ग्राम पंचायत में लाखों का हेरफेर, भेजा धारा 40 की कार्रवाई का प्रस्ताव

अन्य कार्यो की जांच के लिये टीम गठित

By: Rajkumar yadav

Published: 10 Apr 2019, 11:20 AM IST

डिंडोरी। ग्राम पंचायतों में पंचपरमेश्वर योजना के तहत ग्राम विकास के लिये शासन द्वारा हर साल लाखों रूपये की राशि दी जाती है लेकिन ग्राम पंचायत के नुमाईदें अपने निजी स्वार्थ के लिये फर्जी प्रस्ताव पारित कर निर्माण कार्य सहित अन्य कार्यो के लिये राशि का आहरण कर लिया जाता है। कई दफा तो वार्ड पंचों को भी प्रस्ताव पारित होने की भनक तक नही लगती और सरपंच सचिव फर्जी हस्ताक्षर कर अपने चहेते सप्लायरों का बिल समिट कर लाखों का गबन कर लेते है। यंहां तक की निर्माण कार्य कागजों में दर्शा शासन की राशि का दुरूपयोग कर लिया जाता है। मनमानी यहां तक की जाती है कि स्टेशनरी क्रय करने के नाम लाखों का भुगतान कर दिया जाता है जबकि पंचपरमेश्वर मद में एक तय राशि होती है। लेकिन जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत अतरिया में सरपंच सचिव की बड़ी अनिमितता सामने आई है जहां कागजों में सीमेंट कांक्रीट सड़क का निर्माण दर्शा लाखों की हेराफेरी के आरोप है वहीं राशि गवन को लेकर ग्रामीणों ने आवाज बुलंद की तो सरपंच सुहद्री धुर्वे ने एक पत्र जारी करते हुये ग्रामीणों को गुमराह करने की मशा से निर्माण कार्य शीघ्र कराने का भरोसा देते हुये गायब सीमेंट कांक्रीट मार्गो की निर्माण सामग्री अन्य निर्माण कार्यो में उपयोग करने का हवाला दिया है जिससे स्पष्ट होता है कि ग्राम पंचायत में राशि का हेरफेर किया गया है। साथ ही पत्र में शिकायत कर्ता के साथ साथ पूर्व सरपंच व सचिव पर भी ग्राम पंचायत में गफलत करने का आरोप मढ दिया है। इसके अलावा ग्राम पंचायत अंतर्गत शासकीय संपत्ति को बेचने का आरोप ग्रामीणों ने लगाते हुये शिकायत की थी।
ग्राम पंचायत के पोषक ग्राम बीजापुरी में पंचपरमेश्वर योजना से कुल 6 सीसी रोड का निर्माण किया गया है जिनमें से चार सड़क गायब है और कागजों में निजी कृषि भूमि सहित रिहायसी मकानों के ऊपर से निर्माण कार्य दर्शा दिया गया है। निर्मित रोड में दाताराम के घर से हेंड पंप तक 2 लाख 16 हजार 750रु व्यय दर्शाया गया है। लेकिन उक्त मार्ग को देखने से ही पता चल जायेगा कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई है साथ ही नाली निर्माण भी नही कराया गया है, मोहन के घर से शोभाराम के घर तक 5 लाख 90 हजार की लागत से सड़क निर्माण दर्शाया गया है जबकि निर्माण कार्य नही हुआ साथ ही स्थल पर कृषि भूमि है जिस पर कृषि कार्य किया जा रहा है इसके अलावा दाताराम के घर से जितेन्द्र के घर तक 2 लाख 54 हजार 200रु की लागत से सड़क निर्माण बतलाया गया है जबकि निर्माण स्थल से जितेन्द्र का घर 50 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित है। यही आलम राममिलन के घर से मूलचंद के घर तक 2 लाख 55 हजार की लागत से सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण दर्शाया गया है। जबकि सड़क निर्माण कराया ही नही गया और चूंकि स्थल में एक सकरी गली के साथ साथ गौशाला व मकान निर्मित है। इसी तरह राजेन्द्र के घर से भगवत के घर तक 1 लाख 53 हजार की लागत से निर्माण कार्य बतलाया गया है जबकि निर्माण कार्य हुआ ही नही। इसी तरह अतरिया ग्राम में भी चंद्रभान के घर से अनिरूद्ध के घर तक सड़क निर्माण 2 लाख 46 हजार 890 रु की लागत से बताया गया है जबकि निर्माण कार्य मौके से नदारत हैै। इसके अलावा ग्रामीणों की माने तो सुदूर संपर्क मार्ग में भी निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई है।
पेड़ काट कर विक्रय करने का आरोप
ग्राम पंचायत अतरिया में जहां निर्माण कार्यो में अनिमितता बरतने व शासन को लाखों का चूना लगाने का आरोप है वहीं पूर्व सरपंच सचिव द्वारा अतरिया एवं बरगी ग्राम में वृक्षा रोपण कराया गया था जिनमें यूकेलिप्टिस के पौधे लगाये गये थे जो पेड़ बन चुके थे लेकिन वर्तमान सरपंच की नजर इन पर लग गई और 2016 में बरगी में 426 पेड़ काटकर विक्रय कर दिये गये इसके बाद 2018 में अतरिया ग्राम में 145 पेड़ भी काटे गये थे जिसकी शिकायत ग्रामीण प्रीतम सिंह के द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचयात समनापुर को लिखित तौर पर की गई थी जिसके बाद खण्ड पंचायत अधिकारी मौके पर जांच करने पहुंचे जहां बरगी में सिर्फ पेड़ों के ठूठ मिले लेकिन अतरिया में कटे हुये पेड़ बरामद किये गये जिन्हें पंचनामा की कार्रवाई के बाद सचिव मंजू सिंह व रोजगार सहायक इंद्र कुमार के सुपूर्द किया गया लेकिन बेखौफ सरपंच व उसके परिजन रोब जमाते हुये कुछ दिनों बाद उन पेड़ो की बल्लियों को भी मिट्टी मोल बेच दिया और राशि का निजी हित में उपयोग कर लिया गया।
कार्रवाई के लिये भेजा प्रस्ताव
ग्रामीणों की शिकायत के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी गौरव पुष्प जनपद पंचायत समनापुर ने धारा 40 की कार्रवाई के लिये प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया है। वहीं अन्य निर्माण कार्यो सहित ग्राम पंचायत की अनिमितता की जांच के लिये टीम गठित की गई है। ग्राम ंपचायत अतरिया के ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच सुहद्री धुर्वे सिर्फ नाम मात्र की सरपंच है ग्राम पंचायत का संचालन परिजनों द्वारा किया जाता है।

Patrika
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