विकलांग महिला घर की दीवारों में कोरोना से बचने का लिख रही नारा

पहले गांव में नशे के खिलाफ चलाया अभियान अब नारा लिख कर रही लोगों को कर रही जागरूक

By: Rajkumar yadav

Published: 19 Apr 2020, 10:18 AM IST

डिंडौरी/गोरखपुर. करंजिया विखं के अंतर्गत ग्रापं धवाडोंगरी के गांव धनरास में रहने वाली विकलांग महिला द्रोपदी बाई एक पैर से लाचार होने के बाद भी सामाजिक गतिविधियों में नि:स्वार्थ भाव से मानव सेवा करने अपना अमूल्य समय देते हुए हमेशा तैयार रहती है। यह महिला उन लोगों के लिए उदाहरण हैं, जो सर्वसंपन्न होने के बाद भी कभी देश समाज के लिए अपना योगदान नहीं देते। उल्लेखनीय हैं कि इस महिला ने पूर्व में गांव के अंदर शराब गांजा नशीली चीजों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया था। शराब के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के प्रति जानकारी देते हुए समस्त लोगों से नशा ना करने का आव्हान किया था। उसके इस अभियान के गांव के अंदर सार्थक परिणाम आएं थे। दर्जनों ग्रामीण परिवार नशे से पैदा होने वाली स्थिति को गंभीरता से समझकर नशे से दूरी बनाते हुए हंसी खुशी से जीवन व्यतीत कर रहें है। वहीं द्रौपदी कोरोना वायरस वैश्विक महामारी की हालात में वह घर से बाहर निकल लाठी टेकते टेकते चलते हुए गांव की घरों के दीवार के बाहर कोरोना वायरस से बचने उसके संक्रमण से बचने के लिए स्थानीय नागरिकों को जागरूक सावधान करने हेतु अपने हाथों से नारा लिख रही हैं। द्रौपदी ने बताया कि वर्तमान में कोरोना से बचने के लिए ग्रामवासियों को प्रेरित करना बहुत आवश्यक हैं इसलिए यह बीड़ा उठाया हैं। अभी इस मिशन की शुरुआत गांव से की गई हैं, लेकिन और लोगों को जोड़कर इस तरह की गतिविधि गांव-गांव में संचालित की जाएगी उसने बताया कि उसके इस कार्य में तेजस्विनी मेकलसुता संघ के ईश्वर साहू सहित अन्य महिला कार्यकर्ता हमेशा उनका हौसला बढ़ाते हैं। ईश्वर साहू ने बताया कि समूह की महिलाएं नि:स्वार्थ भाव से नि:शुल्क मास्क वितरण करने के निर्णय लिया हैं। इसके लिए वह मशीन से मास्क तैयार करने में लगी हैं।

Patrika
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