लॉकडाउन में भी फल-फूल रहा शराब का कारोबार

मुख्यमंत्री ने शराब दुकान बंद रखने जारी किए थे आदेश

By: Rajkumar yadav

Published: 18 Apr 2020, 10:11 AM IST

डिंडोरी. लॉकडाउन में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के समस्त जिलों में शराब को पूर्णत: प्रतिबंधित करने के आदेश दिए है। इसके बाद भी आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी जिले में यह नियम लागू नहीं होता। शराब कारोबारी नगर में शराब परोसने का कार्य बखूबी कर रहे हैं। हाल में एक पुलिस कर्मी के शराब के नशे में धुत्त होने का मामला प्रकाश में आया था। बावजूद इसके जिम्मेदार बेखबर हैं। इसी का शराब कारोबारियों द्वारा बखूबी फायदा उठाया जा रहा है। ऐसे में प्रदेश के मुख्यमंत्री के उस आदेश का क्या जो उन्होंने कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने राज्य में शराब कारोबार को प्रतिबंधित कर रखा था। नि:संदेह मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिये, चूंकि देश विषम परिस्थितियों के दौर से गुजर रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने सरकारों के आदेश को अमल में लाने ठोस कदम उठाने की आवश्यक्ता है।
फोन लगाते ही सेवा में हाजिर
मुख्यालय में शराब के प्रतिबंध के बावजूद भी कारोबारी की नजरें मुख्यालय में ज्यादा रहती हैं। जहां वह ठेके की राशि की भरपाई बेहद आसानी से कर लेते है। इसके लिए उसने एक स्थानीय व्यापारी से सांठगांठ कर नगर के गली मोहल्लों तक मे शराब के कारोबार को फैला रखा है। बीच-बीच मे प्रशासन के संज्ञान में भी लाया गया किन्तु कार्यवाही के नाम पर महज कागजी खानापूर्ति ही कि गई। नतीजतन आलम यह है कि शहर के गली मोहल्लों से एक फोन कॉल करते ही महज कुछ ही मिनटों में बताये पता ठिकाने पर पसंदीदा ब्रांड पहुंच जाता है। हालांकि लॉकडाउन के मद्देनजर यही बदलाव हुआ है कि पहले यह कारोबार खुलेआम होता था। लेकिन अब चोरी छिपे और आड़ बनाकर किया जा रहा है। मुख्यालय के कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ सांझ ढलते ही मुख्यमार्ग पर बने ठिकानों के सामने चहल कदमी बखूबी देखी जा सकती है।
पहले भी उठी थी आवाज
जिले में शराब कारोबार का करोङो का ठेका होने के बावजूद जिला मुख्यालय को शराब से पूर्णत: मुक्त रखा गया था। लेकिन सिर्फ और सिर्फ कागजों में। जबकि वास्तविकता तो यह है कि मुख्यालय में शराब का विक्रय कभी बंद हुआ ही नहीं। जिसमे जिम्मेदार विभागों की अनदेखी से इंकार नहीं किया जा सकता है। लॉक डाउन से पहले भाजपा जिला अध्यक्ष ने भी शराब कारोबार पर अंकुश लगाने की बात कही थी।
इनका कहना है ..
मुख्यालय में शराब पूर्णत: प्रतिबंधित है। जिसे लेकर मेरे द्वारा पूर्व में भी सख्ती की बात कही गई थी। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी लॉक डाउन के चलते शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है। यदि जिले में शराब का विक्रय हो रहा है तो निंदनीय है। जिला प्रशासन और पुलिस को प्रयास करना चाहिये कि शराब का विक्रय न हो। प्रशासन इस ओर ठोस कदम नहीं उठाता तो मैं मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष से इस विषय पर चर्चा करूंगा।
नरेंद्र राजपूत, भाजपा जिला अध्यक्ष

Patrika
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