पोस्टमार्टम के बाद नहीं मिला शव वाहन, कंधे पर लादकर छह किमी ले गए लाश

डिंडौरी के बजाग थाना क्षेत्र का मामला, गिड़गिड़ाते रहे परिजन, नहीं मिला शव वाहन

By: amaresh singh

Published: 10 Mar 2019, 07:24 PM IST

डिंडोरी। जिले के बजाग थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां शव वाहन नहीं मिलने के कारण परिजनों को शव कंधे पर रखकर छह किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। दरअसल बजाग थाना क्षेत्र के जंगल में शुक्रवार देर शाम संदिग्ध परिस्थितियों में बुजुर्ग विष्णु बैगा का शव मिला था। पुलिस ने शनिवार को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को शव सौंप दिया।

वाहन ढूंढते रहे लेकिन नहीं मिला
मृतक विष्णु बैगा का गांव बजाग से छह किमी दूरी है। शव ले जाने के लिए परिजन काफी समय तक वाहन ढूंढते रहे लेकिन नहीं मिला। परिजन शव को गांव तक पहुंचाने पुलिस और अस्पताल प्रबंधन के सामने गिड़गिड़ाते रहे लेकिन न पुलिस और न अस्पताल प्रबंधन ने शव को गांव तक पहुंचाने की जहमत उठाई। कोई वाहन न मिलने पर परिजन शव को कंधे पर लादकर गांव तक ले गए। मामले में अस्पताल प्रबंधन, पुलिस और प्रशासन की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। यह पहला मामला नहीं है जब प्रशासन की असंवेदनशीलता सामने आई है। इसके पूर्व भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। जिला मुख्यालय में ही शव वाहनों की व्यवस्था है बावजूद वाहन नहीं दिया गया। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बीएस गोठरिया ने पूरे मामले पर जांच की बात कही। उन्होंने कहा कि लापरवाही को लेकर जांच अधिकारी से जवाब तलब किया जाएगा। राज्यसभा सांसद सम्पतिया उइके ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया औऱ तत्काल सीएमएचओ से चर्चा की। वही जिला पंचायत अध्यक्ष ने इस घटना को लेकर नाराजगी जताई।

इनका कहना है
जानकारी लगी है कि शव को पैदल ही गांव तक ले जाना पडा है इस संबंध में जांच अधिकारी से पूरी जानकारी ली जायेगी, लापरवाही पर कार्रवाही भी की जावेगी।
बीएस गोठरिया , एसडीओपी डिंडौरी

निश्चित ही यह दुर्भाग्यपूर्ण है शव को सम्मान के साथ ले जाया जाना चाहिये इस संबंध में प्रशासन का रवैया गैरजिम्मेदाराना है मैं संबंधितों से जानकारी लेती हूं।
संपतिया उइके , सांसद राज्यसभा

जिले में सारी व्यवस्थायें बेपटरी हो गई हैं। प्रदेश सरकार तबादलों में व्यस्त है और निचले स्तर पर कर्मचारियों का मनोबल घटा है। यह मामला वाकई मानवता को शर्मशार करने वाला है। शव को छह किमी कंधे पर लादकर ले जाना पड़ा ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मामला है। मानवीय दृष्टिकोण से ही सही यहां मदद करनी चाहिये थी।
ज्योति प्रकाश धुवे , अध्यक्ष जिपं

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