सुविधा घर के नाम पर लाखों का हेरफेर किसी की छत गायब तो कहीं पर बना ही नहीं

ग्राम पंचायत छीरपानी का मामला, भटक रहे हितग्राही

By: ayazuddin siddiqui

Updated: 01 Mar 2021, 07:11 PM IST

डिंडोरी. केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा अंतिम छोर पर खडे व्यक्ति को विकास के मुख्य धारा में जोडऩे के उद्देश्य से नित नई योजनाएं बनाकर जिम्मेदारों को क्रियान्वयन का जिम्मा सौंपा गया है। दु:खद पहलू यह है कि जिम्मेदार चुने हुए जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर क्षेत्र के विकास से ज्यादा स्वयं के विकास पर लगे हुए है। कुछ ऐसा ही मामला जनपद पंचायत शहपुरा के अन्तर्गत ग्राम पंचायत छीरपानी का प्रकाश में आया है। जहां स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायतो मे सुविधाघर निर्माण के नाम पर लाखों का वारा न्यारा किया गया है। सुविधाघर के लिए हितग्राहियो को केन्द्र शासन द्वारा राशि प्रदान की जाती है लेकिन जिम्मेदार इसका बंदरबाट करने में जरा भी गुरेज नहीं कर रहे हैं।
राशि गायब
जनपद पंचायत अंर्तगत ग्राम पंचायत छीरपानी में व्यापक तौर पर अनियमितता की गई है। जिसमें ग्राम पंचायत के जन प्रतिनिधियों के साथ ही तत्कालीन सचिव और जनपद में बैठे अधिकारी कर्मचारियों ने हिस्सेदारी निभाई है। ग्राम पंचायत कें जिम्मेदार सुविधाघर निर्माण के नाम पर लगभग 17 लाख 25 हजार 6 सौ रूपये खाते से आहरण कर लिया। जबकि ग्राम पंचायत में अभी तक सुविधाघर निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया। सरपंच द्वारा बताया गया के वर्ष 2017-2018 में सुविधाघर निर्माण करया गया था। जिसमें लगभग 3 लाख 31 हजार रुपये खाते से आहरण किया गया था। इसके वावजूद किसकी सहमति से राशि का बंदरवाट किया गया। सुविधाघर निर्माण की राशि कहा गई, सुविधाघर बनवाए गए हैं तो वह है कहां ऐसे कई सवाल खड़े हुए हैं।
जांच हो तो सामने आएंगे गड़बडिय़ां
ग्रामीणो के द्वारा लगातार लम्बे समय से प्रशासन से शिकायत की जा रही है। कुछ ग्रामीणो ने सूचना के अधिकार के तहत ग्राम पंचायत से कई ऐसी जानकारी ली है जिससे चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। कई योजना के रिकार्ड ही ग्राम पंचायत छीरपानी से गायब है। कई ऐसे कार्य भी कराए गए है जिनका लेखा जोखा ग्राम पंचायत में नही है। ग्रामीणों ने छीरपानी ग्राम पंचायत की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
स्वीकृत कार्यों का बदल दे रहे जगह
ग्राम पंचायत छीरपानी में लगातार गड़बडिय़ां की जा रही है। ग्रामीणों की वजाय जनप्रतिनिधि व ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अपने चहेतों को उपकृत करने में लगे हुए है। स्वीकृत कार्यो का भी स्थल बदल दिया जा रहा है। इस कार्य में सचिव, उपयंत्री से लेकर जनपद में बैठे अधिकारी भी अपनी सहभागिता निभा रहे हैं। सुविधाघर निर्माण, पीएम आवास सहित अन्य जनहितकारी योजनाओं के नाम पर जमकर अनियमितता की जा रही है। इसके बाद भी जिम्मेदार मामले में कार्रवाई की वजाय दोषियों को बचाने की जुगत में हैं।
इनका कहना है
ग्रामीणों की शिकायतों की जांच कर कार्यवाही के लिये जिला मुख्यालय भेजा गया है। जाँच मे अगर दोषी पाये गये तो नियम अनुसार कार्यवाही की जायेगी।
के के रैकवार, सीईओ जनपद पंचायत शहपुरा

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