शिक्षिका ने सीएम हेल्पलाईन में शिकायत की तो कर दिया निलंबित

शिकायत वापस लेने सहायक आयुक्त पर दबाव बनाने का आरोप
कार्यालय में बुलाकर शिक्षिका को निलंबति करने दी गई थी धमकी
जिला कलेक्टर कार्यालय में शिकायत पर भी नहीं हुई कार्यवाही

By: Rajkumar yadav

Published: 19 Mar 2020, 04:37 PM IST

डिंडोरी. एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डिंडोरी में पदस्थ अधीक्षिका को सहायक आयुक्त द्वारा 16 मार्च को आदेश जारी कर निलंबित कर दिया गया है। जिसे लेकर शिक्षिका ने सहायक आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए है। शिक्षिका का आरोप है कि उसके द्वारा सीएम हेल्पलाईन में शिकायत की गई थी। जिसे वापस लेने उस पर दबाव बनाया जा रहा था। शिकायत वापस न लेने पर उसे निलंबित कर दिया गया है।
क्या है मामला
शिक्षिका मुक्ता चौकसे ने बताया कि वह माध्यमिक शाला पलकी में पदस्थ है व उसके पति पति जिला न्यायालय डिंडोरी में पदस्थ है । जिसके चलते उन्होने पति पत्नी समायोजन नियम अन्तर्गत अपना स्थानांतरण डिंडोरी में किए जाने हेतु ऑनलाइन आवेदन किया था। जिसपर कार्यवाही करते हुए सहायक आयुक्त कार्यालय द्वारा उनका स्थानांतरण डिंडोरी न करके गणेशपुर माध्यमिक शाला में कर दिया गया। जिसपर शिक्षिका ने स्थानीय विधायक और प्रभारी मंत्री द्वारा अनुमोदित सूची में कन्या आश्रम अंग्रेजी माध्यम डिंडोरी हेतु अपना नाम दिया गया किन्तु फिर भी उनका स्थानांतरण डिंडोरी न करते हुए सहायक आयुक्त कार्यालय द्वारा कोई भी उचित कार्यवाही नहीं की गइ। जिस पर उन्होने पूरे प्रकरण की शिकायत सी एम हेल्पलाइन में की थी। जबाब में एसी डिंडोरी ने कहा कि स्थानीय विधायक की अनुशंसा पर शिक्षिका का तबादला डिंडोरी किया गया था किन्तु अंग्रेजी माध्यम कन्या आश्रम में पद रिक्त नहीं होने से गणेशपुर में पदस्थ किया गया है। जबकि उक्त शाला में आज भी माध्यमिक शिक्षक का पद खाली बताया जाता है और वहां प्राथमिक शिक्षक 2 को पदस्थ्र किया गया है। इसके बाद भी अधिकारियों द्वारा सी एम हेल्पलाइन पर और जिला कलेक्टर को ग़लत जानकारी दी जाती रही है। इसके बाद सहायक आयुक्त द्वारा शिक्षिका को अस्थाई तौर पर एकलव्य आवासीय विद्यालय डिंडोरी में पदस्थ कर दिया गया और फिर उन पर दबाव बनाया जाने लगा कि वे सी एम हेल्पलाइन से अपनी शिकायत वापस ले ले।
कार्यालय बुलाकर दी धमकी
शिक्षिका का आरोप है कि उसे 12 मार्च को सहायक आयुक्त ने कार्यालय में बुलाकर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाते हुए निलंबित करने की धमकी दी गई थी। जिसकी लिखित जानकारी शिक्षिका ने 13 मार्च को जिला कलेक्टर कार्यालय में भी दी थी। उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं की गई और अंतत: सहायक आयुक्त द्वारा निलबित कर दिया गया।
इनका कहना है
शिक्षिका के द्वारा स्थानांतरण को लेकर सीएम हेल्पलाईन में शिकायत की गई थी। स्थानांतरण के लिए कोई पॉलिसी नहीं थी। जिस वजह से शिक्षिका से शिकायत वापस लेने की बात कही गई थी। शिकायत वापस न लेने की स्थिति में उन्हे निलंबित किया गया है।
डॉ अमर सिंह उइके, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग

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