खुले आसमान तले ओस, कोहरे और बारिश से खराब हुई धान

राइस मिलरों को भुगतना पड़ेगा समितियों की लापरवाही का खामियाजा

By: Rajkumar yadav

Published: 06 Jan 2020, 05:32 PM IST

डिंडोरी. राइस मिल एसोसिएशन के द्वारा कलेक्टर डिंडोरी को पत्र सौंपा गया है। जिसमें तीन बिंदुओं के माध्यम से अवगत कराया गया कि जिले में विभिन्न समितियों द्वारा धान का उपार्जन कराया जा रहा है, किन्तु रख रखाव बेहतर तरीके से ना होने के चलते समितियों की लापरवाही का खामियाजा उन्हे भुगतना पड़ता है। इस बात का जिक्र भी किया गया है कि इस वर्ष भी विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों में धान खुले आसमान तले पडी है। नतीजतन बारिश, ओस और कोहरे की मार के चलते धान भीग चुकी है। जिसके चलते धान की गुणवत्ता खराब हो चुकी है। गुणवत्ता विहीन धान से उचित गुणवत्ता का चावल निकाल पाना संभव नही है।
लापरवाही उजागर
राईस मिल एसोसियेशन द्वारा सौंपे गए पत्र से यह स्पष्ट हो गया है कि जब शासन द्वारा धान उपार्जन समितियों को बारिश धूप इत्यादि से रखरखाव व सुरक्षा हेतु पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाता है तो फिर यह चूक कैसे हो रही है। पत्र के बिंदु क्रमांक 1 में साफतौर पर स्पष्ट किया गया है कि 31 दिसंबर 2019 से 2 जनवरी 2020 तक लगातार बारिश होने के बावजूद धान को खुले आसमान तले रखा गया।
सुखाकर किया जाए भंडारण
पत्र में मिलर्स ने यह भी बताया है कि भीगी हुई धान को अब भी बोरों में रखा गया है। जिसे सिलाई कर सीधे गोदामो में भेज दिया जाएगा। धान भीगी होने के चलते वजन तो बढेगा ही साथ ही उमस के चलते धान सूखकर खराब हो जायेगी और वजन भी कम हो जायेगा। जिसका हर्जाना शासन को भुगतना पड़ सकता है। पत्र के माध्यम से मिलर्स ने कलेक्टर डिंडोरी से मांग की है कि भीगी हुई उपार्जित धान को पुन: सुखाकर भंडारित किया जाये। गुणवत्ता विहीन धान की मिलिंग करने में जिले के राइस मिलर असमर्थ रहेंगे।
इनका कहना है .
धान को सुखाकर बोरो में भरकर ही समितियों को गोदाम में पहुंचाने के आदेश दिए गए है। मिलर्स को गुणवत्तायुक्त धान ही दी जायेगी।
अरविंद नगरारे, जिला प्रबंधक खाद्य एवं आपूर्ति निगम

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