कोरोना का नहीं खौफ, सैकडों की संख्या में अन्य प्रदेशों से आ-जा रहे मजदूर

ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण को लेकर नहीं किया जा रहा जागरुक

By: Rajkumar yadav

Published: 19 Mar 2020, 09:20 AM IST

डिंडोरी/समनापुर. कोरोना वायरस का जहां पूरे विश्व में भय व्याप्त है। वहीं जिले के ग्रामीण अंचलों में मजूदर वर्ग इससे अभी भी अनभिज्ञ है। कुछ काम की तलाश में त्योहार के बाद फिर से जिले से बाहर अन्य प्रदेशों की ओर पलायन करने लगे हैं। तो वहीं अन्य प्रदेशों से जहां पर कोरोना वायरस के संदिग्ध मिले हैं। वहां से वापस अपने गांव मजदूरों लौट रहे हैं। इन मजदूरों का लौटने के बाद स्वास्थ्य परीक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है। जिससे जिले में कोरोना वायरस को लेकर और भय बढ रहा है। लोग घबरा रहे हैं कि कहीं इनके माध्यम से जिले में कोरोना का संक्रमण न फैल जाए और जिसे रोकना संभव नहीं हो पाए।
बसों से सफर कर रहे मजदूर
होली का त्योहार समाप्त होते ही जिले के विभिन्न गांवों से मजदूर जनपद मुख्यालय समनापुर पहुंचकर नागपुर, केरल की ओर जा रहे हें। छोटे-छोटे बच्चों से लेकर वृद्ध तक सफर कर रहे हैं। इनसे जब कोरोना वायरस के बारे में पूछा गया तो इन्हें कुछ भी नहीं मालूम था। इसी तरह केरल सहित अन्य प्रदेशों में काम करने गए मजूदर वहां से वापस लौट रहे हैं। पिछले 7-8 दिनों में सैकडों मजदूर जिले से बाहर जा चुके हैं। वहीं बडी संख्या में मजदूर वापस भी आए हैं। लोगों का कहना था कि जो मजदूर वापस जा रहे हैं वे फिर कुछ दिनों में आएंगे। जो शायद कोरोना वायरस के वाहक बनकर न आ जाएं। इसके लिए समय पर ही जिला प्रशासन को समुचित कदम उठाना होगा।
नहीं किया जा रहा जागरूक
जगह जगह कोरोना वायरस से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लेकिन देखा जा रहा है गांव में गरीब, मजदूर वर्ग के लोगो को जागरूक नहीं किया गया है। तभी तो ये मजदूर बाहर जा रहे हैं और इन्हें कोई रोक नहीं रहा। केरल से लौटे समनापुर जनपद के उमरिया गांव के मजदूरों से जब बात की गई तो उन्हें कोरोना के बारे में कुछ भी नहीं मालूम था। उनका कहना था कि साहब हमें केरल में कुछ नहीं बताया। केरल से वापस घर आए मजदूरों में से पाँच लोगों को बड़ी समझाईश के बाद अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरके मार्गदर्शन में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मजदूरों से स्वास्थ्य की जानकारी लेकर नाम पता एवं फोन नंबर दर्ज कर घर की ओर रवाना कर दिया गया है। डाक्टर ने बताया की जिस गांव के ये मजदूर है उनके नजदीकी एएनएम को सूचित कर 15 दिवस तक स्वास्थ्य की निगरानी एवं पूछताछ कराया जायेगा।
स्वास्थ्य परीक्षण की हो व्यवस्था
जिला मुख्यालय सहित अन्य ग्रमीण क्षेत्रों में बाहर से आने वाले मजदूरों को स्वास्थ्य परीक्षण नहीं किया जा रहा है। अब इस तरह के कई मजदूर जिले एवं जनपद में वापस आ रहे हैं जो सीधे अपने गांव की ओर जा रहे हैं। नागपुर, केरल तथा अन्य प्रदेशों से आने वाले मजदूरों को बस आपरेटर के माध्यम से निगाह में रखा जाए और इनका पहला स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। जिसके बाद उन्हें गांव जाने दिया। वरना जिले में आपदा आने से कोई नहीं रोक पाएगा।

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