किसानों को अपनी ही जमीन पर मजदूर बनाने का षडय़ंत्र रच रही है केंद्र की भाजपा सरकार

जिला कांग्रेस कमेटी ने लगाया आरोप

By: ayazuddin siddiqui

Published: 18 Oct 2020, 06:14 PM IST

डिंडोरी. देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं जवाहरलाल नेहरु ने कहा था सब कुछ इंतजार कर सकता है पर खेती नहीं । मोदी सरकार ने देश के किसान खेत और खलिहान के खिलाफ एक घिनौना षड्यंत्र किया है। केंद्र की भाजपा सरकार तीन काले कानूनों के माध्यम से देश की हरित क्रांति को हराने की साजिश कर रही हैं। देश का अन्नदाता वह भाग्य विधाता किसान तथा खेत मजदूर की मेहनत को चंद पूंजीपतियों के हाथों गिरवी रखने का षड्यंत्र किया जा रहा है । केंद्र सरकार के द्वारा पारित कराए गए तीनों कृषि विधेयक किसान विरोधी है। उक्त विचार शहपुरा विधायक भूपेद्र मरावी ने जिला कांग्रेस कमेटी सहायता केंद्र में विगत दिवस आयोजित कृषि विधेयक किसान विरोधी चर्चा पर व्यक्त किया। विधायक ने कहा कि अनाज मंडी, सब्जी मंडी यानी एपीएमसी को खत्म करने से कृषि उपज खरीद व्यवस्था पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। ऐसे में किसानों को ना तो न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी मिलेगा और ना ही बाजार भाव के अनुसार फसल की कीमत। अगर पूरे देश की कृषि उपज मंडी व्यवस्था ही खत्म हो गई तो इससे सबसे बड़ा नुकसान किसान खेत मजदूर को होगा। और सबसे बड़ा फायदा मुठ्ठी भर पूजीपतियों के हाथों में चला जाएगा। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष वीरेंद्र बिहारी शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार का दावा है कि अब किसान अपनी फसल देश में कहीं भी बेच सकता है। पूरी तरह से सफेद झूठ है।
आज भी किसान अपनी फसल किसी भी प्रांत में ले जाकर बेच सकता है । मंडी प्रणाली नष्ट होते ही सीधा प्रहार स्वाभाविक तौर से किसान पर होगा।मंडिया खत्म होते ही अनाज. सब्जी मंडी में काम करने वाले लाखों.करोड़ों मजदूरों, आढ़तियों, मुनीम, ढुलाईदारों, ट्रांसपोर्टरों, शेलर आदि की रोजी रोटी और आजीविका अपने आप खत्म हो जाएगी। किसान को खेत के नजदीक अनाज मंडी सब्जी मंडी में उचित दाम किसान के सामूहिक संगठन तथा मंडी में खरीदारों के आपस के कंपटीशन के आधार पर मिलता है। मंडी में पूर्व निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी किसान की फसल की मूल्य निर्धारण का बेंच मार्का है। अगर किसान की फसल को मुठ्ठी भर कंपनियां मंडी में सामूहिक खरीद की बजाए उसके खेत से खरीदेंगे तो फिर मूल्य निर्धारण एमएसपी वजन व कीमत की सामूहिक मोलभाव की शक्ति खत्म हो जाएगी। कृषि विधेयक पर चर्चा के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी महामंत्री बृजेंद्र दिक्षित, जिला उपाध्यक्ष आलोक शर्मा, किसान नेता गिरवर सिंह, रोहिणी पाराशर, जिला कांग्रेस कमेटी महामंत्री प्रकाश मिश्रा, जिला कांग्रेस कमेटी महामंत्री अकील अहमद सिद्दकी, जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष भीम अवधिया, राकेश ठाकुर, धननु वनवासी, रम्मू राव, गुलबसिया पूषाम सहित कांग्रेस पदाधिकारी एवं किसान उपस्थित थे।

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