700 साल पुरानी है महाकाली की प्रतिमा

700 साल पुरानी है महाकाली की प्रतिमा
700 साल पुरानी है महाकाली की प्रतिमा

ayazuddin siddiqui | Updated: 06 Oct 2019, 05:46:20 PM (IST) Dindori, Dindori, Madhya Pradesh, India

खुदाई में मिली थी मूर्ति

शहपुरा. नवरात्रि के पहले दिन से ही प्राचीन देवी मढिय़ा करौंदी में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। शारदेय नवरात्र में करौंदी सहित आसपास के ग्रामीण करौंदी की प्राचीन देवी मढिय़ा में भक्त जल चढ़ाने पहुंच रहे हैं । भक्त माता को जल अर्पित कर अपनी मनोकामना पूर्ण होने की कामना माता से करते हैं । ज्ञात हो कि करौंदी में प्राचीन देवी मढिय़ा में माता महाकाली की मूर्ति लगभग 700 वर्ष पुरानी है। इसके आसपास खुदाई के दौरान यहां माता सहित अन्य कई मूर्तियां निकली हैं। यहाँ की मान्यता है कि जो भी भक्त यहां माता के दरबार में आता है उसके सारे मनोकामना पूर्ण होती है। यहाँ दूर दूर से भक्त माता के दरबार में आते है, दोनों ही नवरात्र में भक्तों की भीड़ रहती है। यह देवी मढिय़ा सैकड़ों वर्ष पुरानी है और यहां ग्राम सहित आसपास के कई ग्राम के लोगों के आस्था का केंद्र बनी हुई है। बताया जाता है कि यह प्रतिमा 700 साल पहले यहां के पंडा शिवलाल नामदेव को स्वप्न में माता महाकाली ने दर्शन दिया था। जिसके बाद खुदाई के दौरान मिली थीं। यहां प्राचीन माता महाकाली मढिय़ा के पंडा 80 वर्षीय जगदीश प्रसाद नामदेव बताते हैं कि उनके पूर्वज को स्वप्न में माता महाकाली ने दर्शन दिया था। फिर खुदाई की गई जिसमें यह प्रतिमा मिली। इसके साथ सात देवियों और छोटी-छोटी प्रतिमाएं भी मिली थीं। जिनको वे अपने घर में लाकर मढिय़ा बनाकर स्थापित किए। तब से लेकर आज तक यहां भक्त अपनी मनोकामना लेकर माता महाकाली के दर्शन को आते हैं और माता उनकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।

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