मां कैंसर से पीडि़त, इलाज कराने गए तो मुम्बई में फंसे, सीएम से अपील

शहपुरा विधायक ने दिलाया मदद का भरोसा, सांसद-डिंडौरी विधायक ने नहीं उठाया फोन

By: Rajkumar yadav

Published: 16 May 2020, 06:12 PM IST

डिंडौरी/ शहपुरा. मुम्बई के टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल परेल मुम्बई में अपना कैंसर का ईलाज करवाने के लिए गयी ग्राम पंचायत बिछिया निवासी उर्मिला चौधरी व उसकी लडकी अनुपमा चौधरी और सांनद चौधरी लॉकडाउन में फसे हुए है। वह 22 जनवरी को मुम्बई गई थी। जहां पर 3 अप्रैल तक लगातार ईलाज चलता रहा। इसके बाद हॉस्पिटल के डॉक्टर द्वारा उर्मिला चौधरी को छुट्टी दे दी गई और फालोअप के लिए दो माह बाद आने के लिए कहा गया। इसके बाद जब ये लोग हॉस्पिटल के बाहर आये तो किसी भी प्रकार का साधन नही मिला और लॉकडाउन के चलते वहीं फस कर रह गये। लड़की अनुपमा चौधरी के अनुसार पिछले दो माह से लगातार वे वहां के एक चाल में रहने के लिए मजबूर है। अनुपमा के अनुसार उसके द्वारा डिण्डोरी कंट्रोल रूम भोपाल कंट्रोल रूम, सेंट्रल कंट्रोल रूम ,181 सहित स्थानीय मुम्बई मे भी सभी अधिकारियों से बात की। साथ ही घर वापसी के लिए आन लाईन आवेदन भी किया। पर आज तक किसी भी अधिकारी ने उनकी व्यथा नहीं सुनी। उनकी किसी भी प्रकार की मदद नहीं की जा रही है। पैसे भी खत्म हो गये है और राशन भी नहीं मिल पा रहा है।उर्मिला चौधरी ने बताया कि जनवरी से अप्रैल तक लगातार कीमो थैरपी और रेडिएशन के फार्मूले से ईलाज किया जा रहा था, पर लॉकडाउन में फसं जाने के कारण मुब्रा देवी कलौनी दीवा स्टेशन जिला थाणे मुम्बई के एक चाल में एक कमरा लेकर रह रहे है। वहां पर गर्मी अधिक होने कारण पूरे शरीर में जलन व सूजन की शिकायत हो रही है। साथ ही एक सप्ताह से दवाई भी नहीं मिल पा रही है।
अनुपमा ने बताया, उन्होंने विधायक भूपेंद्र सिंह मरावी को संपर्क किया इस पर विधायक भूपेंद्र मरावी ने उनसे अपेक्षित जानकारी लेकर मदद का भरोसा दिलाया है। विधायक ने अनुपमा से कहा कि वो मुंबई प्रशासन से व्यक्तिगत तौर पर बात करके उनकी शहपुरा वापसी कराने की व्यवस्था करेंगे। सांसद व केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और डिंडौरी कांग्रेस विधायक ओमकार सिंह मरकाम को अनुपमा ने 5 से अधिक बार कॉल किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
वीडियो मैसेज में अनुपमा ने कहा- मां की हालत बहुत खराब है
'मैं भाई के साथ मां का कैंसर का इलाज कराने के लिए जनवरी में मुंबई आई थी। हम 2 अप्रैल से ठाणे थानांतर्गत दिवा जंक्शन फंसे हुए हैं। मेरी मां कैंसर की मरीज हैं। उनकी देखभाल और घर वापसी की व्यवस्था के लिए मैंने कई बार महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों से संपर्क किया। साथ ही डिंडौरी प्रशासन से भी बात की, लेकिन अब तक कोई मदद नहीं मिली। मैं मध्यप्रदेश सरकार और कोरोनावायरस कंट्रोल रूम डिंडौरी के अधिकारियों से बार-बार निवेदन कर चुकी हूं। 26 अप्रैल को मैंने 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई है। वहां से हमारी जानकारी ली गई और आश्वासन देकर हमें हमारे हाल पर दिया गया। भोजन और दवाओं की व्यवस्था मुंबई में ठीक से नहीं हो पा रही है।

Patrika
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