लॉकडाउन में विद्युत उपभोक्ताओं को झटका दे रही कंपनी

उपभोक्ताओं को दिया जा रहा मनमाना बिल

By: Rajkumar yadav

Published: 24 May 2020, 09:13 AM IST

डिंडोरी. लॉकडाउन के दौरान घर और दुकानो मे लगे बिजली मीटर की रीडिंग नहीं हुई, तो विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को मनमाने बिल थमाए गए। कंपनी ने पिछले साल अप्रेल माह मे हुई बिजली खपत के अनुसार ही इस बार लोगो को बिल जारी किए हैं। कंपनी द्वारा दिए गऐ बिल को लेकर उपभोक्ता परेशान है और रोजाना बिल को सुधरवाने के लिए कंपनी के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पिछली कांग्रेस सरकार ने इन्दिरा गृह ज्योति योजना लागू की थी। इसके तहत उपभोक्ताओ को बेहद राहत मिली थी। अधिकांश उपभोक्ताओं के बिल 100 यूनिट के अनुसार 100 रुपये बिल दिया जा रहा था। इसके बाद कोरोना की वजह से लॉकडाउन लगाये जाने से कंपनी ने कर्मचरियों को इस बीमारी से बचने के लिए रीडिंग से रोक दिया था। बाद मे कंपनी बिना रीडिंग के ही बिल भेजे है।
कोरोना के इस संकट काल मे मध्यवर्गीय और जरुरतमंद परिवार की परेशानी बिजली बिल ने बढा दी है। शहर में अधिकतर उपभोक्ताओ को मनमानी बिजली का बिल मिला है। ये उपभोक्ता अब प्रतिदिन बिजली विभाग के चक्कर लगा रहे है। अधिकारियों के सामने गिडगिडा रहे है कि उनका बिजली सुधार दिया जाए, जिससे बिजली कनेक्शन कटने जैसी समस्या का सामना ना करना पड़े। दूसरी और विभाग के अधिकारी ज्यादा बिजली बिल को कोरोना लॉकडाउन में मीटर रीडिंग होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
करोडों खर्च फिर भी रीडिंग नही
उपभोक्ताओं का आरोप है बिजली विभाग के अधिकारी एक ओर कह रहे है कि लॉकडाउन के दौरान मीटर रीडिंग नही हुई। दूसरी ओर डेढ़ साल पहले मीटर घरों से बाहर लगाने के नाम पर प्रदेश भर मे करोडो रुपये खर्च किया गया। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि घर के बाहर मीटर है। फिर भी रीडिंग क्यों नही ली गई।

इनका कहना है
लॉकडाउन की वजह से रीडिंग नही हो पाई है। पिछले साल अप्रैल में हुई बिजली की खपत के अनुसार बिजली के बिल जारी किए गए हैं। जिनके बिल अधिक आए हैं, उनके बिल कार्यालय में सुधारे जा रहे हैं।
राकेश बघेल
सहायक अभियंता एमपीईबी, डिंडौरी

Patrika
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