महिला एवं बाल विकास विभाग में परियोजना अधिकारी का पद रिक्त कामकाज हो रहा बाधित

परियोजना अधिकारी का पद रिक्त होने से सूने पड़े केन्द्र व कार्यालय

By: shivmangal singh

Published: 07 Jun 2018, 05:16 PM IST

गोरखपुर। डिंडोरी जिले के करंजिया विकासखंड में एकीकृत महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी का पद पिछले दस महीनों से रिक्त पड़ा है। जिस कारण से ऑगनबाड़ी केंद्रों में सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का सफल क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। बताया गया कि सितंबर 2017 में यहां पदस्थ परियोजना अधिकारी का स्थानांतरण दूसरे स्थान पर किया गया है। इसके बाद यह पद अभी तक भरा नहीं जा सका है। हालांकि व्यवस्था के चलते सहायक संचालक के मूल पद पर पदस्थ उदयवती तेकाम को करंजिया विकासखंड के परियोजना अधिकारी का प्रभार किया गया है, लेकिन वो भी प्रतिदिन नहीं आते उनके पास बजाग विकासख्ंाड के परियोजना अधिकारी का भी प्रभार है। ऐसी स्थिति में सीनियर सुपरवाईजर परियोजना अधिकारी की भूमिका अदा कर रहे हैं।
ये है विभाग के मुख्य कार्य
शासन के द्वारा महिला बाल विकास विभाग में छह माह से छह वर्ष तक के बच्चे व गर्भवती धात्री महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराना उसे छह वर्ष के बच्चों को शाला पूर्व शिक्षा प्रदान करना टीकारकरण, स्वास्थ्य जांच कुपोषित बच्चे एवं गर्भवती महिलाओं की जांच व पोषण एवं बाल विकास का प्रोत्साहन देना जैसे मुख्य कार्य विभाग के हैं, परंतु ये कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं या नहीं कोई देखने वाला नहीं है। जबकि सरकार इस विभाग के लिये पानी की तरह पैसा बहाकर प्रयास कर रही है कि प्रत्येक परियोजना में आगनबाड़ी का वातावरण साफ स्वच्छ हो। बच्चों के खेलकूद की सामग्री का नियमित रूप से उपयोग हों उन्हे पोषण आहार मिलें। लेकिन परियोजना अधिकारी के पद रिक्त होने से ये योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। करंजिया विकासखंड का महिला बाल विकास विभाग बिना राजा की प्रजा तर्ज पर संचालित है। ग्रामीण क्षेत्रों के हाल बेहद बुरे हैं। यह सिर्फ दिखाने के लिये ही संचालित हो रही है। यहां की आगनबाडिय़ों की स्थिति यह है कि आये दिन बंद रहते हैं यदि कभी खुले भी तो समय पर नहीं ओर न ही बच्चों को नास्ता, खाना देना अनिवार्य होता। जब कोई खास दिन होता है या फिर किसी नेता का आगमन होता हो तो फिर भले ही उस दिन नास्ता खाना बच्चों को नसीब हो जाये परंतु अन्य दिनों में हालात विपरीत ही रहते हैं।

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