नर्मदा में लगाई डुबकी, दान पुण्य के बाद मेले का उठाया लुत्फ

जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलो में रही मेले की धूम
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर हुए कई धार्मिक आयोजन

डिंडोरी. मकर संक्रांति के अवसर पर सुबह से मां नर्मदा में भक्तों की भीड़ रही और भक्तो ने नर्मदा में आस्था डुबकी लगाई। मढिय़ा घाट, डैम घाट, शिव घाट, इमली कुटी घाट के दोनों तटों पर भक्तों का जमवाडा देखा गया। इस अवसर पर पूरा दिन पूजा, हवन भंडारे का आयोजन हुआ। इसके साथ ही घाटों पर भक्तों द्वारा खिचड़ी के भंडारे पर भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। कहीं सत्यनारायण की कथा तो कहीं पूजन हवन का नजारा दिन भर देखने को मिला। बच्चों में भी एक अलग उत्साह देखा गया। तट पर लगी दुकानों पर गाड़ी खिलौना फुग्गे देखकर जमकर खरीदी कर उत्साह पूर्वक नजर आए। पुलिस बल का भी सराहनीय सहयोग रहा। हर घाट पर गली चौराहे पर पुलिस तैनात रही।
अद्भुत है रामघाट लक्ष्मण मड़वा
मान्यता है कि भगवान राम वनवास के दौरान उत्तर तट पर राम घाट पर आए थे। उनसे कुछ दूर दक्षिण तट पर लक्ष्मण जी मंडप बनाकर रात्रि पहरा देते थे। जब से इसका नाम लक्ष्मण मंडप पड़ा। जिसे हम लक्ष्मण मड़वा के नाम से जानते हैं। यहां मकर संक्रांति को यहां प्राचीन समय से ही मेला लगता आ रहा है। कुछ वर्र्ष पूर्व माता सरस्वती राम गुरु ठन ठन पाल उनके शिष्य मीरा राम गुरु सरस्वती राम का आश्रम यहां चल रहा है। यहां नर्मदा जी का मंदिर व माता का समाधि स्थल है। यहीं उत्तर तट पर खडेस्वरी महाराज का आश्रम व दक्षिण तट पर हाथेश्वरी महाराज का आश्रम है। जहां श्रद्धालुओं का आवागमन निरंतर चलता रहता है। यहां जलप्रपात घुघरा है जहां आज भी नरियल बेलपत्र चढ़ाने पर लुप्त हो जाता है। यहां नर्मदा जी की धार गिरती है वह धनुष आकार पर है । इसके साथ यहां पर आसपास से आए सभी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई।
नर्मदा तट कोसमघाट में लगा विशाल मेला
मेंहदवानी. मकर संक्रांति पर्व पर मुख्यालय मेंहदवानी से लगभग 8 किमी दूर स्थित मां नर्मदा तट कोसमघाट में पहुंचकर हजारों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने पूजन अर्चन कर नर्मदा तट पर ही भोजन तैयार कर मां नर्मदा को भोग लगाया फिर प्रसाद ग्रहण किया। नर्मदा तट कोसमघाट चित्रकूट गोंदिया के मध्य पड़ता है। जिससे सुलभ साधन है इसलिए दूसरे प्रांतो से भी श्रद्धालु मकर संक्रांति पर्व पर डुबकी लगाने पहुंचे थे। शहपुरा, उमरिया, चाबी, मेंहदवानी, सारसडोली सहित अन्य क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु डुबकी लगाने पहुंचे थे। जिससे मेला स्थल से लेकर नर्मदा तट के दोनों ओर भारी भीड़ देखने को मिली। नर्मता तट में बहुत बड़ा मेला लगा हुआ है। जहां सोने चांदी के आभूषण, जनरल, मनिहारी, कपड़े दुकान, कंबल, बर्तन, किराना, सब्जी, मिठाई, गुड़ गप्पा, पान दुकान,फल फूल, खिलौने, संगमरमर की मूर्तियाँ, वनारस के बेर, सिंघाड़ा सहित अन्य मनपसंद सामान उपलब्ध थे। रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कोसमघाट मेला में केन्द्रीय इस्पात मंत्री व सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, क्षेत्रीय विधायक भूपेन्द्र मरावी का आगमन होगा। भारी भीड़ के चलते अप्रिय घटना रोकने नायब तहसीलदार राजस्व अमला के साथ तथा पुलिस थाना मेंहदवानी से पुलिस बल तैनात रहा।
