कोठरी में संचालित हो रहा आंगनबाड़ी केन्द्र

जर्जर भवन में संचालित हो रही शाला

By: Murari Soni

Published: 11 Dec 2017, 12:19 PM IST

डिंडोरी. डिंडोरी विकासखंड अंतर्गत नारायणडीह के महावीर टोला में आगनबाड़ी भवन जर्जर होने की दशा में एक निजी भवन के छोटे से अंधेरे कमरे में नौनिहालों के भविष्य सवांरने की जिम्मेदारी एक कार्यकर्ता द्वारा निभाई जा रही है। कार्यकर्ता समय-समय में धरना प्रदर्शन में शामिल होने के साथ-साथ आगनबाड़ी का भी संचालन कर रही है। महावीर टोला में संचालित आगनबाड़ी भवन जर्जर हुये लगभग दो वर्ष से ज्यादा समय बीत गया, इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पालकों के बीच बैठक में ंंनिर्णय लिया गया कि निजी भवन में आगनबाड़ी का संचालन किया जायेगा। इसके बाद भवन मालिक ने किसी भी तरह के किराए की मांग न रखते हुए अपने रहवासी मकान में से एक छोटे से कमरे को आगनबाड़ी संचालन हेतु सौंप दिया। बताया गया है कि इस आगनबाड़ी केंद्र मे 14 नौनिहाल दर्ज हैं, लेकिन 4 ही नौनिहाल उपस्थित रहे। अनुपस्थित नौनिहालों के संबंध में कार्यकर्ता ने बताया कि 4 से 5 छात्र अपने माता-पिता के साथ गांव से बाहर हैं।
जिसके पीछे कारण सामने आया कि गांव मे मजदूरी न मिलने की दशा में मजदूरी के लिये दूसरे जिलों मे पलायन करना पड़ा है। बावजूद इसके कार्यकर्ता द्वारा विषम परिस्थितियों मे भी आगनबाड़ी का संचालन जारी रखा है। इस प्रकार जहां एक ओर आगनबाड़ी कार्यकर्ताएं अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रही हैं। वहीं कुछ ग्रामीण ईलाकों मे कार्यकर्ता अपनी सेवाएं देते हुये आगनबाड़ी का संचालन कर रही है। धरना दे रही कार्यकर्ताओं की मांगों का कई राजनीतिक संगठन समर्थन कर रहे है। इस दौरान आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं द्वारा आगनबाड़ी का संचालन विषम परिस्थितियों में किया जा रहा है।
डिंडोरी. विकासखंड के संकुल केंद्र विक्रमपुर अंतर्गत कसई सोंढ़ा टिकरा टोला में जर्जर भवन में नौनिहालों का भविष्य संवर रहा है। यहंा प्राथमिक शाला में 48 विद्यार्थी दर्ज हैं और दो भवन निर्मित हैं, लेकिन अपने समय अवधि के पूर्व ही गुणवत्ता की कमी के चलते जर्जर हो चले हैं। दोनो भवनों की दीवारों में दरारें उभर आई हैं। वहीं छत और दीवार के बीच गैप बनना शुरू हो गया है। जिनकी धराशायी होने की संभावना बनी हुई है। बावजूद इसके शिक्षकों को इन्ही भवनों के भीतर पढ़ाना मजबूरी है। इस संबंध में जनशिक्षक सहित उच्च अधिकारियोंं को भी भवन की दुर्दशा की जानकारी है। बावजूद इसके वह नौनिहालों के उपर मंडरा रहे खतरे से अंजान बने हुये है।

Murari Soni
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