छाता लगाकर शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र

छाता लगाकर शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र
Villagers thirst of 10 million filter plant could not be extinguished

Rajkumar Yadav | Publish: Aug, 08 2019 10:28:36 AM (IST) Dindori, Dindori, Madhya Pradesh, India

प्राथमिक शाला के जर्जर भवन में संचालित हो रही हायर सेकेंडरी की कक्षायें

डिंडोरी. आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी जिले में शिक्षा व्यवस्था के हाल बेहाल है। कहने को तो प्रदेश के जनजाति कार्य विभाग के केबिनेट मंत्री ओमकार मरकाम का गृह जिला है पर उनके ही विधानसभा क्षेत्र करंजिया विकास खंड के हायर सेकेंडरी स्कूल उमरिया में पढऩे वाले छात्र छात्राओं को छाते के नीचे बैठ पढाई करने मजबूर होना पड़ रहा है। हालात ऐसे है की जिस कमरे में हायर सेकेंडरी की 11 वीं और 12 वीं की कक्षाएं संचालित हो रही हैं वह प्राथमिक शाला के पुराने जर्जर कमरे है। जिनकी छत से बारिश का पानी टपकता है और छात्र छत से टपकते पानी से बचने के लिए छाते लगा कर तालीम हासिल कर रहे हैं। पूरे कमरे में बारिश का पानी भर जाता है जिसके बाद छात्र बैठकर पढ़ाई करते हैं। छात्र टपकते पानी के साथ सीलन में दिन भर बैठे रहते हैं जिससे गंभीर बीमारियों का भय बना रहता है।
हादसे का अंदेशा
शाला के प्राचार्य का कहना है की शाला भवन हाई स्कूल के लिए बना हुआ है। जिसमे 9 वीं और 10 वीं की कक्षाएं लगाई जाती है। उनके बैठने और अन्य कार्य के लिए ही पर्याप्त जगह नहीं है। दो साल पूर्व हाई स्कूल का उन्नयन कर हायर सेकेंडरी की 11 और 12 वीं की कक्षाएं प्रारम्भ की गई है। जगह नहीं होने से प्राथमिक शाला के अतिरिक्त कमरों में कक्षाएं लगाई जा रही है। जहां हादसे का अंदेशा बना रहता है पर अन्य कोई वैकल्पिक व्यवस्था ना होने से मजबूरी में जर्जर भवन में अध्यापन कार्य कराया जा रहा है।
इनका कहना है ..
जर्जर भवन की जानकारी है, आवंटन नही आया है। जैसे ही आवंटन आता है भवन का कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।
अमर सिंह उइके, सहायक आयुक्त डिंडोरी

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