आदिवासी बाहुल्य जिले में कोविड 19 खतरे का सबब बन रहे प्रवासी मजदूर

बेखौफ घूम रहे हैं प्रवासी

By: Rajkumar yadav

Published: 26 May 2020, 09:23 AM IST

डिंडौरी। जिले में अब तक एक के बाद एक १५ कोरोना पॉजिटिव के मामले सामने आ चुके हैं। जिनमें से करंजिया से मिला कोरोना पॉजिटिव स्वास्थ्य लाभ लेकर अपने घर जा चुका है। स्वास्थ्य महकमे की माने तो कोरोना पॉजिटिव से संबंधित अधिकांश मामले प्रवासियों से जुड़े हुए है।जिन्हें स्वास्थ्य परीक्षण के बाद क्वारंटीन सेंटर में रखा गया था।यदि देखा जाये तो कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के मामलो में शहपुरा अव्वल दर्जे पर जा पहुंचा है ।जहां से अब तक 10 कोरोना संक्रमित मामलों की पुष्टि हो चुकी है। जिनमें से 9 मामले एक ही परिवार से जुड़े होने की बात सामने आ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त परिवार हाल ही में मुम्बई से वापस लौटा था। जिले में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के मामलों को देखते हुये यदि यह कहा जाए कि अब आदिवासी बाहुल्य डिंडौरी जिले पर कोविड . 19 के बादल मंडराने लगे हैं तो कहना गलत नही होगा।
ज्ञात हो कि प्रवासी मजदूरों को जिन स्थानों पर क्वारंटीन किया जा रहा है। उन स्थानों पर वह नियम निर्देशों को धता बताते हुए खुले वातावरण में तफरी कर रहे हैं। ऐसे में आबादी क्षेत्रों में बने क्वारंटीन सेंटरों में रुके प्रवासीएरहवासियों के लिए भी खतरे का सबब बनते जा रहे है। खासकर मुख्यालय स्थित वार्ड क्रमांक 1 में बने क्वारंटीन सेंटर, जहां सबसे ज्यादा प्रवासी पहुंचते हैं और रात दिन आसपास के क्षेत्रों में बेखौफ होकर घूमते हैं।
संक्रमित नहीं सहभागी बने
कोविड 19 के बढ़ेते संक्रमण की रोकथाम के लिये जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन, स्वास्थ विभाग और सफाई कर्मी, पत्रकार अब तक अपना 100 फीसदी देते रहे हैं। लेकिन बढ़ेते संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार और प्रशासन पर दोषारोपण करने से पहले अब स्थानीय जनता और जिले वासियों को अपनी सहभागिता देने की आवश्यकता है। इसके लिये आसपास के क्षेत्र की साफ -सफाई रखते हुये सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है।कम से कम हर 20 मिनट में हांथों को साबुन से अच्छी तरह साफ करना है। बाहर निकलते वक्त मास्क व सेनेटाइजर का इस्तेमाल अवश्य करें।

Patrika
Rajkumar yadav
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned