जेल में निरुद्ध बंदी की मौत पर ग्रामीणों में आक्रोश, किया चकाजाम

जेल में निरुद्ध बंदी की मौत पर ग्रामीणों में आक्रोश, किया चकाजाम
Resentment among villagers over the death of detained prisoner

Rajkumar Yadav | Updated: 20 Sep 2019, 10:11:36 AM (IST) Dindori, Dindori, Madhya Pradesh, India

अमरकंटक-जबलपुर स्टेट हाइवे कर दिया अवरुद्ध ,केबिनेट मंत्री ने किया 4 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान
मामले की जांच के दिये आदेश, मौके पर पहुंचा प्रशासनिक अमला
परिजनो ने जेल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

डिंडोरी/करंजिया. मुख्यालय से 4 किलोमीटर दूर रामनगर गांव के ग्रामीणों ने गुरूवार की प्रात: 10 बजे से अमरकंटक जबलपुर स्टेट हाईवे पर ***** जाम कर दिया। जेल में निरुद्ध बंदी दुर्गेश वट्टे की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने यह कदम उठाया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों एवं परिजनों ने जेल प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए एवं दुर्घटना के पीछे जेल प्रशासन के द्वारा पारदर्शिता न बरतने की बात करते रहे। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों का जमावड़ा लग गया । जिससे मुसाफिरों को समस्या का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार दुर्गेश को एक एक्सीडेंटल केस के मामले में दो बार वारंट किए जाने पर कोर्ट में पेश ना होने के कारण गिरफ्तारी वारंट के माध्यम से 1 महीने पहले डिंडोरी जेल भेजा गया था। जहां पर वह 11 सितंबर को खाना परोसने के दौरान दाल से झुलस गया था। जिससे उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसके उपरांत जबलपुर मेडिकल अस्पताल रेफर किया गया जहां उपचार के दौरान 17 सितंबर को दोपहर में उसकी मौत हो गई। जिसके बाद देर रात उसके मृत शरीर को उसके ग्रह ग्राम रामनगर प्राइवेट एंबुलेंस के माध्यम से भिजवाया गया। जिसके बाद गुस्साए परिजनों ने आरोप लगाया है 11 तारीख को दुर्गेश की पत्नी के पास फोन आया कि दुर्गेश सीढ़ी से गिर गया है। जिसे गंभीर चोट आई है जल्दी से यहां पर आ जाएं लेकिन जब परिजन वहां पहुंचे तो पता लगा कि वह जल गया है। जब इसके बारे में जानकारी मांगी गई तो तो बताया गया कि दाल के गिर जाने के कारण दुर्गेश झुलस गया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि जबलपुर में भी उन्हें स्थिति से अवगत नहीं कराया जा रहा था की दुर्गेश की वास्तविक स्थिति कैसी है। अचानक 17 तारीख को उसकी पत्नी को जबलपुर मेडिकल कॉलेज में ही बताया गया कि उनके पति का निधन हो गया है। जिसके बाद पोस्टमार्टम कर घर पहुंचा दिया गया । परिजनों ने बताया कि एंबुलेंस के लिए भी 15 सो रुपए दुर्गेश के परिवार वालों से वसूले गए । पैसा ना देने की स्थिति में बॉडी को घर तक ना छोडऩे की धमकी दी जा रही थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि दुर्गेश का मृत शरीर घर छोडऩे के दौरान कोई भी जेल के अधिकारी साथ में नहीं आए एवं परिजनों ने जबलपुर से बॉडी उन्हें लानी पड़ी। परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि जेल प्रबंधन ने स्पष्ट बात ना बताकर हमें गुमराह कर रहे है। हमें दुर्गेश की मौत का सही कारण नहीं बताया जा रहा है। पीएम की रिपोर्ट भी हमें नहीं दी गई है।
उन्होंने शासन एवं प्रशासन से इस मामले की पुन: जांच करने की मांग की और साथ ही परिवार का एक ही सहारा होने के कारण उसके सदस्य को नौकरी एवं मुआवजे की मांग की है। जिससे उनके परिवार का गुजर बसर हो सके। इस दौरान उपस्थित पुलिस बल एवं तहसीलदार के द्वारा ग्रामीणों को ***** जाम हटाने के लिए समझाइश दी गई परंतु ग्रामीण कैबिनेट मंत्री ओमकार मरकाम एवं कलेक्टर के आश्वासन पर ही चक्काजाम अलग करने की बात पर अड़े रहे। शाम को करीब 4 बजे कैबिनेट मंत्री ओमकार मरकाम के द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच करवाने के आश्वासन पर चक्काजाम समाप्त किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री द्वारा परिजनों को ४ लाख मुआवजा देने की घोषणा की गई है।
जेल प्रशासन के द्वारा हमें घटना की स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। जिसके कारण हमे शक है कि बात कुछ और ही है। जिसके लिए हम प्रशासन से पुन: जांच की मांग को लेकर एकत्रित हुए हैं।
सुनील वट्टे, मृतक का चाचा
जबलपुर से मृतक को परिजन अकेले ही लेकर आए हैं। एंबुलेंस के १५ सौ रुपए का भुगतान भी परिवार के लोगों ने किया। मृतक के परिवार को भरण पोषण के लिए मुआवजा राशि दिया जाना चाहिए।
चरण सिंह धुर्वे, ग्रामीण

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned