नागवंशी ने बताया कि शनिवार की रात्रि में घर के बाहर बर्तनों में रखे पानी बर्फ की तरह जम गए।

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