प्यास से हो रही मवेशियों की मौत

तालाब की साफ -सफाई की मांग लेकर पहुंचे ग्रामीण
ग्राम पंचायत पर लगाया लापरवाही का आरोप

By: shivmangal singh

Published: 16 May 2018, 05:17 PM IST

डिंडोरी। गर्मी के मौसम में भी तालाब में इतना पानी रहता था कि गांव की मवेशियों के साथ आसपास के ग्रामों के मवेशी भी पानी पीने आते थे, लेकिन पानी निकासी के बाद तालाब पूरी तरह सूख चुका है और आस पास लगभग दो किलोमीटर तक मवेशियों के लिये पानी उपलब्ध नहीं है। पानी की कमी के चलते गांव की चार मवेशियों की प्यास से मौत भी हो चुकी है। यह जानकारी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत धुर्रा के आधा सैकड़ा ग्रामीण मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंच कर एक शिकायत में दी। उन्होने आरोपित किया है कि धुर्रा ग्राम में स्थित तालाब का पानी साफ -सफाई करने के नाम पर छोड़ दिया गया जिससे मवेशियों के लिये पीने की पानी की समस्या पैदा हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि 18 फरवरी को धुर्रा में स्थित तालाब के साफ -सफाई का अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया था। जिसके मद्देनजर ग्राम पंचायत द्वारा तालाब का पूरे पानी की निकासी कर दी गई थी, लेकिन आज तक तालाब की साफ-सफाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने लिखित आवेदन के माध्यम से मांग की है कि शीघ्र ही तालाब की साफ -सफाई की जाये। चूंकि कुछ दिनों के भीतर बारिश शुरू हो जायेगी। साथ ही यह भी उल्लेख किया है कि मजदूरों के भरोसे तालाब में काम संभव नहीं है। इसलिए मशीनों के द्वारा ही तालाब में साफ -सफाई और गहरीकरण का कार्य कराया जाये। जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों के साथ जनपद सदस्य चंद्रिका गवले ने बताया कि ग्राम पंचायत के सरपंच एवं रोजगार सहायक शासन की राशि का दुरूपयोग कर रहे हैं। ग्राम पंचायत में ग्राम विकास के लिये जारी राशि का फर्जी बिल सबमिट कर राशि आहरण कर निजी उपयोग में ले रहे हैं। भैंसलगान रैयत में 290 मीटर सीसी रोड के साथ नाली निर्माण का कार्य कराया जाना था। जिसमें क्रमश: सीसी रोड के लिये 8 लाख 99 हजार एवं नाली निर्माण के लिए एक लाख 75 हजार रूपये स्वीकृत किये गये थे, लेकिन ग्राम पंचायत द्वारा सड़क जहां गुणवत्ताहीन बनायी गई है। वहीं नाली निर्माण नहीं कराया गया है। इसी तरह धुर्रा के भर्रा टोला में 210 मीटर सीसी रोड का निर्माण कराया जाना था, लेकिन इस सीसी रोड में भी अनियमितता बरती गई है। वर्ष 2015 में धुर्रामाल में सीसी रोड निर्माण कार्य चम्मर के घर से धनेश के घर तक कराये जाने हेतु आदिवासी बस्ती विकास मद से चार लाख रुपये स्वीकृत हुये थे, लेकिन उक्त योजना से निर्माण नहीं कराया गया। बल्कि पंच परमेश्वर योजना से लगभग पांच लाख रुपये की लागत से गुणवत्ताहीन सीसी रोड का निर्माण कराया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इसी तरह ग्राम पंचायत द्वारा इ-पंचायत भवन निर्माण में भी राशि का गोलमाल करना तथा अन्य सीसी रोड में भी भारी अनियमितता बरतने का आरोप लगाते हुये जांच की मांग की है।
हाई वोल्टेज तार गिरा, चार मवेशियों की मौत
डिंडोरी। गाड़ासरई नदी में पानी पीने गए मवेशी झूलते ऐसे तार की चपेट में आ गये, जिसमें करंट दौड़ रहा था। हाई वोल्टेज करंट के चलते चार मवेशियों की मौके पर मौत हो गई। बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही के चलते घटना के बाद गाड़ासरई के ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने बताया कि झूलते तारों की शिकायत बिजली विभाग को पिछले दो सालों से की जा रही थी। शिकायत के बाद भी आज तक किसी तरह का सुधार कार्य विद्युत विभाग के द्वारा झूलते तारों पर नहीं किया गया। जिसके परिणामस्वरूप मंगलवार को चार मवेशी झूलते तारों की चपेट में आ जाने से काल के गाल में समा गए। वहीं गनीमत रही की कोई ग्रामीण इसकी चपेट में नहीं आया। घटना बजरंग मोहल्ले के नदी किनारे की बतायी जा रही है। वहीं इसके अलावा कई जगहों पर बिजली के झूलते तार हैं जो क्षेत्र में बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे है। घटना के बाद इसकी सूचना डायल 100 को दी गई। मौके पर पहुंची डायल 100 में तैनात एएसआई राजेंद्र मिश्रा, आरक्षक विनय वैश्य एवं पायलट जितेंद्र ने मवेशी मालिक मनोज मरकाम से संबंध स्थापित कर वाहन में बैठा थाना गाड़ासरई पहुंचाया, जहां पीडि़त ने घटना की शिकायत थाने में दर्ज कराई है।

Patrika
shivmangal singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned