सिंधिया की सभा में कांग्रेसी नेताओं की जेब कटी

सिंधिया की सभा में कांग्रेसी नेताओं की जेब कटी

Shiv Mangal Singh | Publish: Sep, 09 2018 04:27:20 PM (IST) Dindori, Madhya Pradesh, India

थाने में शिकायत करने पहुंचे कांग्रेसी

डिंडोरी। ज्योतिरादित्य सिंधिया की सभा में मंच पर गये नेताओं को लंबा चूना लग गया। यहां मौजूद अधिकांश नेताओं की जेबें कट गई, सिंधिया के जाते ही नेताओं ने अपनी जेबें टटोली तो वह हैरान रह गए कि इतने हाई प्रोफाईल नेता की सभा के मंच से किसी ने उनकी जेबें काट ली। इसके बाद कांग्रेसी नेताओं के पास फूटी कौडी भी नहीं बची। वरिष्ठ नेता अशोक छावडा की जेब से 14 हजार रूपऐ सहित अन्य दस्तावेज, रजनीश राय की जेब से पांच हजार व दस्तावेज, भीम अवधिया की जेब से दो हजार रूपए, अकील अहमद सिद्दीकी तीन हजार रूपऐ, एटीएम, पेन कार्ड, लायसेंस, आधार कार्ड, अब्दुल रहमान 9 हजार 3 सौ रूपऐ, असद वारी खान 10 हजार 5 सौ व एटीएम, मुस्ताक खान 15 हजार रूपए और अमन छावडा की जेब से तीन हजार रूपए अज्ञात चोरों ने पार कर दिये जिसके बाद सभी नेता थाने पहुंच वहां लिखित शिकायत की। कांग्रेस के इतने बडे नेता के कार्यक्रम में नेताओं की जेब कटने से सभी हैरत में हैं। कांग्रेस नेता अशोक छावडा ने कहा कि अन्य नेता भी हैं जिनकी जेबें कटी हैं कुल राशि लाखों से अधिक की होती है। थाना प्रभारी के के त्रिपाठी ने इन नेताओं का आवेदन ले जांच का भरोसा दिया है।
चिकित्सा अवकाश लेकर कांग्रेस की सभा में पहुंचे शिक्षक
कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा चुनाव लडऩे की चाह रखने वाले शिक्षक टी एस मरावी की पोल अंतत: खुल ही गई शनिवार को शहपुरा में सिंधिया की सभा में शामिल दिखे इसके पूर्व भी दिग्विजय की एकता यात्रा के दौरान टी एस मरावी सक्रिय रहे और अपनी दावेदारी जताने वाले टी एस मरावी ने बताया था कि उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है लेकिन उनकी दलील पर जब उनके कार्यालय जनपद शिक्षा केन्द्र समनापुर से जानकारी ली गई तो पता चला कि टी एस मरावी पिछले दो माह से चिकित्सा अवकाश पर हैं। उन्हें राजनीति की बीमारी लग गई है जिसका उपचार वह कांग्रेस के कार्यक्रमों में जाकर करा रहे हैं। एक सादे पत्र में अपना आवेदन लिखकर उन्होंनें चिकित्सकीय अवकाश ले रखा है। विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक ने जानकारी दी कि उनकी पदस्थापना चांडा में है और विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बजाग के कार्यालय से उनका वेतन आहरण होता है। यहां वह विकासखण्ड अकादमिक समन्वयक जैसे महत्वपूर्ण पद पर हैं लेकिन पिछले दो माह से वह कहां हैं इसकी जानकारी नहीं है लिहाजा उनकी उपस्थिति संबधी प्रतिवेदन भी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बजाग को नहीं भेजा गया है। बीआरसी ने बताया कि टी एस मरावी की अनुपस्थिति से विभागीय कार्य काफी प्रभावित हो रहे हैं इस संबंध में वरिष्ठ कार्यालय को भी जानकारी दे दी गई है। अब जबकि शिक्षक की पोल खुल गई है तो उनके सामने बडी चुनौती होगी कि वह दोबारा अपना चिकित्सा प्रमाणपत्र कैसे प्रस्तुत करेंगे। कांग्रेस नेता उन्हें फिट अथवा अनफिट घोषित करेंगे ? यहां सर्व शिक्षा अभियान के जिला शिक्षा केन्द्र कार्यालय की भी बडी चूक देखने को मिल रही है कि यहां पर किस तरह मनमाने तौर पर कर्मचारी काम कर रहे हैं और लगातार शिक्षक की राजनैतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका के बाद भी चुप्पी साधे बैठे हैं।

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