प्राचीन देवी मढिया बनी आस्था का केंद्र

कोरोना वायरस के चलते कम ही भक्तो का रहा आना जाना

किसलपुरी. जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर ग्राम किशलपुरी में प्राचीन देवी मढिया लोगोंं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार यह देवी मढिया सैकड़ोंं वर्ष पुरानी है। यहां किशलपुरी के आस पास के ग्रामीण क्षेत्र से दोनों नवरात्रि में भक्तों की भीड उमडती है। विशेष कर चैत्र नवरात्र में यहाँ किसलपुरी तथा आसपास के सैकडो ग्राम के लोग यहां पहुँच जवारे बोते है। मान्यता है कि यहाँ माता के दरवार में आने वाले सभी भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। इसी लिए यह प्राचिन देवी मढिया भक्तो की आस्था का केन्द्र बना हुआ है। हर साल दोनों नवरात्र में यहां पहले दिन से ही सुबह से हजारों भक्त पहुँच जल अर्पित कर पूजा अर्चना करते हैं। इस साल कोरोना वायरस के चलते और सरकार के आदेश 21 दिन बन्द के फैसले को जनता मानते हुये आज नवरात्र के पहले दिन भीड कम रही। ग्राम के ही कुछ भक्त यहां पहुँच पूजा अर्चना करते रहे।
शक्ति की भक्ति में लीन हुए भक्त,नहीं बोए गए जवारे
शहपुरा. शक्ति की भक्ति का पर्व नवरात प्रारंभ हो चुके है। जिसे देखते हुए श्रद्धालु सुबह से ही मढिया का रूख करने लगे पर लोग भीड में ना आकर एक एक से पूजा पाठ करते देखे गये। कोरोना वायरस के चलते शहपुरा एसडीएम महेश मंडलोई मंदिर मढिया में पूजा पाठ को लेकर प्रतिबंध लगा चुके हैं। जिसके चलते सभी मंदिर प्रशासन ने भी निर्णय लेते हुए नवरात्र में बोये जाने वाले जवारो को बोने से रोक लगा दी है। इसीक्रम में शारदा टेेकरी के किशोर गुलवानी ने बताया कि देश में फैले वायरस को लेके प्रशासन ने भी जवारे नहीं बोनेे के निर्देश दिये हैं। इसी को लेकर मंदिर समिति ने भी निर्णय लिया है कि टेकरी में इस वर्ष जवारे नहीं बोये जाएगें साथ ही कन्याभोज व भण्डारे का भी आयोजन नहीं किया जावेगा। इसी क्रम में ग्राम बरगांव की बडी मंढिया के पंडा रमेश बरमैया ने बताया कि प्रशासनिक निर्देश के चलते मढिया मे जवारे नहीं बोये गये है। सिर्फ एक ज्योति कलश जलाया गया है व नवरात्र के दौरान किसी भी प्रकार का कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जावेगा ।
मढिया में भक्तो ने की कलश स्थापना
डिंडोरी/किशलपुरी. करोना वायरस के संक्रमण के चलते देवी मढयि़ा समिति किशल पुरी गांव के आम लोगों ने निर्णय लिया कि माता के कलश समिति जलाएं और पूरे गांव की तरफ से पूजा पाठ करं।े इस तरह 16 कलश माता के भक्तों ने जलाए हैं। एक.एक कर दिन में ही माता के भक्तों ने आकर कलश व जवारे स्थापित कर दिए। जबकि इस वर्ष लगभग 251 कलश बोए जाने थे। सभी भक्तों ने अपने घर पर ही कलश की स्थापना की। जनपद सदस्य कृष्ण कुमार मिश्रा ने कहा कि इस तरह पूरे मानव समाज की रक्षा हम सब मिलकर कर सकते हैं।

Patrika
Rajkumar yadav Desk
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