ऑडियो वायरल होने के बाद तूल पकड़ा मामला, वन समिति ने पूर्व मंत्री से की रेंजर की शिकायत

इधर सरपंच ने जिपं सदस्य पर लगाए आरोप, लगातार सुर्खियों में बना है वन विभाग

By: ayazuddin siddiqui

Published: 27 Sep 2020, 03:24 PM IST

डिंडोरी. एक सप्ताह से डिंडोरी वन विभाग लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। कुछ दिन पहले पुलिस ने सरकारी काम में संलग्न विभाग की गाड़ी में 131 लीटर अवैध शराब पकड़ी थी। फिर जिला पंचायत सदस्य और वनकर्मी की बातचीत की कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई और अब अमरपुर वन मंडल के रेंजर पर भी सवालिया निशान लग रहे है। वन समिति के अध्यक्ष ने शुक्रवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे से रेंजर की वित्तीय गड़बडिय़ों की शिकायत की है। दूसरी ओर वन विभाग से जुड़े मामले में मोहारी के सरपंच हरेसिंह धुर्वे ने जिला पंचायत सदस्य पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए अमरपुर चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। दोनों मामले भले ही कनेक्ट न जुड़ रहे हो लेकिन आपस में सीधा माना जा रहा है। मोहारी सरपंच हरे सिंह धुर्वे ने डिंडौरी जिला पंचायत सदस्य पर आरोप लगाया कि वह वन विभाग की जमीन पर निजी स्वार्थ के लिए सड़क बनवा रही हैं। मोहारी के ठगरा घाट की अवैध कटाई कर रेत खनन करने के लिए बुढऩेर नदी तक रास्ता तैयार किया जा रहा है। ताकि नदी से रेत परिवहन में सुविधा हो सके। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देती हैं। कहती हैं मोहारी में मेरे आदमी सक्रिय हैं। ं। निर्माण कार्य की जानकारी ग्राम पंचायत और सरपंच को नहीं दी गई और काम भी शुरू करा दिया। हमसे कोई सहमति भी नहीं ली गई है। सरपंच ने लिखा कि जिला पंचायत सदस्य की धमकी से भयभीत हूं। सरपंच ने पुलिस से मांग की है कि मामले की गंभीरता से जांच कराकर ठोस कार्रवाई की जाए। अमरपुर पुलिस चौकी प्रभारी एसआई रंजीत सिंह सैयाम ने बताया कि मोहारी सरपंच की लिखित शिकायत मिली है। उन्होंने जिला पंचायत सदस्य पर आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर जांच कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व मंत्री ने डीएफओ तक पहुंचाई वन समिति का मामला
पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे के अनुसार, उन्होंने वन समिति की शिकायत पर डीएफओ मधु वी राज को मामले की जांच के निर्देश दे दिए हैं। समिति ने रेंजर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बिना कोई जानकारी दिए रेंजर सरकारी रकम का दुरुपयोग कर रहे हैं। समिति सदस्यों को कभी किसी मीटिंग में नहीं बुलाया जाता न ही उनके साथ कोई जानकारी साझा की जाती है। मामला गंभीर है इसकी जांच भी गंभीरता से कराई जाएगी।
डिप्टी रेंजर भी घिरे
इधर जिस वन समिति का जिक्र जिला पंचायत सदस्य ने वनकर्मी से बातचीत में किया था उसके अध्यक्ष सहित अन्य सदस्यों ने शुक्रवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री से रेंजर की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि रेंजर फर्जी दस्तखत से सरकारी राशि निकलवा लेते हैं। उनकी आर्थिक गतिविधियां संदिग्ध हैं। वन समिति के अध्यक्ष के पास न बैंक पासबुक है न ही कोई अन्य दस्तावेज। सभी महत्वपूर्ण कागजात रेंजर अपने पास ही रखते हैं। समिति ने पूर्व मंत्री से मांग किया कि मामले की जांच कराई जाए। पड़ताल में कई बड़ी अनियमितताएं भी सामने आ सकती हैं।

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