धार्मिक कीर्तन के साथ नगर भ्रमण
विक्रमपुर. सत्य सांई सेवा समिति के द्वारा सुबह विक्रमपुर नगर में धार्मिक कीर्तन करते हुए भक्तो के द्वारा नगर भ्रमण किया गया। इसके बाद भक्तों के द्वारा मां नर्मदा के तट कुररघाट में आयोजित मेले में आए हुए सभी लोगो को खिचड़ी का प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर चौकी प्रभारी ए. पी सिंह सूर्यवंशी, जनपद उपाध्यक्ष सुशील राय, प्रधान आरक्षक संतोष रजक, आरक्षक गोविंद मरावी, छोटेलाल देसिया, अशोक सैयाम सहित समिति के सदस्य नवीन गुप्ता, रामानुज राव, राजेश गुप्ता, सुरेश हरदहा, शशि गुप्ता, निशा हरदहा, रीता गुप्ता, सावित्री बघेल, सुमन बर्मन, शांति सोनवानी, रघुनाथ साहू, जोहन बनवासी, विमला नामदेव, कमला संत, कुसुम गुप्ता, अनसुईया नागवंशी, कृष्णा यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
हजारो लोगो ने लगाई आस्था की डुबकी
शहपुरा. मकर संक्रांति के अवसर पर शहपुरा से 25 किमी दूर स्थित ग्राम मालपुर के पवित्र मां नर्मदा के कन्हैया संगम तट पर मेले का आयोजन किया गया। मकर संक्रांति के अवसर पर नर्मदा स्नान का विशेष महत्व रहता है। श्रद्धालु सुर्य को अघ्र्य देकर पुण्य प्राप्त करते है। सुर्य की उत्तरायण दिशा में होने के कारण मां नर्मदा स्नान फलदायी होता है। इससे लोगों की धार्मिक आस्थाएं जुडी रहती है। मालपुर मेले के लिए व्यापारी एक दिन पहले मगंलवार से ही आकर अपनी अपनी दुकान लगा ली थी। जहां बुधवार को लोगो ने जमकर खरीददारी की। मकर संक्रंाति के अवसर पर डुबकी लगाने का शुभ मुर्हत इस वर्ष 15 जनवरी को सुबह ८.३० बजे के बाद था और अगले दिन तक होने के कारण लोग सुबह से ही कन्हैया संगम मालपुर तट पहुच स्नान करते नजर आए। हजारों की संख्या में लोगो ने मां नर्मदा में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। लोगो ने जमकर तिल व गुड का दान कर तिल के लड्डूओ का सेवन किया ।
मेले में तब्दील हुआ शहपुरा स्टैड
मेले को लेकर शहपुरा नगर का स्टैन्ड मेले से कम नहीं रहा। शहपुरा पूरे तहसील का केन्द्र बिन्दु हैं और श्रद्वालु यहीं से होकर नर्मदा स्नान के लिए प्रस्थान करतेे है। मेले में इस बार भी दूर दूर से लोग पहुंचे और सबसे पहले मां नर्मदा में स्नान किया व बाद में मेले का लुफ्त उठाया। मेले में सुबह से ही नगर निरीक्षक हेंमत व्ही बर्वे ने शहपुरा बस स्टैडं से लेकर मेला प्रांगण तक चाक चौबंद व्यवस्था की। जिससे लोगो को किसी प्रकार की समस्या ना हो ,पुलिस प्रशासन ने इस बार घाट के ऊपर ही बस स्टैन्ड बनाया था। साथ ही मेले से एक किलोमीटर पहले साईकल स्टैंड बनाया गया था ताकि किसी को भी मेले में आने जाने में किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो । मेले में इस बार सिर्फ मौत का कुंआ ही आया था।
कुटरई में भी लगा मेला
बिछिया चौकी अंतर्गत कुटरई घाट पर सिलगी नदी मां नर्मदा में मिलती है। उसके संगम में भी भव्य मेले का आयोजन किया गया। जिसमें हजारो लोगो ने पहुच आस्था की डुबकी लगाई साथ ही मेले में जमकर खरीदी की ।

Patrika
Rajkumar yadav
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